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प्रश्न
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अपि भवती संस्कृतं पाठयति? (‘भवती’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
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उत्तर
अपि त्वं संस्कृतं पाठयसि?
संबंधित प्रश्न
सङ्ख्याः अक्षरैः/अङ्कंः लिखत
४९ - ______
समानार्थकशब्दान् / विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत ।
तुरगः = ______
सङ्ख्याः अक्षै :/अङ्कंः लिखत ।
पञ्चाशीतिः - ______
मञ्जूषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्क्रुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - त्वम्, मनसा, बाल्ये, कस्मै, गृहम्)
उद्याने ______ वृक्षाः सन्ति।
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
पृथुवैन्यस्य निःस्पृहतां ज्ञात्वा स्तुतिगायकाः प्रसन्नाः अभवन्। (पूर्वकालवाचक -त्वान्त-अव्ययं निष्कासयत।)
सन्धिविग्रह कुरुत।
पशुवज्जीवन्ति
पूर्वपदं लिखत।
मृगोऽब्रवीत् = ______ + अब्रवीत्।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
त्वं पादान्स्तब्धीकृत्य तिष्ठ। (‘त्वं’ स्थाने ‘भवान्’ योजयत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| धनधान्यपुष्पफलानि | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चोरलुण्ठकभयम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| प्रजाहितदक्षः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| भुजगयमिताः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| प्रयागक्षेत्रम् | ...... | ...... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
शिशिर-ऋतौ पद्यं व्यकसत्। (बहुवचने लिखत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
त्वया किं दृष्टम्? (वाच्य परिवर्तनं कुरुत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
अहं विस्तरेण पठितुम् इच्छामि। (वाक्यं लङ्लकारे परिवर्तयत।)
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | त्वचोः | ______ | षष्ठी |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| मुञ्चानि | ______ | ______ | उत्तमः | लोट् |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| कणादमुनिः | ..... | ..... |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
धेनुः वास्तविकी एव।
सर्वनाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| अस्य | ...... | ...... | षष्ठी |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
नक्राद् मुक्तः शङ्करः मातुः चरणौ प्राणमत्।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
यदा त्वं स्मरिष्यसि तदा एव त्वत्समीपमागमिष्यामि। (लकारं लिखत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सद्गुणसम्पत्तिः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| बालवीरचमूः | ..... | ..... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
पदवी अपि प्राप्ता मया। (प्रयोगपरिवर्तनं कुरुत।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| प्र + विश् (६ प.प.) | प्रविष्टः | ______ | ______ | प्रविशन् |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अल्पानामपि
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| महाकाव्यम् | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सर्वधर्माः | ...... | ...... |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| विद्युति | ______ | ______ | सप्तमी |
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
८०
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
९३
लकारं लिखत।
सः मृगं बन्धनात् व्यमुञ्चत्। = ......
लकारं लिखत।
स मूल्यं मह्यं दद्यात्। = .......
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
९०
