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कारण लिखिए :
लड़के ने सज्जन के दिए रुपये लौटाए - ______
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‘परिश्रम और स्वाभिमान से जिंदगी बिताने में आनंद की प्राप्ति होती है’ इसपर अपने विचार लिखिए।
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वक्तृत्व प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने के उपलक्ष्य में आपके मित्र/सहेली ने आपको बधाई पत्र भेजा है, उसे धन्यवाद देते हुए निम्न प्रारूप में पत्र लिखिए :
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दिनांक : ______ विषय विवेचन : ________________________________________________ ________________________________________________ ________________________________________________ ________________________________________________ तुम्हारा/तुम्हारी, |
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अपने प्रिय लेखक/कवि को पत्र लिखकर उनकी किसी रचना के बारे में अपना मत व्यक्त कीजिए।
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अपने विद्यालय के प्राचार्य को ग्रंथालय में हिंदी पूरक पठन के लिए आवश्यक पुस्तकों की सूची देते हुए, उन्हें उपलब्ध कराने हेतु विद्यार्थी प्रतिनिधि के नाते निम्न प्रारूप में अनुरोध पत्र लिखिए :
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दिनांक : __________________________________________ __________________________________________ __________________________________________ आपका/आपकी आज्ञाकारी, |
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अपूर्व/अपूर्वा जोशी, धर्मपेठ, नागपुर 440001 से अपने मित्र/सहेली भारत/भारती सहगल रावेत, पुणे-33 को पत्र लिखकर विद्यालय में मनाए गए 'वृक्षारोपण समारोह' की जानकारी देते हुए पत्र 'लिखता/लिखती है।
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सत्यकाम/सावित्री गर्ग, 52/5 शास्त्रीनगर, नागपुर से घरेलू औषधियाँ मँगवाने हेतु जय औषधि भंडार, औरंगाबाद को पत्र लिखता/लिखती है।
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निम्नलिखित अपठित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :
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निर्मम कुम्हार की थापी से कितने रूपों में कुटी-पिटी, |
(१) संजाल पूर्ण कीजिए :

(२) विधान के सामने सही अथवा गलत लिखिए :
१. हवा के आने से मिट्टी गल जाती है । - ______
२. पानी बरसने से मिट्टी उड़ जाती है । - ______
३. सूरज के दमकने पर मिट्टी ढल जाती है । - ______
४. मिट्टी कभी-कभी बिखर जाती है । - ______
(३) पद्य की प्रथम चार पंक्तियों का भावार्थ लिखिए ।
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निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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मुझे जोधपुर जाना था। बस आने में देरी थी। अतः बस स्टॉप पर बस के इंतजार में बैठा था। वहाँ बहुत से यात्रियों का जमघट लगा हुआ था। सभी बातों में मशगूल थे अतः अच्छा-खासा शोर हो रहा था। अचानक एक आवाज ने मेरा ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया। एक दस वर्षीय लड़का फटा-सा बैग लटकाए निवेदन कर रहा था - ‘‘बाबू जी, पॉलिश करा लो।’’ मेरे मना करने पर उसने विनीत मुद्रा में कहा - ‘‘बाबू जी, करा लो। जूते चमका दूँगा। अभी तक मेरी बोहनी नहीं हुई है।’’ मैं घर से जूते पॉलिश करके आया था अतः मैंने उसे स्पष्ट मना कर दिया। वह दूसरे यात्री के पास जाकर विनय करने लगा। मैं उसी ओर की देखने लगा। वह रह-रहकर यात्रियों से अनुनय-विनय कर रहा था- ‘‘बाबू जी, पॉलिश करा लो। जूते चमका दूँगा। अभी तक मेरी बोहनी नहीं हुई है।’’ मेरे पास ही एक सज्जन बैठे थे। वे भी उस लड़के को बड़े गौर से देख रहे थे। शायद उन्हें उसपर दया आई। उन्होंने उसे पुकारा तो वह प्रसन्न होकर उनके पास आया और वहीं बैठ गया। |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए: (2)

(2) कारण लिखिए: (2)
- लेखक का लड़के को मना करना - ______
- लड़के का प्रसन्न होना - ______
(3) ‘स्वावलंबन का महत्त्व’ इस विषय पर 30 से 40 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (3)
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निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:
राजेश/राधिका पांडे, गणेशनगर, औरंगाबाद से अपने मित्र/सहेली गणेश/गायत्री परदेशी, पूजा गार्डन, महात्मा गांधी रोड, नांदेड 431601 को अपने बड़े भाई के विवाह में आमंत्रित करते हुए पत्र लिखता/लिखती है।
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पूनम/पोषण ठाकरे, 117, इंद्रप्रस्थ निवास, अमरावती से नागपुर, गया नगर में रहने वाले अपने छोटे भाई अविनाश ठाकरे को राष्ट्रभाषा हिंदी परीक्षा में सम्मिलित होने हेतु मार्गदर्शन पर पत्र लिखती/लिखता है।
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कावेरी/कार्तिक पाटील, युवा नगर, लातूर से शिवाजी हिंदी विद्यालय के लिए खेल सामग्री मँगाने हेतु मा. व्यवस्थापक, कृष्णा स्पोर्ट्स, चिचवड, पुणे को पत्र लिखती/लिखता है।
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निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर उसपर आधारित ऐसे पाँच प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों :
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महर्षि कर्वे १०५ वर्ष तक जीवित रहे। जब देश भर में उनकी जन्म शताब्दी मनाई गई तो मुंबई की एक सभा में नेहरू जी ने कहा था, ‘‘आपके जीवन से प्रेरणा और स्फूर्ति प्राप्त होती है। आपका जीवन इस बात की बेमिसाल कहानी है कि एक मानव क्या कर सकता है । मैं आपको बधाई देने नहीं आया वरन आपसे आशीर्वाद लेने आया हूँ।’’ भारतरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा था, ‘‘डॉ. कर्वे का जीवन इस बात का ज्वलंत प्रमाण है कि दृढ़ धारणावाला साधारण व्यक्ति भी सर्वथा विपरीत परिस्थितियों में भी महान कार्य कर सकता है।’’ अण्णा साहब उन इक्के-दुक्के व्यक्तियों में से थे जो एक बार निश्चय कर लेने पर असाध्य कार्य को सिद्ध करने में लग जाते और उसे पूरा करके दिखा देते। भारत सदा से महान पुरुष रत्नों की खान रहा है और डॉ. कर्वे उन समाज सुधारकों में से थे जिन्होंने किसी सिद्धांत को पहले अपने जीवन में उतारकर उसे क्रियात्मक रूप दिया। हम प्रायः भाग्य को कोसा करते हैं और धन की कमी की शिकायत किया करते हैं परंतु यह उस व्यक्ति की कहानी है जो गरीब घर में पैदा हुआ, बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर स्वयं पढ़ाई की और इस अकेले व्यक्ति ने ‘भारतीय महिला विद्यापीठ’ की स्थापना की। |
प्रश्न :
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निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर ऐसे पाँच प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों:
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भारतीय वायु सेना की एक प्रशिक्षणार्थी डॉ. कु. गीता घोष ने उस दिन यह छलाँग लगाकर भारतीय महिलाओं की प्रगति के इतिहास में एक पन्ना और जोड़ दिया था डॉ. घोष पहली भारतीय महिला हैं, जिन्होंने वायुयान से छतरी द्वारा उतरने का साहसिक अभियान किया था। छतरी से उतरने का प्रशिक्षण पूरा करने के लिए हर छाताधारी को सात बार छतरी से उतरना पड़ता है। इनमें से पहली कूद तो रोमांचित होती ही है, वह कूद और भी रोमांचक होती है, जब उसे रात के अँधेरे में कहीं जंगल में अकेले उतरना होता है। डॉ. गीता न पहली कूद में घबराईं, न अन्य कूदों में और इसी प्रकार सातों कूदें उन्होंने सफलतापूर्वक पूरी कर लीं। प्रशिक्षण के दौरान उनका यह कथन कि “मैं चाहती हूँ, जल्दी ये कूदें खत्म हों और मैं पूर्ण सफल छाताधारी बन जाऊँ”, उनकी उमंग तथा उत्साह को प्रकट करता है। डॉ. गीता के अनुसार, उनकी डॉक्टरी शिक्षा भी इसी अभियान में काम आई। फिर लगन और नए क्षेत्र में प्रवेश का उत्साह हो तो कौन-सा काम कठिन रह जाता है। प्रशिक्षण से पूर्व तो उन्हें और भी कठिन परीक्षाओं के दौर से गुजरना पड़ा था। |
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निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर ऐसे पाँच प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों :
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परिच्छेद - २ भगिनी निवेदिता एक विदेशी महिला थीं, किंतु उन्होंने इस देश के नवोत्थान और भारतीय राष्ट्रीयता के विकास के लिए बहुत कुछ किया। जीवन के संबंध में उनका दृष्टिकोण बड़ा ही उदार था, समूचे संसार को वे एक ऐसी अविभाजनशील इकाई मानती थीं जिसका हर पहलू एक-दूसरे से संश्लिष्ट और अन्योन्याश्रयी है। लंदन में एक दिन स्वामी विवेकानंद के श्रीमुख से उनकी वक्तृता सुनकर इनमें अकस्मात परिवर्तन हुआ। २8 वर्षीय मिस मार्गरेट नोबुल, जो आयरिश थी, स्वामी जी की वाणी से इतनी अभिभूत हो उठीं कि भगिनी निवेदिता के रूप में उनका शिष्यत्व ग्रहण कर वह अपनी संवेदना, हृदय में उभरती असंख्य भाव-लहरियों को बाँध न सकी और भारत के साथ उनका घनिष्ठ रागात्मक संबंध कायम हो गया। ऐसा लगता था जैसे वह भारत की मिट्टी से उपजी हों या स्वर्ग दुहिता-सी अपने प्रकाश से यहाँ के अंधकार को दूर करने आई हों। ज्यों ही वे इधर आईं देशव्यापी पुनर्जागरण के साथ-साथ शिक्षा, धर्म और संस्कृति के क्षेत्र में उन्हें क्रांतिकारी परिवर्तन करने की आवश्यकता अनुभव हुई। |
प्रश्न :
१. ______
२. ______
३. ______
४. ______
५. ______
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निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए, जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों :
| एक बार भगवान बुदूध का एक प्रचारक घूम रहा था। उसे एक भिखारी मिला। वह प्रचारक उसे धर्म का उपदेश देने लगा। उस भिखारी ने उसकी तरफ ध्यान नहीं दिया। उसमें उसका मन ही नहीं लगता था। प्रचारक नाराज हुआ। बुदूध के पास जाकर बोला, "वहाँ एक भिखारी बैठा है, मैं उसे इतने अच्छे-अच्छे सिखावन दे रहा था, तो भी वह सुनतां ही नहीं।" बुदूध ने कहा, "उसे मेरे पास लाओ।" यह प्रचारक उसे बुदूध के पास ले गया। भगवान बुद्ध ने उसकी दशा देखीं। उन्होंने ताड़ लिया कि भिखारी तीन-चार दिनों से भूखा है। उन्होंने उसे पेट भरकर खिलाया और कहा, “अब जाओ।'' प्रचारक ने कहा, "आपने उसे खिला तो दिया, लेकिन उपदेश कुछ भी नहीं दिया।" भगवान बुदूध ने कहा, "आज उसके लिए अन्न हीं उपदेश था। आज उसे अन्न की सबसे ज्यादा जरूरत थी। वह उसे पहले देना चाहिए। अगर वह जिएगा तो कल सुनेगा।" |
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निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों:
| विख्यात गणितज्ञ सी. वी. रमन ने छात्रावस्था में ही विज्ञान के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का सिक्का देश में ही नहीं विदेशों में भी जमा
लिया था।
रमन का एक साथी छात्र ध्वनि के संबंध में कुछ प्रयोग कर रहा था। उसे कुछ कठनिाइयाँ प्रतीत हुईं, संदेह हुए। वह अपने अध्यापक जोन्स साहब के पास गया परंतु वह भी उसका संदेह निवारण न कर सके। रमन को पता चला तो उन्होंने उस समस्या का अध्ययन-मनन किया और इस संबंध में उस समय के प्रसिद्ध लॉर्ड रेले के निबंध पढ़े और उस समस्या का एक नया ही हल खोज निकाला। यह हल पहले हल से सरल और अच्छा था। लाॅर्ड रेले को इस बात का पता चला तो उन्होंने रमन की प्रतिभा की भूरि-भूरि प्रशंसा की। अध्यापक जोन्स भी प्रसन्न हुए और उन्होंने रमन से इस प्रयोग के संबंध में लेख लिखने को कहा।
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निम्नलिखित वाक्य में आए अव्ययों को रेखांकित कीजिए और कोष्ठक में उनके भेद लिखिए :
लड़का मेरे पास बैठा और धीरे-धीरे बातें करने लगा।(______), (______)
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निम्नलिखित वाक्य में आए अव्ययों को रेखांकित कीजिए और कोष्ठक में उनके भेद लिखिए :
‘अरे पुत्तर !’ बूढ़ा इतना ही बोल पाया कि उर्मि का मोबाइल बज उठा।(______), (______)
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