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प्रश्न
निम्नलिखित अपठित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :
|
निर्मम कुम्हार की थापी से कितने रूपों में कुटी-पिटी, |
(१) संजाल पूर्ण कीजिए :

(२) विधान के सामने सही अथवा गलत लिखिए :
१. हवा के आने से मिट्टी गल जाती है । - ______
२. पानी बरसने से मिट्टी उड़ जाती है । - ______
३. सूरज के दमकने पर मिट्टी ढल जाती है । - ______
४. मिट्टी कभी-कभी बिखर जाती है । - ______
(३) पद्य की प्रथम चार पंक्तियों का भावार्थ लिखिए ।
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उत्तर
(१)

(२)
१. हवा के आने से मिट्टी गल जाती है । - गलत
२. पानी बरसने से मिट्टी उड़ जाती है । - गलत
३. सूरज के दमकने पर मिट्टी ढल जाती है । - गलत
४. मिट्टी कभी-कभी बिखर जाती है । - सही
(३)
निर्मम कुम्हार की थापी से कितने रूपों में कुटी-पिटी,
हर बार बिखेरी गई किंतु मिट्टी फिर भी तो नहीं मिटी ।
आशा में निश्छल पल जाए, छलना में पड़कर छल जाए,
सूरज दमके तो तप जाए, रजनी ठुमके तो ढल जाए,
भावार्थ: कविता का मूल भाव यह है कि मिट्टी अविनाशी है। निर्दयी कुम्हार की थापी से बार-बार कुटती-पिटती रही। उसे तोड़ा-फोड़ा गया। उसे यहाँ-वहाँ फेंका गया। छनने, सुखाने, तपाने, ढलने के बाद भी अपना अस्तित्व बचाए रख सकी। इन विपरीत परिस्थितियों में भी मिट्टी को कोई मिटा नहीं पाया।
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संबंधित प्रश्न
सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए
काम जरा लेकर देखो, सख्त बात से नहीं स्नेह से
अपने अंतर का नेह अरे, तुम उसे जरा देकर देखो ।
कितने भी गहरे रहें गर्त, हर जगह प्यार जा सकता है,
कितना भी भ्रष्ट जमाना हो, हर समय प्यार भा सकता है ।
जो गिरे हुए को उठा सके, इससे प्यारा कुछ जतन नहीं,
दे प्यार उठा पाए न जिसे, इतना गहरा कुछ पतन नहीं ।।
(भवानी प्रसाद मिश्र)
अ) उत्तर लिखिए :
- किसी से काम करवाने के लिए उपयुक्त - ______
- हर समय अच्छी लगने वाली बात - ______
आ) उत्तर लिखिए :
- अच्छा प्रयत्न यही है - ______
- यही अधोगति है - ______
इ) पद्यांश की तीसरी और चौथी पंक्ति का संदेश लिखिए ।
निम्नलिखित पदयांश के आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए-
|
सच हम नहीं, सच तुम नहीं, सच है महज़ संघर्ष ही।। ऐसा करो जिससे न प्राणों में कहीं जड़ता रहे।जो है जहाँ चुपचाप अपने आप से लड़ता रहे। अपने हृदय का सत्य अपने आप हमको खोजना। |
- इस कविता के केंद्रीय भाव हेतु दिए गए कथनों को पढ़कर सबसे सही विकल्प चुनिए-
कथन
(i) प्रतिकूलता के विरुद्ध जूझते हुए बढ़ना ही जीवन की सच्चाई है।
(ii) परिस्थितियों से समझौता करके जोखिमों से बचना ही उचित है।
(iii) लक्ष्य-संधान हेतु मार्ग में भटक जाने का भय त्याग देना चाहिए।
(iv) जीवन में 'अपने छाले, ख़ुद सहलाने' का दर्शन अपनाना चाहिए।
विकल्प
(क) कथन ii सही है।
(ख) कथन i व iii सही हैं।
(ग) कथन i, iii व iv सही हैं।
(घ) कथन i, ii, iii व iv सही हैं। - मरण अर्थात मृत्यु को जीतने का आशय है-
(क) साधुता व साधना से अमरत्व प्राप्त करना।
(ख) योगाध्यास व जिजीविषा से दीर्घायु हो जाना।
(ग) अर्थ, बल व दृढ़ इच्छाशक्ति से जीवन को कष्टमुक्त करना।
(घ) जीवन व जीवन के बाद भी आदर्श रूप में स्मरण किया जाना। - 'आकाश सुख देगा नहीं, धरती पसीजी है कहीं...' का अर्थ है कि-
(क) आकाश और धरती दोनों में संवेदनशीलता नहीं है।
(ख) ईश्वर उदार है, अतः वही सुख देता है, वही पसीजता है।
(ग) जुझारू बनकर स्वयं ही जीवन के दुख दूर किए जा सकते हैं।
(घ) सामूहिक प्रयत्नों से ही संकट की स्थिति से निकला जा सकता है। - अपने आप से लड़ने का अर्थ है-
(क) अपनी अच्छाइयों व बुराइयों से भलीभाँति परिचित होना।
(ख) किसी मुद्दे पर दिल और दिमाग़ का अलग-अलग सोचना।
(ग) अपने किसी ग़लत निर्णय के लिए स्वयं को संतुष्ट कर लेना।
(घ) अपनी दुर्बलताओं की अनदेखी न करके उन्हें दृढ़ता से दूर करना। - युवावस्था हमें सिखाती है कि-
कथन पढ़कर सही विकल्प का चयन कीजिए-
कथन
(i) स्वयं को चैतन्य, गतिशील, आत्मआलोचक व आशावादी बनाए रखें।
(ii) सजग रहें; जीवन में कभी कठिन परिस्थितियाँ उत्पन्न ही न होने दें।
(iii) सुख-दुख, उतार-चढ़ाव को भाग्यवादी बनकर स्वीकार करना सीखें।
(iv) प्रतिकूल परिस्थितियों के आगे घुटने न टेकें; बल्कि दो-दो हाथ करें।
विकल्प
(क) कथन i व ii सही हैं।
(ख) कथन i व iv सही हैं।
(ग) कथन ii व iii सही हैं।
(घ) कथन iii व iv सही हैं।
निम्नलिखित पदयांश के आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए-
|
'फ़सल' किसान के कच्चे-अधपके |
- फ़सल को किसानों के कच्चे-अधपके सपनों की लहलहाती आस कहने का कारण है - कथन पढ़कर सही विकल्प का चयन कीजिए -
कथन
(i) फ़सल देखकर बैंकों से सस्ते ब्याज पर ऋण सरलता से मिल जाना
(ii) फ़सल से किसान के स्वप्नों की संबद्धता और भावात्मक लगाव होना
(iii) फ़सल से जुड़े निराई, सिंचाई, कटाई, गहाई, भंडारण आदि के सपने देखना
(iv) फ़सल से ही जीवन की ज़रूरी इच्छाओं के साकार होने की संभावना जुड़ी होना
विकल्प
(क) कथन i व ii सही हैं।
(ख) कथन ii व iii सही हैं।
(ग) कथन ii व iv सही हैं।
(घ) कथन iii व iv सही हैं। - किसान के हृदय की गहराइयों में अंकुरित हुए विश्वास की परिधि में आते हैं -
(क) कुछ पाकर सामाजिक कार्य करने की इच्छाएँ
(ख) अति आवश्यक कार्य एवं मन के भावात्मक सपने
(ग) आधुनिक कृषि यंत्र आदि जुटा लेने की अभिलाषाएँ
(घ) कठिन समय के लिए कुछ बचाकर रखने की योजनाएँ - 'दुआएँ प्रेषित करता है ऊपर तक' का आशय है -
(क) ईश्वर को प्रसन्न करने के लिए व्रत-उपवास रखना
(ख) सामूहिक यज्ञ करके फ़सल की कुशलता की कामना करना
(ग) फ़सल की कुशलता हेतु मन ही मन ईश्वर से प्रार्थना करना
(घ) निवेदन को ग्राम्य विकास से जुड़े अधिकारियों तक पहुँचाना - 'भरोसे और आशंका की रस्साकशी में' पंक्ति के आधार पर किसान की मनोदशा से जुड़ा सही विकल्प है -
(क) ईश्वर पर अटूट विश्वास कि वे फ़सल को कोई हानि नहीं होने देंगे
(ख) ईश्वर पर विश्वास, किंतु फ़सल की कुशलता को लेकर मन आशंकित रहना
(ग) परिश्रम पर पूर्ण विश्वास, किंतु 'भाग्य में क्या लिखा है' इससे सदा आशंकित रहना
(घ) स्वयं पर भरोसा करना, किंतु प्राकृतिक आपदाओं की आशंका से सदैव भयभीत बने रहना - कथन (A) और कारण (R) को पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनिए-
कथन (A) - किसान अपनी फ़सल के साथ भावात्मक रूप से जुड़ा होता है।
कारण (R) - व्यवसाय और व्यवसायी के बीच ऐसे संबंध स्वाभाविक हैं।
(क) कथन (A) गलत है, किंतु कारण (R) सही है।
(ख) कथन (A) और कारण (R) दोनों ही गलत हैं।
(ग) कथन (A) सही है और कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या है।
(घ) कथन (A) सही है, किंतु कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।
नीचे अपठित काव्यांश दिए गए है उस काव्यांश पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए।
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अब मैं सूरज को नहीं डूबने दूँगा। घबराओ मत अब मैं सूरज को नहीं डूबने दूँगा। रथ के घोड़े सूरज जाएगा भी तो कहाँ |
(1) इन पंक्तियों में कवि का निश्चय प्रकट होता है कि वह - (1)
(क) पहाड़ी क्षेत्र में जाकर रहेगा
(ख) अपने लक्ष्य को पाकर रहेगा
(ग) प्रकृति के उपादानों से प्रेरित है
(घ) जीवन की उहापोह में उलझा है
(2) कवि का तैयार होना दर्शाता है कि वह - (1)
(क) शारीरिक एवं मानसिक रूप से तैयार है।
(ख) दुनिया से लड़ने का साहस रखता है।
(ग) नकारात्मक प्रभाव से बचाव चाहता है।
(घ) निरंतर कर्मरत एवं उपेक्षित रहता है।
(3) ‘घबराओ मत, मैं क्षितिज पर जा रहा हूँ।’ पंक्ति का भाव है - (1)
(क) पाठक के लिए सहृदयता
(ख) सूर्य के लिए अटूट श्रद्धा
(ग) पर्वतारोहण के लिए प्रयासरत
(घ) प्राप्य को पाने के लिए सावधान
(4) सूरज द्वारा लोगों के जीवन में सुख, समृद्धि एवं प्रकाश का आगमन होता है। यह कथन दर्शाता है कि सूरज है - (1)
(क) चित्रात्मक
(ख) प्रतीकात्मक
(ग) प्रयोगात्मक
(घ) वर्णनात्मक
(5) ‘सूरज जाएगा भी तो कहाँ उसे यहीं रहना होगा।’ कथन दर्शाता है - (1)
(क) विवशता
(ख) स्थायित्व
(ग) आत्मबोध
(घ) दृढ़निश्चय
(6) कविता का संदेश क्या है? (1)
(क) अनुकूल परिस्थितियों में स्थिरता रखना
(ख) प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करना
(ग) उद्देश्य प्राप्ति के लिए दृढ़ संकल्पित रहना
(घ) सूर्यास्त से पूर्व कार्यों का समापन करना
(7) निम्नलिखित कथन कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए - (1)
कथन (A): तुम जो साहस की मूर्ति हो, तुम जो धरती का सुख हो।
कारण (R): कवि स्वयं को साहस की मूर्ति मानता है, जो धरती के जीवों के लिए सुखद परिस्थितियाँ उत्पन्न कर सकता है।
(क) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
(ख) कथन (A) गलत है लेकिन कारण (R) सही है।
(ग) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत हैं।
(घ) कथन (A) सही है लेकिन कारण (R) उसकी गलत व्याख्या करता है।
(8) कवि के संबंध में इनमें से सही है कि वह - (1)
(क) सत्य की खोज करता है
(ख) भावुक प्रवृत्ति का है
(ग) लघुता का जानकार है
(घ) अदम्य साहस का धनी है
निम्नलिखित पद्यांश से संबंधित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प-चयन द्वारा दीजिए।
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चिड़िया को लाख समझाओ यूँ तो बाहर समुद्र है, नदी है, झरना है, |
(i) पिंजड़े के भीतर चिड़िया को क्या-क्या सुविधाएँ उपलब्ध हैं? (1)
(क) खाने की स्वतंत्रता, सम्मान और स्नेह
(ख) नीर, कनक, आवास और सुरक्षा
(ग) प्यार, पुरस्कार, भोजन और हवा
(घ) निश्चितता, निर्भयता, नियम और नीरसता
(ii) बाहर सुखों का अभाव और प्राणों का संकट होने पर भी चिड़िया मुक्ति ही क्यों चाहती है? (1)
(क) वह अपने परिवार से मिलना चाहती है।
(ख) वह आज़ाद जीवन जीना पसंद करती है।
(ग) वह जीवन से मुक्ति चाहती है।
(घ) वह लंबी उड़ान भरना चाहती है।
(iii) चिड़िया के समक्ष धरती को निर्मम बताने का मंतव्य है - (1)
(क) भयावह स्थिति उत्पन्न करना
(ख) छोटे जीव के प्रति दया भाव
(ग) बहेलिये से बचाव की प्रेरणा
(घ) जीवनोपयोगी वस्तुएँ जुटाने का संघर्ष दर्शाना
(iv) पद्यांश का मूल प्रतिपाद्य क्या है? (1)
(क) पिंजरे में रखने वालों को सही राह दिखाना
(ख) पिंजरे के भीतर और बाहर की दुनिया दिखाना
(ग) पिंजरे के पक्षी की उड़ान और दर्द से परिचित कराना
(घ) पिंजरे के पक्षी के माध्यम से स्वतंत्रता का महत्त्व बताना
(v) कवि के संबंध में इनमें से सही है कि वह - (1)
(क) प्रकृति के प्रति सचेत हैं
(ख) चिड़िया की सुरक्षा चाहते हैं
(ग) आज़ादी के समर्थक हैं
(घ) अन्न-जल की उपयोगिता बताते हैं
निम्नलिखित पद्यांश से संबंधित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प-चयन द्वारा दीजिए।
|
हैं जन्म लेते जगह में एक ही, मेह उन पर है बरसता एक-सा, छेदकर काँटा किसी की उंगलियाँ, फूल लेकर तितलियों को गोद में है खटकता एक सबकी आँख में |
(i) प्रस्तुत काव्यांश किससे संबंधित है? (1)
(क) फूल और तितलियों से
(ख) फल और पौधे से
(ग) पौधे और चाँदनी से
(घ) बड़प्पन की पहचान से
(ii) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए - (1)
(I) सद्गुणों के कारण ही मानुस प्रेम का पात्र बनता है।
(II) परिवेशगत समानता सदैव अव्यवस्था को जन्म देती है।
(III) भौगोलिक परिस्थितियाँ प्राकृतिक भिन्नता का कारण हैं।
उपरिलिखित कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
(क) केवल I
(ख) केवल III
(ग) I और II
(घ) II और III
(iii) इस काव्यांश से हमें क्या सीख मिलती है? (1)
(क) मनुष्य के कर्म उसे प्रसिद्धि दिलाते हैं।
(ख) समान परिवेश में रहते हुए मनुष्य समान आदर पाते हैं।
(ग) किसी भी कुल में जन्म लेने से ही मनुष्य बड़ा हो सकता है।
(घ) समान पालन-पोषण होने पर अलग व्यक्तियों के स्वभाव समान होते हैं।
(iv) ‘फाड़ देता है किसी का वर वसन’ में ‘वसन’ शब्द का अर्थ है - (1)
(क) व्यसन
(ख) वस्त्र
(ग) वास
(घ) वासना
(v) कवितानुसार फूल निम्न में से कौन-सा कार्य नहीं करता? (1)
(क) भँवरों को अपना रस पिलाता है।
(ख) तितलियों को अपनी गोद में खिलाता है।
(ग) फल बनकर पशु-पक्षियों और मनुष्यों का पेट भरता है।
(घ) सुरों के शीश पर सोहता है।
निम्नलिखित पद्यांश में से बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए-
|
भले ही अँधेरा घिरे हर दिशा से, जरा भी उचित और अनुचित नहीं कुछ। |
- कवि को विश्वास है कि-
- वह अंधकार को उजाले में बदलेगा।
- वह पुराने को नए में बदलेगा।
- वह रात को शाम में बदलेगा।
- वह दुःख को सुख में बदलेगा।
- जीवन-मूल्यों के कमज़ोर पड़ने का कारण है-
- अंधी दौड़।
- वैज्ञानिक दौड़।
- विदेश की दौड़।
- आर्थिक दौड़।
- भारत की किस विशेषता पर पूरा विश्व गर्व करेगा?
- अहिंसक प्रवृत्ति
- वैज्ञानिक प्रगति
- ऐतिहासिक ज्ञान
- एकता की भावना
- 'किसी का अंधानुकरण न करके अपने लिए सही मार्ग का चयन करेंगे'- यह भाव कविता की किन पंक्तियों में आया है?
- भले ही अँधेरा घिरे हर दिशा से,
मगर हम नया भोर लाकर रहेंगे। - घृणा-स्वार्थ के इस कठिन संक्रमण में,
सुनो हम नया दौर लाकर रहेंगे। - भले ही किसी राह जाए जमाना,
मगर हम सही राह थामे रहेंगे। - मगर बात इतनी सुनो विश्व वालो,
इसी रोशनी में कभी हम बहेंगे।
- भले ही अँधेरा घिरे हर दिशा से,
- “कठिन दुर्ग पाखण्ड के सब ढहेंगे'- काव्य पंक्ति का आशय है-
- समाज से भेदभाव का नाश होगा।
- लोगों में स्वार्थ भावना का अंत होगा।
- समाज से आडंबरों का नाश होगा।
- अंधविश्वास रूपी किलों का पतन होगा।
निम्नलिखित पद्यांश में से बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए-
|
सुनता हूँ, मैंने भी देखा, |
- 'काले बादल' और 'चाँदी की रेखा' किनका प्रतीक हैं? इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए नीचे दिए प्रतीकों को पढ़कर उचित विकल्प का चयनकर लिखिए।
(a) विपत्तियाँ
(b) कालिमा
(c) आशा की किरण
(d) बिजली
विकल्प-
I. (a, b)
II. (c, d)
III. (a, c)
IV. (b, d) - स्वतंत्रता प्राप्ति के मार्ग में किस प्रकार के बादल छाए हुए हैं? नीचे दिए गए कारकों को पढ़कर इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए उचित विकल्प का चयन कर लिखिए।
(a) जाति द्वेष के
(b) घनघोर-घटाओं के
(c) परस्पर वैमनस्य के
(d) वैश्विक अशांति के
विकल्प-
I. (a, b)
II. (b, c)
III. (c, d)
IV. (a, d) -
कैसे वातावरण में आशा की किरण छिप जाती है? नीचे दिए कारकों को पढ़कर इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए उचित विकल्प का चयन कर लिखिए।
(a) जब तेज वर्षा हो
(b) जब मन निराशा से भयभीत हो
(c) जब षड्यंत्र रचे जा रहे हों
(d) जब बादल न छाए हों
विकल्प-
I. (a, b)
II. (b, c)
III. (c, d)
IV. (a, d) - मोर-मोरनी द्वारा आँगन में नृत्य प्रस्तुत करने से क्या अभिप्राय है?
- उन दोनों का प्रसन्न होकर नृत्य करना।
- निराशा के बादल छँटने लगे, खुशियों ने दस्तक दे दी है।
- दोनों नृत्य कर बादलों को बरसने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
- मोर सुहावने मौसम का आनंद ले रहे हैं।
-
'चाँदी की रेखा' को 'सोने की रेखा' में कब बदला जा सकता है?
- देश-जातियों की एकता होने पर
- काले बादलों के दूर होने पर
- बादलों में सूर्य के छिपने पर
- मृत्यु से भयभीत न होने पर
निम्नलिखित पद्यांश में से बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए -
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सूरज के ताप में कहीं कोई कमी नहीं दरअसल पानी से होकर देखो |
-
'दुनिया में करुणा की कमी पड़ गई है' - पंक्ति का आशय है -
- वातावरण में शीतलता नहीं है।
- जल की निर्मलता समाप्त हो गई है।
- लोगों में संवेदना समाप्त हो गई है।
- लोगों में क्रूरता बढ़ गई है।
- 'करुणा कि बर्फ पिघल नहीं रही' - पंक्ति में 'बर्फ़ पिघल नहीं रही' का क्या अभिप्राय है?
- लोग स्वार्थ में आत्मकेन्द्रित हो गए हैं।
- लोग दूसरों के दुःखों से द्रवीभूत नहीं हो रहे हैं।
- लोगों के हदय की पवित्रता समाप्त हो गई है।
- लोग एक-दूसरे से सहमत नहीं हो रहे हैं।
- 'दूसरों के दुःख-दर्द के प्रति सहानुभूति दिखाने वाले लोग नहीं हैं' - इस भाव को व्यक्त करने वाली पंक्ति है -
- कहीं पानी का कोई ऐसा पारदर्शी टुकड़ा नहीं।
- सूरज के ताप में कहीं कोई कमी नहीं।
- लेकिन हवा और पानी में ज़रूर कुछ ऐसा हुआ है।
- वरना कोरी आँखों से कौन कितना देख पाता है।
- 'सूरज के ताप में कहीं कोई कमी नहीं, न चंद्रमा की ठंडक में' - पंक्ति के माध्यम से कवि कहना चाहते हैं -
- सूर्य की ऊर्जा में गर्मी की कमी नहीं है।
- चंद्रमा की चाँदनी में कोई कमी नहीं है।
- सूर्य और चंद्रमा के दैनिक क्रिया-कलापों में कोई परिवर्तन नहीं है?
- प्राकृतिक उपादानों में सहज करुणा की भावना है।
- इस समय समस्त विश्व को आवश्यकता है -
- स्वच्छ हवा
- स्वच्छ पानी
- परोपकार
- करुणा
दिए गए पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए:
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कुश्ती कोई भी लड़े बहुत गहरा है रिश्ता ढोल ख़ामोश है ख़ामोश ढोल को |
- ढोल बजाता है सिमरू ही - पंक्ति में 'ही' क्या इंगित करता है? 1
- आदत
- महत्त्व
- आडंबर
- प्रेम
- कुश्ती में जोश कब भर आता है? 1
- जब हारता हुआ पहलवान जीतने लगता है।
- जब दोनों पहलवान बराबर की टक्कर वाले होते है।
- जब फ़ाइनल कुश्ती द्वारा राष्ट्रीय विजेता तय होता है।
- जब सिमरू द्वारा ढ़ोल बजाया जाता है।
- माटी द्वारा अच्छे-बुरे को स्वीकारने का क्या तात्पर्य है? 1
- माटी सबको जीतने का समान अवसर देती है।
- माटी का न्याय सबको स्वीकार्य होता है।
- अंत में अच्छे-बुरे सभी माटी में मिल जाते हैं।
- माटी की गोद में अच्छे-बुरे सभी पलते हैं।
- ढोल तथा अखाड़े की माटी में क्या समानता बताई गई है? 1
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए -
कथन (I): दोनों को उपयोग करने से पहले तैयार करना होता है।
कथन (II): दोनों में श्रम की आवश्यकता होती है।
कथन (III): दोनों का प्रयोग कर लोग अपनी कला सिद्ध करते है।
कथन (IV): दोनों की परिवर्तन में भूमिका होती है।
निम्नलिखित विकल्पों पर विचार कीजिए तथा सही विकल्प चुनकर लिखिए।
विकल्प:- केवल कथन (III) सही है।
- केवल कथन (IV) सही है।
- केवल कथन (II) और (III) सही हैं।
- केवल कथन (I) और (IV) सही हैं।
- कॉलम 1 को कॉलम 2 से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प चुनकर लिखिए। 1
कॉलम 1 कॉलम 2 1 सिमरू (i) श्रमजीवी वर्ग 2 ढोल (ii) सामाजिक भूमि 3 अखाड़ा (iii) परिश्रम
- 1 - (iii), 2 - (i), 3 - (ii)
- 1 - (i), 2 - (iii), 3 - (ii)
- 1 - (i), 2 - (ii), 3 - (iii)
- 1 - (ii), 2 - (i), 3 - (iii)
