Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर उसपर आधारित ऐसे पाँच प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों :
|
महर्षि कर्वे १०५ वर्ष तक जीवित रहे। जब देश भर में उनकी जन्म शताब्दी मनाई गई तो मुंबई की एक सभा में नेहरू जी ने कहा था, ‘‘आपके जीवन से प्रेरणा और स्फूर्ति प्राप्त होती है। आपका जीवन इस बात की बेमिसाल कहानी है कि एक मानव क्या कर सकता है । मैं आपको बधाई देने नहीं आया वरन आपसे आशीर्वाद लेने आया हूँ।’’ भारतरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा था, ‘‘डॉ. कर्वे का जीवन इस बात का ज्वलंत प्रमाण है कि दृढ़ धारणावाला साधारण व्यक्ति भी सर्वथा विपरीत परिस्थितियों में भी महान कार्य कर सकता है।’’ अण्णा साहब उन इक्के-दुक्के व्यक्तियों में से थे जो एक बार निश्चय कर लेने पर असाध्य कार्य को सिद्ध करने में लग जाते और उसे पूरा करके दिखा देते। भारत सदा से महान पुरुष रत्नों की खान रहा है और डॉ. कर्वे उन समाज सुधारकों में से थे जिन्होंने किसी सिद्धांत को पहले अपने जीवन में उतारकर उसे क्रियात्मक रूप दिया। हम प्रायः भाग्य को कोसा करते हैं और धन की कमी की शिकायत किया करते हैं परंतु यह उस व्यक्ति की कहानी है जो गरीब घर में पैदा हुआ, बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर स्वयं पढ़ाई की और इस अकेले व्यक्ति ने ‘भारतीय महिला विद्यापीठ’ की स्थापना की। |
प्रश्न :
- ______
- ______
- ______
- ______
- ______
Advertisements
उत्तर
प्रश्न :
- महर्षि कर्वे कितने वर्षों तक जीवित रहे?
- महर्षि कर्वे के विषय में पंडित नेहरूजी ने क्या कहा था?
- महर्षि कर्वे के विषय में डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने क्या कहा था?
- डॉ. कर्वे की गणना किन समाज सुधारकों में की जाती है?
- डॉ. कर्वे ने किस विद्यापीठ की स्थापना की?
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों:
'तविषा अपराध-बोध से भरी हुई थी। मांडवी दी से उसने अपना संशय बाँटा। चावल की टंकी में घुन हो रहे थे। उस सुबह उसने मारने के लिए डाबर की पारे की गोलियों की शीशी खोली थी चावलों में डालने के लिए । शीशी का ढक्कन मरोड़कर जैसे ही उसने ढक्कन खोलना चाहा, कुछ गोलियाँ छिटककर दूर जा गिरीं । गोलियाँ बटोर उसने टंकी में डाल दीथीं। फिर भी उसे शक है कि एकाध गोली ओने-कोने में छूट गई होगी।
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों।
| नारियल की खेती हमारे देश में लगभग एक करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करती है। देश के चार दक्षिणी प्रदेश केरल, कर्नाटक,तमिलनाडु और आस्थ्र प्रदेश में नारियल की सघन खेती की जाती है। देश का 90 प्रतिशत तक नारियल यहीं से प्राप्त किया जाता है। यहनमकीन मिट्टी में समुद्र के किनारे उगाया जाता है। जब नारियल कच्चा और हरा होता है, तब इसमें पानी भरा होता हैं। यह नारियल-नीपौष्टिक एवं स्वास्थ्यवर्धक होता है। गरमी के मौसम में नारियल-पानी पीकर हम अपनी प्यास बुझाते हैं। जब नारियल पकता है, तो इसकेअंदर से सफेद नारियल का फल प्राप्त होता है। यह पूजा में काम आता है। सफेद नारियल हम कच्चा भी खाते हैं, मिठाई और कई पकवानबनाने में भी इस्तेमाल करते हैं। नारियल के रेशों से गददे, थैले तथा और भी कई प्रकार की उपयोगी चीजें बनाई जाती हैं। |
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों -
| मुम्बई में सरयु नाम का एक नाई रहता था। उसे धन की बहुत तगी थी। उसने भगवान शकर को आराधना को। भगवान महादेव उसकी तपस्या से बहुत प्रसन्न हुए, उन्होंने उससे पूछा-वत्स ! तुम्हें क्या चाहिये ? नाई ने कहा- “भगवान, मुझे अमीर बना दो।” भगवान बोले तथास्तु ! तुम जिस चीज को छुओगे, वही स्वर्ण हो जाएगा। नाई ने सुबह-सुबह अपनी पत्नी को छू लिया, वह तुरंत स्वर्ण हो गयी। |
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों।
| आज के युग में विद्यार्थी उस प्रकार अपने गुरु का सान्निध्य नहीं पाता, स्नेह तथा वात्सल्य नहीं पाता, जैसा प्राचीन काल में पाता था और निर्देश देने के लिए भी गुरु के पास कुछ नहीं है। आज की स्थिति सुखद नहीं है। हमारे विद्यार्थी कहाँ जाएँगे, क्या करेंगे-हम नहीं जानते। अध्यापकों ने, जो बन सका आपको योग्यता दी । आप अपना कर्म क्षेत्र बना सकते हैं, लेकिन एक बात आज भी हम देंगे। वह जो यज्ञ की ज्वाला हुआ करती थी, उसके प्रतीक रूप में आपके हृदय में हम वह ज्वाला जगा देना चाहते हैं जो जीवन की होती है, जो वास्तव में जीवन को गढ़ती है, नया जीवन देती है। वह ज्ञान की ज्वाला हम अपनी समस्त शुभकामनाओं के साथ, आज भी आपको दे सकते हैं। हमारा अत्यंत प्राचीन देश है और हमारी संस्कृति भी अत्यंत प्राचीन है। प्राचीन संस्कृति वाले देशों के सामने समस्याएँ कुछ दूसरी हुआ करती हैं। जिनकी संभाव्यता कुछ ही युगों की है, कुछ ही वर्षों की है, नवीन है, उनके पास बहुत कुछ खाने बदलने को नहीं है और खाने बदलने से उनकी कुछ हानि भी नहीं होती। |
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए जिसके उत्तर पद्यांश में एक-एक वाक्य में हों।
| एक दिन राजा अचानक बीमार पड़ गए और उनकी तबीयत खराब होने लगी। महामंत्री ने वैद्य जी को दिखाया तो वैद्य जी कहने लगे कि राजा को अगर मैं सच बता दूँ तो वह मुझे सजा दे देगा। मंत्री ने पूछा “क्या बात है?” तब वैद्य ने कहा कि राजा शारीरिक रूप से काम नहीं करता है इसलिए बीमार रहता है। मंत्री ने राजा को इस बात की जानकारी दी। राजा अब किसान के रूप में काम करने लगा। थोड़े ही दिनों में वह स्वस्थ और प्रसन्न रहने लगा। उसने मंत्री को इस खुशी में इनाम दिया। |
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों -
| सफलता या असफलता जीवन के दो पहलू हैं। व्यक्ति जैसा कर्म करता है, उसी के अनुसार उसे फल मिलता है। मेहनतकश इंसान जीवन कों सफल बना सकता है। आलसी व्यक्ति इस पृथ्वी पर एक बोझ की तरह होता है। अत: 'व्यंक्ति को सदा कर्म पर ही ध्यान देना चाहिए। अच्छे कर्म से व्यक्ति को परम आनन्द की प्राप्ति होती है। ऐसे व्यक्ति परोपकारी होते हैं। समाज में परोधकारी व्यक्ति को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। |
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों -
| पिता जी ने धोती ऊपर कर ली, कुरते की बाँहें चढ़ा लीं और अपना पहाड़ी मोंटा डंडा दाहिने हाथ से कंधे पर सँभाले, बायाँ हाथ तेजी से हिलाते, नंगे पाँव आगे बढ़े।उन्होंने उनके पास जाकर कहा, “मैं लड़ने नहीं आया हूँ। लड़ने को आता तो अपने साथ औरों को भी लाता। डंडा केवल आत्मरक्षा के लिए साथ है, कोई अकेला मुझे चुनौती देगा तो पीछे नहीं हटूँगा। मर्द की लड़ाई बराबर की लड़ाई है, चार ने मिलकर एक को पीट दिया तो क्या बहादुरी दिखाई।” |
उपयुक्त प्रश्नचार्ट:

उपयुक्त प्रश्नचार्ट:

उपयुक्त प्रश्नचार्ट:

