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ठोसों की परिसीमाएँ वक्र होती हैं।

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प्रश्न

ठोसों की परिसीमाएँ वक्र होती हैं।

विकल्प

  • सत्य

  • असत्य

MCQ
सत्य या असत्य
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उत्तर

यह कथन असत्य है।

स्पष्टीकरण -

क्योंकि ठोस पदार्थों की सीमाएँ सतहें होती हैं।

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यूक्लिड की परिभाषाएँ, अभिगृहीत और अभिधारणाएँ
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अध्याय 5: यूक्लिड की ज्यामिति का परिचय - प्रश्नावली 5.2 [पृष्ठ ४८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Ganit Exemplar [Hindi] Class 9
अध्याय 5 यूक्लिड की ज्यामिति का परिचय
प्रश्नावली 5.2 | Q 2. | पृष्ठ ४८

संबंधित प्रश्न

निम्नलिखित पद की परिभाषा दीजिए। क्या इनके लिए कुछ ऐसे पद हैं, जिन्हें परिभाषित करने की आवश्यकता है? वे क्या हैं और आप इन्हें कैसे परिभाषित कर पाएँगे?

समांतर रेखाएँ


प्राचीन भारत में, आयतों, त्रिभुजों और समलंबों से संयोजित आकारों की वेदियाँ निम्नलिखित में प्रयोग होती थीं :


यदि एक राशि B एक अन्य राशि A का एक भाग है, तो A को B और एक अन्य राशि C के योग के रूप में लिखा जा सकता है। 


दो भिन्न प्रतिच्छेदी रेखाएँ एक ही रेखा के समांतर नहीं हो सकतीं।


निम्नलिखित प्रश्न को उपयुक्त यूक्लिड की अभिगृहीत का प्रयोग करते हुए, हल कीजिए :

निम्नलिखित आकृति में, हमें प्राप्त है :

AB = BC, BX = BY। दर्शाइए कि AX = CY है।


निम्नलिखित प्रश्न को उपयुक्त यूक्लिड की अभिगृहीत का प्रयोग करते हुए, हल कीजिए :

निम्नलिखित आकृति में, ∠ABC = ∠ACB और ∠3 = ∠4 है। दर्शाइए कि ∠1 = ∠2 है।


निम्नलिखित प्रश्न को उपयुक्त यूक्लिड की अभिगृहीत का प्रयोग करते हुए, हल कीजिए :

निम्नलिखित आकृति में, AC = DC और CB = CE है। दर्शाइए कि AB = DE है।


निम्नलिखित आकृति में BM = BN हैं, M रेखाखंड AB का मध्य-बिंदु है तथा N रेखाखंड BC का मध्य-बिंदु है। दर्शाइए कि AB = BC है।


निम्नलिखित कथन को पढ़िए :

एक समबाहु त्रिभुज तीन रेखाखंडों से बना एक बहुभुज है जिनमें से दो रेखाखंड तीसरे रेखाखंड के बराबर हैं तथा इसका प्रत्येक कोण 60° का है।

इस परिभाषा में, उन पदों को परिभाषित कीजिए जिन्हें आप आवश्यक समझते हैं। क्या इसमें कोई अपरिभाषित पद है? क्या आप इसका औचित्य दे सकते हैं कि एक समबाहु त्रिभुज के सभी कोण और सभी भुजाएँ बराबर होती हैं।


निम्नलिखित कथनों को अभिगृहीत माना गया है :

  1. यदि एक तिर्यक रेखा दो समांतर रेखाओं को प्रतिच्छेद करती है तो संगत कोण आवश्यक रूप से बराबर नहीं होते हैं। 
  2. यदि एक तिर्यक रेखा दो समांतर रेखाओं को प्रतिच्छेद करती है तो एकांतर अंतःकोण बराबर होते हैं।

क्या अभिगृहीतों का यह निकाय संगत (अविरोधी) है? अपने उत्तर का औचित्य दीजिए।


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