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प्रश्न
निम्नलिखित कथन को पढ़िए :
एक समबाहु त्रिभुज तीन रेखाखंडों से बना एक बहुभुज है जिनमें से दो रेखाखंड तीसरे रेखाखंड के बराबर हैं तथा इसका प्रत्येक कोण 60° का है।
इस परिभाषा में, उन पदों को परिभाषित कीजिए जिन्हें आप आवश्यक समझते हैं। क्या इसमें कोई अपरिभाषित पद है? क्या आप इसका औचित्य दे सकते हैं कि एक समबाहु त्रिभुज के सभी कोण और सभी भुजाएँ बराबर होती हैं।
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उत्तर
शब्दों को परिभाषित करने की जरूरत है।
- बहुभुज - एक बंद आकृति जो तीन या अधिक रेखाखंडों से घिरी हो।
- रेखाखंड - रेखा का वह भाग होता है जिसके दो सिरे होते हैं।
- रेखा - अपरिभाषित पद।
- बिंदु - अपरिभाषित पद।
- कोण - एक उभयनिष्ठ प्रारंभिक बिंदु वाली दो किरणों से बनी आकृति।
- न्यून कोण - वह कोण जिसकी माप 0° से 90° के बीच होती है।
यहाँ अपरिभाषित पद रेखा और बिंदु हैं।
एक समबाहु त्रिभुज के सभी कोण 60° के होते हैं। ...(दिया गया है।)
दो रेखाखंड तीसरे के बराबर हैं। ...(दिया गया है।)
इसलिए, एक समबाहु त्रिभुज की तीनों भुजाएँ बराबर होती हैं, क्योंकि यूक्लिड के अभिगृहीत के अनुसार, जो चीज़ें एक ही चीज़ के बराबर होती हैं, वे एक-दूसरे के बराबर होती हैं।
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क्या अभिगृहीतों का यह निकाय संगत (अविरोधी) है? अपने उत्तर का औचित्य दीजिए।
