Advertisements
Advertisements
प्रश्न
एक पृष्ठ के किनारे वक्र होते हैं।
विकल्प
सत्य
असत्य
Advertisements
उत्तर
यह कथन असत्य है।
स्पष्टीकरण -
क्योंकि सतहों के किनारे रेखाएँ हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य हैं? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
दो भिन्न बिंदुओं से होकर जाने वाली असंख्य रेखाएँ हैं।
निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य हैं? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
यदि दो वृत्त बराबर हैं, तो उनकी त्रिज्याएँ बराबर होती हैं।
निम्नलिखित पद की परिभाषा दीजिए। क्या इनके लिए कुछ ऐसे पद हैं, जिन्हें परिभाषित करने की आवश्यकता है? वे क्या हैं और आप इन्हें कैसे परिभाषित कर पाएँगे?
समांतर रेखाएँ
यदि दो बिंदुओं A और B के बीच एक बिंदु C ऐसा स्थित है कि AC = BC है, C रेखाखंड AB का एक मध्य-बिंदु कहलाता है। सिद्ध कीजिए कि एक रेखाखंड का एक और केवल एक ही मध्य-बिंदु होता है।
प्राचीन भारत में, आयतों, त्रिभुजों और समलंबों से संयोजित आकारों की वेदियाँ निम्नलिखित में प्रयोग होती थीं :
पाइथागोरस एक विद्यार्थी था :
वस्तुएँ जो एक ही वस्तु की दोगुनी हों परस्पर बराबर होती हैं।
निम्नलिखित प्रश्न को उपयुक्त यूक्लिड की अभिगृहीत का प्रयोग करते हुए, हल कीजिए :
निम्नलिखित आकृति में, ∠1 = ∠2 और ∠2 = ∠3 है। दर्शाइए कि ∠1 = ∠3 है।

निम्नलिखित कथन को पढ़िए :
एक समबाहु त्रिभुज तीन रेखाखंडों से बना एक बहुभुज है जिनमें से दो रेखाखंड तीसरे रेखाखंड के बराबर हैं तथा इसका प्रत्येक कोण 60° का है।
इस परिभाषा में, उन पदों को परिभाषित कीजिए जिन्हें आप आवश्यक समझते हैं। क्या इसमें कोई अपरिभाषित पद है? क्या आप इसका औचित्य दे सकते हैं कि एक समबाहु त्रिभुज के सभी कोण और सभी भुजाएँ बराबर होती हैं।
निम्नलिखित कथनों को अभिगृहीत माना गया है :
- यदि एक तिर्यक रेखा दो समांतर रेखाओं को प्रतिच्छेद करती है तो संगत कोण आवश्यक रूप से बराबर नहीं होते हैं।
- यदि एक तिर्यक रेखा दो समांतर रेखाओं को प्रतिच्छेद करती है तो एकांतर अंतःकोण बराबर होते हैं।
क्या अभिगृहीतों का यह निकाय संगत (अविरोधी) है? अपने उत्तर का औचित्य दीजिए।
