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प्रश्न
सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।
पेड़ लगाओ, पृथ्वी बचाओ।
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उत्तर
पेड़ लगाओ, पृथ्वी बचाओ
एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में रहने वाला राम नाम का एक लड़का था। राम गाँव के सभी बच्चों की तरह खेतों में खेलना पसंद करता था। एक दिन, उसने अपने दादा से सुना कि पेड़ लगाने से जंगल बना रहना और पृथ्वी को बचाने में मदद हो सकती है। राम बहुत ही समझदार और साहसी था। एक दिन, उसने सुना कि उसके गाँव के आस-पास के जंगल में अंधविशेष बढ़ रहा है और उससे पृथ्वी को नुकसान हो रहा है। राम ने यह सुनकर दिल से तय किया कि वह अपने गाँव के लोगों के साथ मिलकर पेड़ लगाएगा। उसने गाँववालों को इस बड़े मिशन में शामिल होने के लिए कहा और उन्हें अपनी सोच के पीछे आने के लिए प्रेरित किया।उसने अपने गाँव के बच्चों को बुलाया और एक मिशन शुरू करने का निर्णय किया - "पेड़ लगाओ, पृथ्वी बचाओ"।
गाँववाले ने सोचा कि यह एक अच्छा काम है और वे सभी ने मिलकर पेड़ लगाने का निर्णय किया। राम ने सभी को संगठित किया और वे गाँव के चारों ओर बगीचे बनाने का काम करने लगे। हर व्यक्ति ने अपने-अपने बगीचे बनाए और पेड़ लगाने में योगदान दिया। राम ने बच्चों को पेड़ों के पैधों को ध्यानपूर्वक देखभाल करने के लिए प्रेरित किया और उन्हें प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाया। यह उनकी मेहनत, संघर्ष, और समर्पण का परिणाम था। समय के साथ, वे छोटे पेड़ बड़े हो गए और जंगल में एक हरा-भरा वातावरण बन गया। नए-नए पौधों ने बगीचों को सजीव बनाया और वन्यजनों के लिए एक सुरक्षित आवास प्रदान किया। प्राकृतिक संसाधनों का सही रूप से उपयोग करना चाहिए और पेड़ लगाने का कार्य महत्वपूर्ण है।
हमें अपने पर्यावरण का सही तरीके से संरक्षित रखने के लिए सक्रिय रूप से योगदान देना चाहिए, ताकि हमारी पृथ्वी हमें हमेशा हरित और स्वस्थ रूप में आशीर्वादित करे।
सीख: एक व्यक्ति की सोच और उसका साहस बड़े परिवर्तन को लेकर आ सकता है।
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निम्नलिखित मुद्दों के उचित क्रम लगाकर उनके आधार पर कहानी लेखन कीजिए :
| मन में निश्चय | लोगों का जुड़ना | कुआँ तैयार होना | लोगों का खुश होना | सीख,शीर्षक |
| छुट्टियों में गाँव आना | कुआँ पानी से भरना | लोगों का हँसना | प्रतिवर्ष सूखे की समस्या का सामन | - |
| कुआँ खोदने का प्रारंभ | शहर के महाविद्यालय में पढ़ना | एक मित्र का साथ देना | एक लड़का | - |
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर कहानी लिखिए तथा उसे उचित शीर्षक देकर उससे प्राप्त होने वाली सीख भी लिखिए:
एक लड़की ______ विद्यालय में देरी से पहुँचना ______ शिक्षक द्वारा डाँटना ______ लड़की का मौन रहना ______ दूसरे दिन समाचार पढ़ना ______ लड़की को गौरवान्वित करना।
शब्दों के आधार पर कहानी लिखिए:
थैली, जल, तस्वीर, अँगूठी
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पथिक, घोड़ा, बादल, पत्र
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‘स्वास्थ्य ही संपदा है।’
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग ७० से ८० शब्दों में कहानी लिखकर उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:
एक गाँव – पीने के पानी की समस्या – दूर-दूर से पानी लाना – सभी लोग परेशान – सभा का आयोजन – मिलकर श्रमदान का निर्णय – दूसरे दिन से – केवल एक आदमी – काम में जुटना – धीरे-धीरे एक-एक का आना – सारा गाँव श्रमदान में – गाँव के तालाब की सफाई – कीचड़, प्लास्टिक निकालना – बरसात में तालाब का स्वच्छ पानी से भरना।
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परोपकार का परिणाम
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कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:
| मनोज का रिक्शा से मंडी जाना - जल्दबाजी में बदुआ रिक्शे में भूलना - थोड़ी सब्जी लेकर घर लौटना - तनाव में - रात नौ बजेदरवाजे पर रिक्शेवाले की दस्तक - पता ढूँढ़ते घर आना और बटुआ लौटाना - शीर्षक। |
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कुछ दिन बाद ---- किसी साधु के नाचने ----। शहरी पढ़ाई-लिखाई ---- चुनौती दे दी ----। यदि-हमारे ---- तो साधु के नाचने ----। वह तुम ---- रहा है। फिर क्या था ---- लड़कों ने ----।
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एक आदमी ---- भगवान ---- वरदान दिया ---- जन्म लिया। छोटा ---- हवा का झोंका ---- रात ---- तारे अच्छे लगते ---- बातें ---- दोनों की दोस्ती ---- फलदाब पेड़ ---- फल ---- तारे को भेजा, ---- प्रसल हुआ ---- खुश रहने लगे ---- मित्रता इसी प्रकार निभानी चाहिए।
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एक शरारती लड़का - पढ़ाई की ओर ध्यान नहीं - माता-पिता, गुरुजनों का समझाना - कोई असर नहीं - परीक्षा में अनुत्तीर्ण - माता-पिता का फटकारना - घर छोड़ना - निराश होकर पहाड़ी मंदिर में पहुँचना -दीवार पर एक चींटी को दाना पकड़कर चढ़ते हुए देखना - कई बार गिरकर चढ़ना, चढ़कर गिरना - हिम्मत न हारना - आखिर चढ़ने में सफल - प्रेरणा पाना - उत्साह बढ़ना - घर आकर पढ़ाई में जुट जाना -आगे चलकर बड़ा विद्वान बनना।
