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महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) १० वीं कक्षा

निम्‍नलिखित शब्‍दों के आधार पर कहानी लिखिए और उसे उचित शीर्षक दीजिए : पथिक, घोड़ा, बादल, पत्र - Hindi [हिंदी]

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प्रश्न

निम्‍नलिखित शब्‍दों के आधार पर कहानी लिखिए और उसे उचित शीर्षक दीजिए :

पथिक, घोड़ा, बादल, पत्र

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

प्रताप सिंह नाम का एक राजा था। उसका राज्य बहुत छोटा था, किंतु संपन्न था। प्रजा सुखी से अपना जीवन जी रहे थे। राज्य के कर्मचारी राजा के कहने पर अपना सर्वस्व निछावर करने के लिए हमेशा तैयार रहते थे। राजा भी अपने प्रजा से बहुत खुश था। वह अपनी प्रजा की भलाई के लिए हर समय तत्पर रहता था।

प्रताप के राज्य की संपन्नता देखकर पड़ोसी राज्य के राजा के मुँह से लार टपकने लगी। वह प्रताप के राज्य पर चढ़ाई की तैयारी करने लगा। प्रताप के जासूसों ने यह खबर देते ही प्रताप चिंतित हो गया। शत्रु राजा की सैन्य बहुत ताकदवर थी। हमारा राज्य उससे अकेले मुकाबला नहीं कर सकता था।

राजा ने अपने दूसरे पड़ोसी राज्य के राजा से मदद माँगने का निर्णय लिया। प्रताप ने तुरंत अपने एक विश्वस्त गुप्तचर को एक पत्र लेकर पड़ोसी राजा के पास भेजने का निश्चय किया। पत्र तैयार किया गया। एक चमड़े के थैले में राजा का पत्र लेकर गुप्तचर पड़ोसी राज्य के लिए घोड़े पर सवार होकर चल पड़ा। गुप्तचर अभी रास्ते में ही था कि अचानक आसमान में काले बादल छा गए। बहुत जोरों से वर्षा होने लगी। पर गुप्तचर एक बार भी रास्ते में नहीं रुका। जैसे-तैसे घोड़े पर सवारी करते गुप्तचर समय पर राजा के पास पहुँचा। राजा को प्रताप का पत्र दिया। पड़ोसी राजा तुरंत अपने पुरे सैन्य के साथ प्रताप की मदद करने निकल पड़े। प्रताप का राज्य बच गया। पड़ोसी राजा पुरे सैन्य के साथ वापस अपने राज्य लौट गया।

सीख : हमें संकट में एक दूसरे की सहायता करनी चाहिए।

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कहानी लेखन
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अध्याय 2.01: संध्या सुंदरी - उपयोजित लेखन [पृष्ठ ५८]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Kumarbharati [Hindi] Standard 10 Maharashtra State Board
अध्याय 2.01 संध्या सुंदरी
उपयोजित लेखन | Q १. | पृष्ठ ५८

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शब्‍दों के आधार पर कहानी लिखिए:

थैली, जल, तस्‍वीर, अँगूठी 


निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

अपूर्व संतोष


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 60 से 70 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

एक मजदूर - दिन भर श्रम करना - बनिया की दुकान से रोज चावल खरीदना - बनिया द्वारा बचत की सलाह - मजदूर की उपेक्षा करना - बनिया द्वारा मजदूर के चावलों में से थोड़ा-थोड़ा चावल अलग करना - पंद्रह दिन बाद मजदूर के हाथ में दो किलो चावल - मजदूर आश्चर्यचकित - बनिया का बचत की बात बताना - मजदूर को बचत काँ महत्त्व समझना - सीख।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 60 से 70 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:

एक आलसी किसान - अमीर होने का सपना - साधु के पास जाना - गुप्त धन की जानकारी पूछना - साधु का कहना - गुप्त धन खेत में - किसान द्वारा रोज खेत को खोदना - धन न मिलना - किसान का निराश होना - बरसात के दिनों में बीज डालना - अच्छी फसल - किसान के पास अच्छा धन - शीर्षक - सीख।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग 60 से 70 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए:

एक लड़की - घर में दादी के साथ अकेली - अचानक दादी की तबियत बिगड़ना - समय सूचकता दिखाना - डॉक्टर का आना - दादी की जान बचना - प्रशंसा पाना।


‘जैसा करोगे वैसा भरोगे’ विषय पर लघु कथा लगभग 100 शब्दों में लिखिए।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 60 से 70 शब्दों में लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए।

रामू - लालच - गिरफ्तार - हवालात - जेल - सुधार - परोपकार - शीर्षक।

निम्नलिखित सुवचन के आधार पर कहानी लिखकर उचित सीख लिखिए:

भला कर और भूल जा


'पश्चाताप' विषय पर लघुकथा लगभग 100 शब्दों में लिखिए।


“अभी धुप चमक रही थी कि अचानक आकाश में काले बादलों का साम्राज्य छा गया और तभी तेज़ ओलों की बौछार ने सड़क पर धमा - चौकड़ी मचा दी..." इस कथा को लगभग 100 शब्दों में आगे बढ़ाकर लिखिए।


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