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प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।
परीक्षा के दौरान मेरी प्रिय सखी बार-बार सहायता माँग रही थी लेकिन मैंने मदद नहीं की तो वह ...........
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उत्तर
मित्रता
हर व्यक्ति के जीवन में दोस्ती महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। दोस्ती का मतलब किसी व्यक्ति के प्रति होने वाला प्यार, आदर और अपनापन। एक सच्चे मित्र अथवा सखी के बिना जीवन अधूरा है। अंकिता मेरी प्रिय सखी है। हम दोनों बचपन से एक ही कक्षा में पढ़ रहे हैं। अंकिता एक आदर्श विद्यार्थी है। वह सबके प्रति प्रेम व अपनापन दिखाती हैं। अंकिता का घर मेरे घर से आधे किलोमीटर की दूरी पर है। इसलिए स्कूल के टाइम पर हम दोनों साथ में ही निकलते हैं। मैं 12 बजने से आधा घंटा पहले अंकिता के घर पहुँच जाती हूँ। अंकिता की माँ मुझे अपनी बेटी की तरह ही प्यार करती है।
स्कूल में मैं और अंकिता एक ही बेंच पर बैठते हैं। अंकिता स्वभाव से काफी शांत है। इसलिए उसने आज तक किसी से ऊँची आवाज में बात नहीं की। उसका कभी भी किसी के साथ झगड़ा नहीं हुआ। हमारे शिक्षक जब पढ़ाते हैं तो वह ध्यान लगाकर सुनती है। अगर मुझे पढ़ाई में कोई समस्या हो तो वह हमेशा मेरी मदद करती है। जब हमारी अर्ध्द वार्षिक परीक्षा शुरू हुई। तब मैंने खूब पढ़ाई की, क्योंकि मैं परीक्षा में अच्छे अंक लाना चाहती थी। अंकिता की माँ उन दिनों बीमार पड़ गयी। अंकिता इस कारण पढ़ाई न कर पाई। परीक्षा के दौरान मेरी प्रिय सहेली अंकिता बार-बार मुझसे सहायता माँग रही थी। लेकिन मैंने उसकी मदद नहीं की थी। परीक्षा में अध्यापक बार-बार कक्षा में चक्कर लगा रहे थे। मैं चाहकर भी उसकी मदद नहीं कर पा रही थी। जब हमारा रिजल्ट आया तो मेरे अंक तो सही थे, परंतु अंकिता के अंक बहुत ही कम आये थे। यह देखकर मुझे बहुत ही दु:ख हुआ। मैंने उसे समझाया कि कोई बात नहीं वार्षिक परीक्षा में तुम्हारे अंक अच्छे आ जाएँगे। वह मेरी बातों को समझ गई। उसने वार्षिक परीक्षा में बहुत मेहनत की और अच्छे अंकों से पास हुई। वह बहुत ही समझदार सखी है।
मुझे पूरी उम्मीद है कि अंकिता और मेरी दोस्ती हमेशा बनी रहेगी। हम दोनों एक दूसरे की सोच का सम्मान करते हैं। कुछ भी हो हमारी दोस्ती कभी खत्म नहीं होगी। एक सच्चा दोस्त परमेश्वर का अमूल्य तोहफा होता है। मुझे मेरी दोस्त अंकिता और उसकी दोस्ती पर अभिमान है।
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