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मैं घर पहुँची तो टेबिल पर मेरी पसंद के व्यंजनों की भरमार थी। अड़ोसियों-पड़ोसियों की भीड़ देख कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि पापा ने गले लगाते हुए बताया कि .........

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प्रश्न

निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

मैं घर पहुँची तो टेबिल पर मेरी पसंद के व्यंजनों की भरमार थी। अड़ोसियों-पड़ोसियों की भीड़ देख कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि पापा ने गले लगाते हुए बताया कि .........

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

सफलता

मैं एक छोटे से शहर में अपने माता-पिता के साथ रहती हूँ। मेरा बड़ा भाई है जो कि आर्मी की तैयारी कर रहा है। मैं 10वीं कक्षा में शहर के एक अंग्रेज़ी माध्यम विद्यालय में पढ़ती हूँ। मेरी माँ एक गृहिणी है तथा पिताजी की स्टेशनरी की दुकान है। हर माता-पिता का सपना होता है कि उसके बच्चे अच्छी पढ़ाई करके अच्छी सी नौकरी करें। मेरा भाई बहुत ही मेहनती है। पढ़ाई के साथ-साथ वह पिता के कारोबार में भी हाथ बँटाता है। मेरे माता-पिता हम दोनों को बहुत ही प्यार करते हैं। हमारा परिवार बेहद खुश है एक दिन जब मैं अपनी सहेली के घर से अपने घर पहुँची तो मैंने घर में घुसते ही देखा कि टेबिल पर मेरी पसंद के व्यंजनों की भरमार थी। चारों तरफ व्यंजनों की सुगंध थी। अड़ोसियों-पड़ोसियों की भीड़ देख कुछ देर तक मेरी समझ में नहीं आया। तब पापा ने मुझे गले लगाते हुए कहा कि तुम दसवीं कक्षा में 97% से पास हो गई हो। तुम प्रथम आई हो। मैं खुशी के मारे उछल पढ़ी। मेरे पापा ने मेरे पास होने की खुशी में पार्टी रखी थी। मैंने अपनी सहेलियों को रिजल्ट के बारे में बताया। सब बहुत खुश हुईं। मैंने परीक्षा के दिनों में जी जान से पढ़ाई की थी। आज उसी मेहनत का परिणाम था। आज मेरे माता-पिता बहुत खुश थे। मुझे मेरा सपना साकार होता नजर आ रहा था। अगले वर्ष मैंने 11वीं में प्रवेश लिया। इसी तरह मेहनत करते हुए मैंने बी.ए. पास की और मुझे सरकारी नौकरी मिल गयी तथा अपने माता-पिता का सहारा बनी। ये सब मेरी मेहनत का नतीजा है।

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कहानी लेखन
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2021-2022 (March) Delhi Set 2
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