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प्रश्न
निम्नलिखित शब्दों के आधार पर लगभग 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखिए तथा उचित शीर्षक दीजिए:
भिखारी – भीख माँगना – एक व्यक्ति का रोज देखना – फूलों का गुच्छा देना – भिखारी का फूल बेचना – मंदिर के सामने दुकान खोलना।
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उत्तर
प्रेरणा
एक भिखारी था जिसकी एक टाँग टूटी हुई थी। वह रोज़ मंदिर के बाहर बैठकर आने-जाने वाले लोगों से भीख माँगता था। मंदिर में आने वाले लोग उसे दया की दृष्टि से देखते और कभी-कभी कुछ पैसे भी दे देते। लेकिन भीख माँगकर जीवन बिताने से उसे अपमान और दुख ही मिलता था।
उसी मंदिर में प्रतिदिन आने वाला एक सज्जन व्यक्ति कई दिनों से उस भिखारी को देख रहा था। उसके मन में विचार आया कि इस भिखारी को भीख देने से इसका जीवन कभी नहीं बदलेगा। यदि इसे काम करने की प्रेरणा दी जाए, तो इसका जीवन सुधर सकता है। यह सोचकर एक दिन वह व्यक्ति भिखारी के पास गया और उसे फूलों का एक गुच्छा देकर बोला “तुम भीख माँगने के बजाय यह फूल बेचो, इससे तुम्हें सम्मानपूर्वक पैसे मिलेंगे।”
भिखारी पहले तो हैरान हुआ, लेकिन उसने सोचा कि क्यों न एक बार प्रयास किया जाए। उसने मंदिर आने वाले लोगों को फूल बेचने शुरू कर दिए। लोग भी खुशी-खुशी उससे फूल खरीदते क्योंकि उन्हें मंदिर में पूजा के लिए फूलों की आवश्यकता रहती थी। धीरे-धीरे भिखारी के पास पैसे आने लगे और उसने और फूल खरीदकर बेचने शुरू कर दिए।
समय बीतने के साथ उसका यह छोटा काम व्यवसाय में बदल गया। अब वह रोज़ फूलों की टोकरी लाता और मंदिर आने वाले भक्तों को बेचता। उसकी आमदनी बढ़ने लगी। कुछ समय बाद उसने मंदिर के सामने एक छोटी-सी फूलों की दुकान खोल ली। अब लोग सीधे उसी की दुकान से फूल खरीदते थे।
भिखारी अब भिखारी नहीं रहा। अपनी मेहनत और एक व्यक्ति की प्रेरणा से वह सम्मानजनक जीवन जीने लगा। वह व्यक्ति भी बहुत प्रसन्न हुआ जिसने उसे फूलों का पहला गुच्छा दिया था।
सीख: भीख माँगना जीवन का समाधान नहीं है। मेहनत और सही दिशा में प्रयास करने से जीवन बदला जा सकता है। दूसरों को प्रेरित करने से समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
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