हिंदी

निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए। परोपकार का परिणाम

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।

परोपकार का परिणाम

लेखन कौशल
Advertisements

उत्तर

परोपकार का परिणाम

समुद्र के किनारे एक लड़का अपनी माँ के साथ रहता था। उसके पिता नाविक थे। कुछ दिनों पहले उसके पिता जहाज लेकर समुद्री यात्रा पर गए थे। बहुत दिन बीत गए पर वे लौट कर नहीं आए। लोगों ने समझा की समुद्री तूफान में जहाज डूबने से उनकी मृत्यु हो गयी होगी।

एक दिन समुद्र में तूफान आया। लोग तट पर खड़े थे, वह लड़का भी अपनी माँ के साथ वही खड़ा था। उन्होंने देखा कि एक जहाज तूफान में फँस गया है। जहाज थोड़ी देर में डूबने ही वाला था। जहाज पर बैठे लोग व्याकुल थे। यदि तट से कोई नाव जहाज तक चली जाती तो उनके प्राण बच सकते थे।

तट पर नाव थी पर कोई उस जहाज तक ले जाने का साहस न कर सका। उस लड़के ने अपनी माँ से कहा- “माँ! मैं नाव लेकर जाऊँगा” पहले तो माँ के मन में ममता उमड़ी, फिर उसने सोचा की एक के त्याग से इतने लोगों के प्राण बचा लेना अच्छा है। उसने अपने पुत्र को जाने की आज्ञा दे दी।

वह लड़का साहस करके नाव चलाता हुआ जहाज तक पहुँचा, लोग जहाज से उतर कर नाव में आ गए। जहाज डूब गया। नाव किनारे की ओर चल दी। सबने बालक की प्रशंसा की ओर उसे आशीर्वाद देने लगे। सयोग से उसी नाव में उसके पिता भी थे। किनारे पहुँचते ही बालक दौड कर अपनी माँ के पास गया और लिपट कर बोला- “माँ! पिताजी आ गए”। माँ की आँखों में हर्ष के आँसू थे। लोगों ने कहा- “परोपकार की भावना ने पुत्र को उसके पिता लौटा दिया”।

सीख: परोपकार करने से न केवल दूसरों का भला होता है, बल्कि ईश्वर दाता को भी सुख और खोया हुआ लौटाता है।

shaalaa.com

Notes

  • विषयवस्तु - 2 अंक
  • प्रस्तुति - 2 अंक
  • भाषा - 1 अंक
कहानी लेखन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
2021-2022 (March) Term 2 Sample
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×