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प्रश्न
सुवचन पर आधारित कहानी लेखन कीजिए।
जल ही जीवन है।
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उत्तर
जल ही जीवन है
एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में रहने वाला लड़का रमेश था। रमेश अपने गाँव में हमेशा सुनता था, "जल ही जीवन है"। यह कहावत उसके दादा जी की शिक्षा थी, जो हमेशा जल की महत्वपूर्णता को समझाते थे। गाँव में एक समय ऐसा आया कि बारिश बहुत कम हो रही थी और जल स्तिथि बहुत खराब हो गई थी। जल स्रोतों की कमी के कारण गाँववालों को पीने का सफाया करना मुश्किल हो रहा था। गरमी के मौसम में जल स्तिथि बहुत खराब हो रही थी और गाँव के लोगों को पीने के लिए साफ और स्वास्थ्यपूर्ण जल की कमी महसूस हो रही थी। रमेश ने गाँववालों की समस्या को देखकर दिल से तय किया कि उसे इसमें मदद करना होगा। उसने गाँव के बच्चों को समेटकर एक मिशन शुरू किया, जिसका उद्देश्य था - "जल ही जीवन है"।
रमेश ने बच्चों को जल संरक्षण के महत्व के बारे में शिक्षा दी और उन्हें सिखाया कि हर एक बूंद जल का महत्वपूर्ण होता है। उसने बच्चों को एकत्र करके जल संचारण के बचाव के लिए आधारित उपाय बताए। बच्चे ने मिलकर गाँव के चारों ओर स्थानीय जल स्रोतों की सफाई करने का कार्य शुरू किया। उन्होंने पिने के लिए पानी बचाने वाले उपाय बनाए और लोगों को जागरूक किया कि जल स्वच्छता की महत्वपूर्णता है। गाँववाले ने इस मिशन को उत्साहपूर्वक स्वीकार किया और उन्होंने भी जल संरक्षण के लिए अपना योगदान देना शुरू किया। जल संचारण की स्थिति में सुधार हुआ और गाँववाले ने एक-दूसरे के साथ मिलकर इस समस्या का समाधान निकाला।
रमेश ने बच्चों के साथ मिलकर पेड़-पौधों को पौधरोपण में सहायता की और सड़कों के किनारे जल संचारण के लिए जल संरक्षण के आधारित उपाय अपनाए। इस अद्भुत मिशन के परिणामस्वरूप, गाँववाले ने जल संचारण में सुधार किया और जल का सही तरीके से प्रबंधन किया। गाँव की जल स्थिति में सुधार हुआ और लोगों की जीवनशैली में भी सकारात्मक परिवर्तन आया।
सिख: हमें जल का सही तरीके से उपयोग करना चाहिए। व्यापारिक और गृहणी उपयोग के लिए जल सुरक्षित रूप से उपयोग करें ताकि हम उसे व्यर्थ न करें और सभी को मिले।
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