हिंदी

सिद्ध कीजिए कि sin-1 817+sin-1 35=sin-1 7785

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

सिद्ध कीजिए कि `sin^-1  8/17 + sin^-1  3/5 = sin^-1  77/85`

योग
Advertisements

उत्तर

L.H.S. `sin^-1  8/17 + sin^-1  3/5`

`sin^-1x +sin^-1y  sin^-1[xsqrt(1 - y^2) + ysqrt(1 - x^2)]` का प्रयोग करना

`sin^-1  8/17 + sin^-1  3/5 = sin^-1[8/17* sqrt(1 - (3/5)^2) + 3/5 * sqrt(1  (8/1)^2)]`

= `sin^-1[8/17 * sqrt(1  9/25) + 3/5* sqrt(1 - 64/289)]`

= `sin^-1 [8/17 * sqrt(16/25) + 3/5* sqrt(225/289)]`

= `sin^-1 [8/17 * 4/5 +3/5 * 15/17]`

= `sin-1 [32/85 + 45/85]`

=`sin^-1  77/85` R.H.S.

इसलिए साबित हुआ।

shaalaa.com
प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2: प्रतिलोम तिरिकोंमितिया फलन - प्रश्नावली [पृष्ठ ३६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Ganit Exemplar [Hindi] Class 12
अध्याय 2 प्रतिलोम तिरिकोंमितिया फलन
प्रश्नावली | Q 14 | पृष्ठ ३६

संबंधित प्रश्न

`tan^-1sin((-pi)/2)` को परिकलित कीजिए ।


tan (cos–1x) का मान ज्ञात कीजिए और फिर `tan(cos^-1 8/17)` परिकलित कीजिए।


`sin(2tan^-1  2/3) + cos(tan^-1 sqrt(3))` का मान ज्ञात कीजिए।


`tan^-1((1 - x)/(1 + x)) = 1/2 tan^-1x, x > 0` को x के लिए हल कीजिए।


x के वे मान ज्ञात कीजिए जो समीकरण sin–1x + sin–1(1 – x) = cos–1x को संतुष्ट करते हैं।


यदि θ = sin–1 (sin (– 600°), तब θ का मान है।


y = cos–1(x2 – 4) का प्रांत है।


समीकरण tan–1x – cot–1x = `(1/sqrt(3))`


tan2 (sec–12) + cot2 (cosec–13) का मान है।


`tan^-1 (- 1/sqrt(3)) + cot^-1(1/sqrt(3)) + tan^-1(sin((-pi)/2))` का मान निकालिए।


दर्शाइए कि `2tan^-1 (-3) = (-pi)/2 + tan^-1 ((-4)/3)`


समीकरण  `cos(tan^-1x) = sin(cot^-1  3/4)` को हल कीजिए।


निम्न में से कौन सा cos-1x की मुख्य शाखा है?


फलन cos-1(2x – 1) का प्रांत है।


व्यंजक `2 sec^-1 2 + sin^-1 (1/2)` का मान है।


`cot[cos^-1 (7/25)]` का मान है।


यदि `cos(tan^-1x + cot^-1 sqrt(3))` = 0, तब x का मान ______ है।


`sec^-1 (1/2)` के मानों का समुच्चय ______ है।


`tan^-1 sqrt(3)` का मुख्य मान ______ है।


परिणाम `tan^1x - tan^-1y = tan^-1 ((x - y)/(1 + xy))` तभी सत्य है जब xy ______ है।


सभी x ∈ R के लिए cot-1(-x) का मान cot-1x के पद में ______ है।


प्रत्येक त्रिकोणमितीय फलन का उनके संगत प्रांतों में प्रतिलोम फलन का अस्तित्व होता है।


व्यंजक (cos-1X)2 का मान Sec2x के बराबर है।


त्रिकोणमितीय फलनों के प्रांतों का उनकी किसी भी शाखा ( आवश्यक नहीं कि मुख्य शाखा हो) में प्रतिबंधित किया जा सकता है ताकि उनका प्रतिलोम फलन प्राप्त हो सके।


प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों का आलेख उनके संगत त्रिकोणमितीय फलन के आलेख में x तथा y अक्ष का परस्पर विनिमय करके प्राप्त किया जा सकता है।


`Sin^-1 [cos (sin^-1 1/2)] "का मुख्य मान"` `pi/3` है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×