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प्रश्न
रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्द से कीजिए और नया वाक्य बनाइए:
जहाँ एक लड़का ______ देख रहा था।
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उत्तर
जहाँ एक लड़का चुपचाप देख रहा था।
वाक्य:
मीना चुपचाप राधा की बातें सुन रही थी।
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निम्नलिखित समोच्चारित भिन्नार्थक हिंदी शब्द का अर्थ लिखो तथा उन शब्द का अलग-अलग पूर्ण वाक्यों में प्रयोग कराे :
ज्वार
निम्न शब्दों के लिंग तथा वचन बदलकर वाक्यों में प्रयोग करो :
लिंग - कवि, माता, भाई, लेखक
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उचित विराम चिह्न लगाओ:
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निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :
जलाशय चॉंदी की भाँति चमचमा रहा था।
अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :
माला घर नहीं जाएगी।
नीचे दिए सर्वनामों के चित्र देखो, पहचानो और वाक्यों में प्रयोग करो। (तुम, कोई, हम, आप)
| १. | ![]() |
______ |
| २. | ![]() |
______ |
| ३. | ![]() |
______ |
| ४. | ![]() |
______ |
पढ़ो :
आधे होकर जुड़ें हम
| मक्खी | सिक्का |
| रफ़्तार | डॉक्टर |
| शगुफ्ता | मुजफ्फर |
अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-
गत रविवार वह मुंबई जाएगा।
शब्द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए:-
बर्फीला
शब्द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए:-
मनुष्य
शब्द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-
| विग्रह | शब्द | विलोम |
| + | उत्थान | × |
शब्द पहेली से मुहावरे, कहावतें ढूँढ़िए। उनकी सूची बनाइए और अर्थ बताकर उनका अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए:-
| आँखों से | ईंट का | कमर | डूबते | हाथ | अँधेरा | होगा |
| ओखली में | ऊँट के | तोड़ना | तारा | तले | जवाब | चार |
| छाती | ओझल | को | जीरा | देना | निकालना | पत्थर से |
| चिराग | तिनके का | सहारा | होना | आरसी | मुँह में | देना |
| आँखों का | क्या | मात | कंगन को | सिर | देना | कलेजा |
| लालच | कचूमर | हाथ | आना | फुलाना | मुँह को | चाँद |
| जड़ से | बुरी | मलना | उखाड़ | बला | लगाना | देना |
| मुहावरे | कहावतें |
निम्न वाक्य के उद्देश्य और विधेय पहचानकर लिखिए:-
गायन में शब्दों का महत्त्व बहुत थोड़ा होता है।
पाठ्यपुस्तक की दूसरी इकाई के ७ से १३ के पाठों से भेदों सहित क्रियाओं को ढूँढ़कर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
उपसर्गयुक्त शब्द लिखिए।
इस निबंध के अंश पढ़कर विदेशी, तत्सम, तद्भव शब्द समझिए। इसी प्रकार के अन्य पाँच-पाँच शब्द ढूँढ़िए।
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कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है। हिंदी में कुछ शब्द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं। शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है। हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है। प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा। तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे। |
रेखांकित शब्द के विलोम शब्द लिखकर नए वाक्य बनाइए।
साेच समझकर व्यय करना चाहिए ।
रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
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रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
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निम्नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्द के स्थान पर सही शब्द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:
गीत न जाने आँगन टेढ़ा
रचना की दृष्टि से वाक्य पहचानकर अन्य एक वाक्य लिखिए:


शुद्धीकरण - वाक्यों, शब्दों को शुद्ध रूप में लिखना ।
- शब्द या वाक्य में लिंग, वचन, सर्वनाम एवं विभक्तियों का उचित एवं सही ज्ञान होना अतिआवश्यक है।
- वाक्य में शब्दों का सही क्रम होना चाहिए।
- काल की उचित पहचान कर वाक्य निर्माण करना चाहिए।
- ध्वनि एवं मात्रा में भिन्नता नहीं आनी चाहिए।





