हिंदी
महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (मराठी माध्यम) ९ वीं कक्षा

रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए: मानो मुझे अपमानित कर रहा हो।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:

मानो मुझे अपमानित कर रहा हो।

सारिणी
Advertisements

उत्तर

उपसर्ग मूलशब्द प्रत्यय
अप मान इत
shaalaa.com
व्याकरण
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1.4: मान जा मेरे मन - स्वाध्याय [पृष्ठ १२]

APPEARS IN

बालभारती Hindi (Composite) Lokvani Standard 9 Maharashtra State Board
अध्याय 1.4 मान जा मेरे मन
स्वाध्याय | Q ६ | पृष्ठ १२

संबंधित प्रश्न

पाठों में आए सभी प्रकार के सर्वनाम ढूँढ़कर उनका अपने वाक्यों में प्रयोग करो।


निम्‍नलिखित शब्द के आधार पर मुहावरे लिखकर उनका अपने वाक्‍य में प्रयोग करो।

खिचड़ी


नीचे दिए गए चिन्ह के सामने उनका नाम लिखिए तथा वाक्य में उचित विरामचिह्न लगाइए 

" ........ "


नीचे दिए गए चिन्ह के सामने उनका नाम लिखिए तथा वाक्य में उचित विरामचिह्न लगाइए

( )


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

यह है न पसीने का धारा।


दाएँ पंख में उपसर्ग तथा बाऍं पंख में प्रत्यय लगाकर शब्द लिखाे तथा उनके वाक्य बनाओ:

__________________

__________________


निम्नलिखित शब्द के युग्म शब्द बताओ और वाक्य में उचित शब्दयुग्म लिखो:

धन - ______

अथक परिश्रम से उसने ______ कमाई।


निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :

मैं लगातार चलता तो मंजिल पा लेता।


अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :

कश्मीर का सौंदर्य देखकर तुम्हें आश्चर्य होगा।


पेड़ के पत्तों पर दिए गए वर्णों से संयुक्ताक्षरयुक्त शब्द बनाओ :

(आधे हाेकर, पाई हटाकर, हल लगाकर, ‘र’ के प्रकार )

(क, फ, ग, त, थ, घ, ष, व, द, म, ह, ठ, ड, ट, प, र)


कविता (तूफानों से क्या डरना) में आए किन्हीं पॉंच शब्दों के विरुद्धार्थी शब्द लिखो।


चित्र के आधार पर काल संबंधी वाक्य बनाओ और समझो :


मौन वाचन करो और आपस में श्रुतलेखन करो :

१. सेवा डॉक्टर का कर्तव्य है |

२. पौधे लगाओ, प्रदुषण हटाओ |

३. राष्ट्रीय संपदा, स्वच्छ रखें सर्वदा |

४. मक्खी, मच्छर भगाओ, रोग मिटाओ |

५. रक्तदान-जीवनदान, नेत्रदान-श्रेष्ट दान |

६. विश्वास रखो, अंधविश्वास नहीं |

७. बेईमानी ठुकराओ, ईमानदारी अपनाओ |

८. इंद्रधनुष के रंगों की तरह मिलकर रहो |


निम्न पत्र में आए कालों के वाक्यों को ढूँढ़कर लिखिए तथा निर्देशानुसार परिवर्तित करके पुनः लिखिए:-

धन्यवाद पत्र

______ घर क्र.

______ ग्राम/शहर

______ जिला

दिनांक ______

सम्माननीय .................... जी

        सादर नमस्कार।

      मैं आपको नहीं जानता। आप मुझे नहीं जानते। मेरे और आपके बीच एक ही नाता है - एक भले इनसान का। मैं आपके द्वारा भिजवाई गई अटैची को पाकर हृदय से कृतज्ञ हूँ। मेरा रोम-रोम आपको शुभकामना दे रहा है।

      मैं रेलगाड़ी में भूली हुई अटैची के कारण बहुत परेशान था। मेरे सारे सर्टीफिकेट, पैसे, महत्त्वपूर्ण कागजात उस अटैची में थे। पिछले तीन दिनों की अथक कोशिश के बाद मेरा मन निराश हो चुका था। मुझे लगने लगा था कि जैसे इस दुनिया में ईमानदारी बची ही नहीं है परंतु आपने मेरी अटैची अपने बेटे के हाथों भेजकर मेरी सारी निराशा को आशा में बदल दिया। तब से मैं बहुत प्रसन्न हूँ।

      मान्यवर! आपकी ईमानदारी ने सचमुच मुझे नया विश्वास दिया है। आप विश्वास रखिए, भविष्य में मैं किसी की भी परेशानी दूर करने का प्रयास करूँगा।
      मैंने अटैची देख ली है। एक-एक वस्तु यथास्थान सुरक्षित है। आपका हृदय से धन्यवाद।

भवदीय
______

 

क्रम. काल वाक्य काल परिवर्तित वाक्य
१. सामान्य भूतकाल   सामान्य वर्तमान काल  
२. सामान्य वर्तमान काल   सामान्य भविष्यकाल  
३. सामान्य भविष्यकाल   पूर्ण भूतकाल  
४. अपूर्ण वर्तमान काल   अपूर्ण भूतकाल  
५. पूर्ण भूतकाल   सामान्य वर्तमान काल  

निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्‍द रिक्‍त स्‍थान में लिखिए:-

शब्द पर्यायवाची शब्द
  हर्ष      

अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-

वहाँ कोई लगभग एक दर्जन सेब रहे होंगे।


शब्‍द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:-

पहाड़


शब्‍द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:-

अनेक


शब्‍द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-

विग्रह  शब्द  विलोम
उत् + नति   ×

निम्‍न वाक्‍य के उद्देश्य और विधेय पहचानकर लिखिए:-

हमारे पिता जी अध्यापन के क्षेत्र में कार्यरत थे।


निम्‍न वाक्‍य के उद्देश्य और विधेय पहचानकर लिखिए:-

पिता जी के पास अथाह खजाना था।


निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
______ वाक् + जाल  

निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
______ दु: + प्रकृति  

कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है।

हिंदी में कुछ शब्‍द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्‍दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्‍द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्‍कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्‍कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्‍दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं।

शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है।

हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्‌धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है।

प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा।

तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे।

उपर्युक्‍त अंश से पंद्रह शब्‍द ढूँढ़िए उनमें प्रत्‍यय लगाकर शब्‍दों को पुनः लिखिए।


नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:

चिह्न नाम वाक्य
,    

नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:

चिह्न नाम वाक्य
।    

नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:

चिह्न नाम वाक्य
...    

पाठों में आए सभी प्रकार के अव्ययों को ढूँढ़कर उनसे प्रत्‍येक प्रकार के दस-दस वाक्‍य लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×