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शब्‍द-युग्‍म पूरे करते हुए वाक्‍य में प्रयोग कीजिए: प्रचार - Hindi - Composite [हिंदी - संयुक्त]

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प्रश्न

शब्‍द-युग्‍म पूरे करते हुए वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:

प्रचार

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

प्रचार-प्रसार 

हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए हिंदी प्रेमियों ने दिन-रात एक कर दिया।

shaalaa.com
व्याकरण
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अध्याय 1.04: किताबें - भाषा बिंदु [पृष्ठ १४]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Lokbharati [English] Standard 9 Maharashtra State Board
अध्याय 1.04 किताबें
भाषा बिंदु | Q (४) | पृष्ठ १४
बालभारती Hindi (Composite) Lokvani [English] Standard 9 Maharashtra State Board
अध्याय 1.3 निज भाषा
स्वाध्याय | Q ४ | पृष्ठ ८

संबंधित प्रश्न

नीचे दिए गए वाक्य पढ़िए तथा ‘और’ शब्द के विभिन्न प्रयोगों पर ध्यान दीजिए-

  1. पास में सुंदर और शक्तिशाली युवक रहा करता था। (दो पदों को जोड़ना)
  2. वह कुछ और सोचने लगी। (‘अन्य’ के अर्थ में)
  3. एक आकृति कुछ साफ़ हुई… कुछ और … कुछ और… (क्रमशः धीरे-धीरे के अर्थ में)
  4. अचानक वामीरो कुछ सचेत हुई और घर की तरफ़ दौड़ गई। (दो उपवाक्यों को जोड़ने के अर्थ में)
  5. वामीरो का दुख उसे और गहरा कर रहा था। (‘अधिकता’ के अर्थ में)
  6. उसने थोड़ा और करीब जाकर पहचानने की चेष्टा की। (‘निकटता’ के अर्थ में)

सूचना के अनुसार शब्‍द में परिवर्तन कीजिए: 


निम्‍न विरामचिन्ह का नाम लिखकर उनका वाक्‍य में प्रयोग करो :


निम्‍न विरमचिन्ह का नाम लिखकर उनका वाक्‍य में प्रयोग करो:

‘‘ ’’


पाठ्‌यपुस्‍तक के पाठों से विलोम और समानार्थी शब्‍द ढूँढ़कर उनकी सूची बनाओ और उनका अलग-अलग वाक्‍यों में प्रयोग करो।


निम्‍नलिखित शब्द के आधार पर मुहावरे लिखकर उनका अपने वाक्‍य में प्रयोग करो।

खिचड़ी


कविता (सौहार्द-सौमनस्‍य) में प्रयुक्‍त विलोम शब्‍दों की जोड़ियाँ लिखो।


निम्‍न शब्‍द के पर्यायवाची शब्‍द लिखिए:


शब्‍द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्‍य लिखिए:

अब हम उसे दुत्‍कार रहे हैं।


शब्‍द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्‍य लिखिए:

दसियों ने इस सुंदर प्रस्‍ताव का समर्थन किया।


शब्‍द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्‍य लिखिए:

डायनासोर प्राणी अब दुर्लभ हो गए हैं।


शब्‍द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्‍य लिखिए:

गर्मियों में सारी धरती शुष्क हो जाती है।


रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:

पूर्णिमा के दिन चाँद परिपूर्णता लिए हुए था।


शब्‍द-युग्‍म पूरे करते हुए वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:

भोला


निम्न वाक्‍य में कारक रेखांकित कर उनके नाम और चिह्न लिखकर पाठ से अन्य वाक्‍य खोजकर लिखिए:

अजीब आशंकाओं से परेशान हो उठा।


निम्न संधि का विग्रह कर उसका प्रकार लिखिए:

भारतीय कलाकारों का सम्‍मान तथा उन्हें नमन करने का मन करता है।


दाएँ पंख में उपसर्ग तथा बाऍं पंख में प्रत्यय लगाकर शब्द लिखाे तथा उनके वाक्य बनाओ:

__________________

__________________


चित्र देखकर संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया इन शब्द के भेदों के आधार पर उचित वाक्य बनाओ और तालिका में शब्द लिखाे:

 

संज्ञा शब्द सर्वनाम शब्द विशेषण शब्द क्रिया शब्द
       
       
       

निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :

मॉं आज अस्पताल जाएगी।


निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :

जन्म के बाद एक मामी जी ने मुझे गोद ले लिया।


निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :

जलाशय चॉंदी की भाँति चमचमा रहा था।


अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :

इसे हिमालय क्यों कहते हैं ?


अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :

इसे हिमालय क्यों कहते हैं ?


अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :

वाह ! क्या बनावट है ताजमहल की !


अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :

खूब पढ़ो खूब बढ़ो।


पाठ्‌यपुस्तक में आए संयुक्ताक्षरयुक्त तीन-तीन शब्द ढूँढ़ाे। उनके संयुक्ताक्षर बनने के प्रकारानुसार वर्गीकरण करो। उन शब्दों का अपने वाक्यों में प्रयोग करो।

 


सूचना, निर्देश, आदेश, अनुरोध, विनती के वाक्य विरामचिह्‌न सहित पढ़ो और समझो :

अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें।


नीचे दिए सर्वनामों के चित्र देखो, पहचानो और वाक्यों में प्रयोग करो। (तुम, कोई, हम, आप)

१. ______
२. ______
३. ______
४. ______

निम्न विशेषण शब्द का अपने वाक्य में प्रयोग करके उनका प्रकार लिखो।


पढ़ो :

आधे होकर जुड़ें हम 

मक्खी  सिक्का 
रफ़्तार  डॉक्टर 
शगुफ्ता  मुजफ्फर

मौन वाचन करो और आपस में श्रुतलेखन करो :

१. सेवा डॉक्टर का कर्तव्य है |

२. पौधे लगाओ, प्रदुषण हटाओ |

३. राष्ट्रीय संपदा, स्वच्छ रखें सर्वदा |

४. मक्खी, मच्छर भगाओ, रोग मिटाओ |

५. रक्तदान-जीवनदान, नेत्रदान-श्रेष्ट दान |

६. विश्वास रखो, अंधविश्वास नहीं |

७. बेईमानी ठुकराओ, ईमानदारी अपनाओ |

८. इंद्रधनुष के रंगों की तरह मिलकर रहो |


उचित विरामचिह्न लगाइए:-

होनहार बिरवान के होत चीकने पात


अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-

गोपाल जानता है कि शायद उसका मित्र बीमार है।


अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-

तुम मेरे मित्र हो, मैं आपको खूब जानता हूँ।


शब्‍द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:-

अनेक


शब्‍द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:-

कौआ


शब्‍द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:-

मनुष्‍य


शब्‍द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-

विग्रह  शब्द  विलोम
+ उत्थान ×

शब्‍द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-

विग्रह शब्द विलोम
सम् + मान   ×

अलंकार पढ़िए और समझिए:


शब्‍द के लिंग पहचानिए:

झरना = ______


निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
______ नव + ऊढ़ा  

निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
______ दंत + ओष्ठ  

निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
महौषधि ______ + ______  

परिच्छेद में आए सर्वनामों की सूची तैयार कीजिए।

           भारत में आकर हालात फिर वही थे। एवरेस्‍ट के लिए जितने पैसे आवश्यक थे उतने मेरे पास नहीं थे। आखिर मेरे पिता जी ने अपना घर गिरवी रखा। माँ और बहनों ने अपने गहने बेच दिए और जीजा जी ने ऋण ले लिया। सब कुछ दाँव पर लगाकर मैं एवरेस्‍ट चढ़ाई के लिए निकल पड़ा।

           काठमांडू से एवरेस्‍ट जाते समय ‘नामचे बाजार’ से एवरेस्‍ट शिखर का प्रथम दर्शन हुए। मैंने पुणे की टीम ‘सागरमाथा गिर्यारोहण संस्‍था’ के साथ इस मुहीम पर था। बहुत जल्‍द हमने १९००० फीट पर स्‍थित माउंट आयलैड शिखर पर चढ़ाई की। इसके बाद हम एवरेस्‍ट बेसकैंप में पहुँचे। चढ़ाई के पहले पड़ाव पर सागरमाथा संस्‍था के अध्यक्ष रमेश गुळवे जी को पक्षाघात का दौरा पड़ा। उन्हें वैद्यकीय उपचार के लिए काठमांडू से पूना ले गए किंतु उनका देहांत हो गया। मैं और मेरे सााथियों पर मानो दुख का एवरेस्‍ट ही टूट पड़ा। फिर भी हमने आगे बढ़ने का निर्णय लिया।


परिच्छेद से समुच्च्यबोधक अव्यय ढूँढकर लिखिए।

           भारत में आकर हालात फिर वही थे। एवरेस्‍ट के लिए जितने पैसे आवश्यक थे उतने मेरे पास नहीं थे। आखिर मेरे पिता जी ने अपना घर गिरवी रखा। माँ और बहनों ने अपने गहने बेच दिए और जीजा जी ने ऋण ले लिया। सब कुछ दाँव पर लगाकर मैं एवरेस्‍ट चढ़ाई के लिए निकल पड़ा।

           काठमांडू से एवरेस्‍ट जाते समय ‘नामचे बाजार’ से एवरेस्‍ट शिखर का प्रथम दर्शन हुए। मैंने पुणे की टीम ‘सागरमाथा गिर्यारोहण संस्‍था’ के साथ इस मुहीम पर था। बहुत जल्‍द हमने १९००० फीट पर स्‍थित माउंट आयलैड शिखर पर चढ़ाई की। इसके बाद हम एवरेस्‍ट बेसकैंप में पहुँचे। चढ़ाई के पहले पड़ाव पर सागरमाथा संस्‍था के अध्यक्ष रमेश गुळवे जी को पक्षाघात का दौरा पड़ा। उन्हें वैद्यकीय उपचार के लिए काठमांडू से पूना ले गए किंतु उनका देहांत हो गया। मैं और मेरे सााथियों पर मानो दुख का एवरेस्‍ट ही टूट पड़ा। फिर भी हमने आगे बढ़ने का निर्णय लिया।


इस निबंध के अंश पढ़कर विदेशी, तत्‍सम, तद्भव शब्‍द समझिए। इसी प्रकार के अन्य पाँच-पाँच शब्‍द ढूँढ़िए।

कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है।

हिंदी में कुछ शब्‍द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्‍दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्‍द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्‍कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्‍कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्‍दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं।

शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है।

हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्‌धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है।

प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा।

तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे।


‘शिक्षक दिवस’ पर उत्कृष्ट कार्य हेतु विद्यालय द्वारा शिक्षक को सम्‍मानपत्र देकर उनका अभिनंदन किया जा रहा है। इस सम्‍मानपत्र से अव्यय ढूँढ़कर उनसे अन्य वाक्‍य बनाइए:-

सम्‍मानपत्र

श्री/श्रीमती. ______
विद्यालय का नाम:______
पता:- ______
सम्‍माननीय,

आज डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जन्म दिन ‘शिक्षक दिवस’ पर आयोजित अभिनंदन समारोह में हम आपको अपने बीच पाकर हर्षित व गौरवान्वित हैं।

आपके मार्गदर्शन में प्राप्त उपलब्धियों पर संपूर्ण विद्यालय, परिवेश व समाज को गर्व है। आपने न केवल विद्यार्थियों की बहुमुखी प्रतिभा और असाधारण योग्यता को उभारा वरन प्रेणाप्रद सफलता भी दिलवाई। आपके इस कार्य तथा आपके अन्य अति विशिष्ट कार्यों के लिए विद्यालय आप का अभिनंदन करते हुए गर्व का अनुभव करता। आपके सहयोग से विद्यालय का विकास अक्षुण्ण होता रहा है।

हे! गुरुवर्य, आप सदैव स्वस्थ-संपन्न रहें एवं दीर्घायु हों, ऐसी हम सबकी आत्मिक कामना है। अनंत हार्दिक शुभकामनाओं सहित ...

दिनांक:- ५ सितंबर २०१७

शिक्षक दिवस
स्थान:- विद्यालय सभागार
समय:- प्रातः १०ः३० बजे

विद्यालय प्रमुख
क, ख, ग

निर्देशानुसार अव्यय परिवर्तित करके लिखिए:-

क्र.  अव्यय भेद  अव्यय शब्‍द  अन्य वाक्‍य
1. क्रिया विशेषण    
2. संबंध बोध    
3. समुच्चय बोधक    
4. विस्‍मयादि बोधक वाचक    

‘सौ’ शब्‍द का प्रयोग करके कोई दो कहावतें लिखिए ।


रेखांकित शब्‍द के विलोम शब्‍द लिखकर नए वाक्य बनाइए।

पूर्व दिशा में सूर्योदय होता है।


शब्‍द-युग्‍म पूरे करते हुए वाक्‍य में प्रयोग कीजिए।

घर - 


निम्‍नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्‍द के स्‍थान पर सही शब्‍द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:

अब पछताए होत क्‍या जब बंदर चुग गए खेत।




चुनाव में अपनी करारी हार देखकर नेताजी के पाँव तले ______ खिसक गई।


निम्नलिखित वाक्य के लिए एक सटीक मुहावरे का चयन कीजिए।

अपनी दुकान बेचने के सिवाय उसके पास और कोई उपाय नहीं था।


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