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पाठ में आए ‘से’ के विभिन्न प्रयोगों से वाक्य की संरचना को समझिए। (क) राजकपूर ने एक अच्छे और सच्चे मित्र की हैसियत से शैलेंद्र को फ़िल्म की असफलता के खतरों से आगाह भी किया।

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प्रश्न

पाठ में आए ‘से’ के विभिन्न प्रयोगों से वाक्य की संरचना को समझिए।

(क) राजकपूर ने एक अच्छे और सच्चे मित्र की हैसियत से शैलेंद्र को फ़िल्म की असफलता के खतरों से आगाह भी किया।

(ख) रातें दसों दिशाओं से कहेंगी अपनी कहानियाँ।

(ग) फ़िल्म इंडस्ट्री में रहते हुए भी वहाँ के तौर-तरीकों से नावाकिफ़ थे।

(घ) दरअसल इस फ़िल्म की संवेदना किसी दो से चार बनाने के गणित जानने वाले की समझ से परे थी।

(ङ) शैलेंद्र राजकपूर की इस याराना दोस्ती से परिचित तो थे।

कृति
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उत्तर

(क) 'हैसियत से' और 'खतरों से': 'हैसियत से' में 'से' का प्रयोग 'के रूप में' या 'माध्यम' (करण कारक) के अर्थ में हुआ है। • 'खतरों से' में 'से' का प्रयोग बचाव अथवा सचेत करने के भाव (अपादान कारक) को व्यक्त करता है।

(ख) 'दसों दिशाओं से': यहाँ 'से' का प्रयोग स्रोत अथवा स्थानबोधक माध्यम (अपादान कारक) के रूप में हुआ है, जिससे ध्वनि या संदेश आने की दिशा का बोध होता है।

(ग) 'तौर-तरीकों से': यहाँ 'से' का प्रयोग विषय-संदर्भ (करण कारक) के अर्थ में हुआ है, जो किसी विषय या परिस्थिति से अनभिज्ञता (नावाकिफ़) के संबंध को जोड़ता है।

(घ) 'दो से चार' और 'समझ से परे': 'दो से चार' में 'से' का प्रयोग वृद्धि अथवा रूपांतरण के अर्थ में हुआ है। • 'समझ से परे' में 'से' का प्रयोग सीमा, दूरी अथवा अलगाव (अपादान कारक) के अर्थ में हुआ है, जो पहुँच से बाहर होने का भाव देता है।

(ङ) 'दोस्ती से': यहाँ 'से' का प्रयोग संबद्धता/परिचय के विषय (करण कारक) के रूप में हुआ है।

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व्याकरण
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अध्याय 2.4: तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र - भाषा अध्ययन [पृष्ठ ८५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
अध्याय 2.4 तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
भाषा अध्ययन | Q 1. | पृष्ठ ८५
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