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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए - उनके गीत भाव-प्रवण थे − दुरूह नहीं।

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प्रश्न

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए -

उनके गीत भाव-प्रवण थे − दुरूह नहीं।

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

शैलेन्द्र के गीत सीधी-साधी भाषा में लिखे गए थे तथा सरसता व प्रवाह लिए हुए थे। इनके गीत भावनात्मक गहन विचारों वाले तथा संवेदनशील थे।

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तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
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अध्याय 2.4: तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र - लिखित (ग) [पृष्ठ ९५]

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एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
अध्याय 2.4 तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
लिखित (ग) | Q 5 | पृष्ठ ९५

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