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‘तीसरी कसम’ जैसी फ़िल्म बनाने के पीछे शैलेंद्र की मंशा क्या थी?

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प्रश्न

‘तीसरी कसम’ जैसी फ़िल्म बनाने के पीछे शैलेंद्र की मंशा क्या थी?

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

शैलेंद्र कवि हृदय रखने वाले गीतकार थे। तीसरी कसम बनाने के पीछे उनकी मंशा यश या धनलिप्सा न थी। आत्म संतुष्टि के लिए ही उन्होंने फ़िल्म बनाई।

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तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
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'तीसरी कसम' फ़िल्म को कौन-कौन से पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है?


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'तीसरी कसम' फ़िल्म के नायक व नायिकाओं के नाम बताइए और फ़िल्म में इन्होंने किन पात्रों का अभिनय किया है?


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राजकपूर की किस बात पर शैलेंद्र का चेहरा मुरझा गया?


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फ़िल्म समीक्षक राजकपूर को किस तरह का कलाकार मानते थे?


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'तीसरी कसम' फ़िल्म को सेल्यूलाइड पर लिखी कविता क्यों कहा गया है?


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'तीसरी कसम' फ़िल्म को खरीददार क्यों नहीं मिल रहे थे?


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फ़िल्म निर्माता के रूप में शैलेन्द्र की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए?


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शैलेंद्र के निजी जीवन की छाप उनकी फ़िल्म में झलकती है−कैसे? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए -

उनके गीत भाव-प्रवण थे − दुरूह नहीं।


समाचार पत्रों में फ़िल्मों की समीक्षा दी जाती है। किन्हीं तीन फ़िल्मों की समीक्षा पढ़िए और तीसरी कसम’ फ़िल्म को देखकर इस फ़िल्म की समीक्षा स्वयं लिखने का प्रयास कीजिए।


फ़िल्मों के संदर्भ में आपने अकसर यह सुना होगा-‘जो बात पहले की फ़िल्मों में थी, वह अब कहाँ’। वतर्ममान दौर की फ़िल्मों और पहले की फ़िल्मों में क्या समानता और अंतर है? कक्षा में चर्चा कीजिए।


लोकगीत हमें अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं। तीसरी कसम’ फ़िल्म में लोकगीतों का प्रयोग किया गया है। आप भी अपने क्षेत्र के प्रचलित दो-तीन लोकगीतों को एकत्र कर परियोजना कॉपी पर लिखिए।


‘तीसरी कसम’ जैसी और भी फ़िल्में हैं, जो किसी न किसी भाषा की साहित्यिक रचना पर बनी हैं। ऐसी फ़िल्मों की सूची निम्नांकित प्रपत्र के आधार पर तैयार करें।

क्र.सं. फ़िल्म का नाम साहित्यिक रचना भाषा रचनाकार
1. देवदास देवदास बंगला शरत्‌चंद्र
2. ............. ............. ............. .............
3. ............. ............. ............. .............
4. ............. ............. ............. .............

राजकपूर ने शैलेंद्र के साथ अपनी मित्रता? निर्वाह कैसे किया?


शैलेंद्र ने अच्छी फ़िल्म बनाने के लिए दवा किया?


शैलेंद्र द्वारा बनाई गई फ़िल्म चल रहीं, इसके कारण क्या थे?


‘राजकपूर जिन्हें समीक्षक और कलामर्मज्ञ आँखों से बात करने वाला मानते हैं’ के आधार पर राजकपूर के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालिए।


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