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निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए - शैलेंद्र के निजी जीवन की छाप उनकी फ़िल्म में झलकती है−कैसे? स्पष्ट कीजिए।

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प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -

शैलेंद्र के निजी जीवन की छाप उनकी फ़िल्म में झलकती है−कैसे? स्पष्ट कीजिए।

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उत्तर

शैलेंद्र के निजी जीवन की छाप उनकी फ़िल्म में झलकती है। शैलेन्द्र ने झूठे अभिजात्य को कभी नहीं अपनाया। उनके गीत भाव-प्रवण थे − दुरुह नहीं। उनका कहना था कि कलाकार का यह कर्त्तव्य है कि वह उपभोक्ता की रुचियों का परिष्कार करने का प्रयत्न करे। उनके लिखे गए गीतों में बनावटीपन नहीं था। उनके गीतों में शांत नदी का प्रवाह भी था और गीतों का भाव समुद्र की तरह गहरा था। यही विशेषता उनकी ज़िंदगी की थी और यही उन्होंने अपनी फिल्म के द्वारा भी साबित किया।

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तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
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अध्याय 2.4: तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ८५]

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एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
अध्याय 2.4 तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
प्रश्न-अभ्यास | Q (ख) 6. | पृष्ठ ८५

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