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वाक्‍य के प्रकार रचना की दृष्‍टि से (१) साधारण (२) मिश्र (३) संयुक्‍त अर्थ की दृष्‍टि से (१) विधानार्थक (२) निषेधार्थक (३) प्रश्नार्थक (4) आज्ञार्थक (5) विस्‍मयाधिबोधक (६) संदेशसूचक

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प्रश्न

दीर्घउत्तर
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उत्तर

रचना की दृष्‍टि से वाक्‍य के प्रकार:

  1. साधारण वाक्‍य - जिस वाक्य में एक उद्देश्य और एक विधेय होता है, उसे सरल वाक्य कहते हैं।
    उदाहरण: बिजली चमकती है।
  2. मिश्र वाक्‍य - जिस वाक्य में दो या दो से अधिक वाक्य स्वतंत्र होते हुए भी किसी समुच्ययबोधक द्वारा जुड़े हुए हों, उसे संयुक्त वाक्य कहते हैं।
    उदाहरण: सफल वही होता है जो परिश्रम करता है।
  3. संयुक्‍त वाक्‍य - जिस वाक्य में एक प्रधान वाक्य हो और अन्य वाक्य उसके अधीन हों, उसे मिश्र वाक्य कहते हैं।
    उदाहरण: उसने बहुत परिश्रम किया किन्तु सफलता नहीं मिली।

अर्थ की दृष्‍टि से वाक्‍य के प्रकार:

  1. विधानार्थक वाक्य - जिस वाक्य में क्रिया के करने या होनें की सामान्य सूचना मिलती है, उसे विधानार्थक वाक्य कहते हैं।
    उदाहरण:
    1. श्रीराम के पिता का नाम दशरथ था।
    2. भारत एक देश है।
  2. निषेधार्थक वाक्य - जिस वाक्य में क्रिया के न करने या न होने का बोध हो, उसे निषेधार्थक वाक्य कहते हैं।
    उदाहरण:
    1. मैंने खाना नहीं खाया।
    2. राधा कुछ न कर सकी।
  3. प्रश्नार्थक वाक्य - जिस वाक्य में कोई प्रश्न किया जाए तो वह प्रश्नार्थक वाक्य कहलाता हैं।
    उदाहरण:
    1. दशरथ कहाँ के राजा थे?
    2. यह किसका पुस्तक है?
  4. आज्ञार्थक वाक्य - जिस वाक्य में आदेश या अनुमति दी जाती है, उसे आज्ञार्थक वाक्य कहते हैं।
    उदाहरण:
    1. मुझे अब चलना चाहिए।  
    2. एक ग्लास पानी लाओ।
  5. विस्‍मयाधिबोधक वाक्य - जिसे वाक्य में विस्मय, आश्चर्य, शोक, हर्ष, घृणा आदि का भाव प्रकट होता है, उसे विस्मयार्थक वाक्य कहा जाता हैं।
    उदाहरण:
    1. ओह! कितनी ठंडी रात है।
    2. अहा! कितना सुन्दर उपवन है।
  6. संदेशसूचक वाक्य - जिन वाक्यों से यह स्पष्ट होता है कि कोई आदेश दिया गया है, उन्हें संदेश सूचक वाक्य कहते हैं।
    उदाहरण:
    1. रामू वह पेन लेकर आओ।
    2. घर आते वक्त यह सामान लेकर आना।
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व्याकरण
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 3: व्याकरण विभाग - व्याकरण विभाग [पृष्ठ ८४]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Lokbharati [English] Standard 9 Maharashtra State Board
अध्याय 3 व्याकरण विभाग
व्याकरण विभाग | Q (७) | पृष्ठ ८४

संबंधित प्रश्न

क्रिया का लिंग और वचन सामान्यतः कर्ता और कर्म के लिंग और वचन के अनुसार निर्धारित होता है। वाक्य में कर्ता और कर्म के लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार जब क्रिया के लिंग, वचन आदि में परिवर्तन होता है तो उसे अन्विति कहते हैं।
क्रिया के लिंग, वचन में परिवर्तन तभी होता है जब कर्ता या कर्म परसर्ग रहित हों;
जैसे- सवार कारतूस माँग रहा था। (कर्ता के कारण)
सवार ने कारतूस माँगे। (कर्म के कारण)
कर्नल ने वज़ीर अली को नहीं पहचाना। (यहाँ क्रिया, कर्ता और कर्म किसी के भी कारण प्रभावित नहीं है)

अतः कर्ता और कर्म के परसर्ग सहित होने पर क्रिया कर्ता और कर्म से किसी के भी लिंग और वचन से प्रभावित नहीं होती और वह एकवचन पुल्लिंग में ही प्रयुक्त होती है। नीचे दिए गए वाक्यों में ‘ने’ लगाकर उन्हें दुबारा लिखिए-

  1. घोड़ा पानी पी रहा था।
  2. बच्चे दशहरे का मेला देखने गए।
  3. रॉबिनहुड गरीबों की मदद करता था।
  4. देशभर के लोग उसकी प्रशंसा कर रहे थे।

ध्यान दीजिए नुक्ता लगाने से शब्द के अर्थ में परिवर्तन हो जाता है। पाठ में दफा’ शब्द का प्रयोग हुआ है जिसका अर्थ होता है-बार (गणना संबंधी), कानून संबंधी। यदि इस शब्द में नुक्ता लगा दिया जाए तो शब्द बनेगा ‘दफ़ा’ जिसका अर्थ होता है-दूर करना, हटाना। यहाँ नीचे कुछ नुक्तायुक्त और नुक्तारहित शब्द दिए जा रहे हैं उन्हें ध्यान से देखिए और अर्थगत अंतर को समझिए।
सजा – सज़ा
नाज – नाज़
जरा – ज़रा
तेज – तेज


निम्नलिखित वाक्यों में उचित शब्द भरकर वाक्य पूरे कीजिए-

  1. आजकल _________ बहुत खराब है। (जमाना/जमाना)
  2. पूरे कमरे को _________  दो। (सजा/सजा)
  3. _________  चीनी तो देना। (जरा/जरा)
  4. माँ दही _________  भूल गई। (जमाना/जमाना)
  5. दोषी को _________  दी गई। (सजा/सज़ा)
  6. महात्मा के चेहरे पर _________ था। (तेज/तेज़)

अर्थ के अनुसार वाक्‍यों के प्रकार ढूँढ़कर लिखो।


शरीर के विभिन्न अंगों से संबंधित मुहावरों की अर्थ सहित सूची बनाओ।


वाक्‍य शुद्ध करके लिखो :

बड़े दुखी लग रहे हो क्‍या हुआ


पाठ में प्रयुक्‍त उद्‌धरण, सुवचन, मुहावरे, कहावतें, आलंकारिक शब्‍द आदि की सूची बनाकर अपने लेखन प्रयोग हेतु संकलन करो।


निम्‍न शब्‍द के पर्यायवाची शब्‍द लिखिए:


शब्‍द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्‍य लिखिए:

डायनासोर प्राणी अब दुर्लभ हो गए हैं।


शब्‍द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्‍य लिखिए:

वह तटस्थ होकर अपने विचार रखता है।


शब्‍द-युग्‍म पूरे करते हुए वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:

भला


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

यह भोजन दस आदमी के लिए है।


उचित विराम चिह्न लगाओ:

विशाखा लंदन से दिल्‍ली आती है हवा जैसी आने की सूचना नहीं देती।


उचित विराम चिह्न लगाओ:

बालभारती हिंदी की पुस्तकें हैं।
सुलभभारती

निम्नलिखित शब्द के युग्म शब्द बताओ और वाक्य में उचित शब्दयुग्म लिखो:

______ - फूल

बाजार से बहुत सारे ______ खरीदकर लाए।


निम्नलिखित शब्द के युग्म शब्द बताओ और वाक्य में उचित शब्दयुग्म लिखो:

______ - पहचान

समारोह में सभी ______ वालों को आमंत्रित किया।


अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :

यदि बिजली आएगी तो रोशनी होगी।


‘खेलना’ इस क्रिया के सकर्मक, अकर्मक, संयुक्त, सहायक और प्रेरणार्थक रूपों का वाक्यों में प्रयोग करो और लिखो।


उचित विरामचिह्न लगाइए:-

वाह उसने ताे तुम्हें अच्छा धोखा दिया


शब्‍द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:-

गौ


उचित विरामचिह्न लगाइए:-

अनुवादित अनूदित ग्रंथ कुटीर


शब्‍द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-

विग्रह शब्द विलोम
+ अभ्‍युत्‍थान ×

शब्‍द के लिंग पहचानिए:

ज्ञान = ______


निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
______ दु: + प्रकृति  

इस निबंध के अंश पढ़कर विदेशी, तत्‍सम, तद्भव शब्‍द समझिए। इसी प्रकार के अन्य पाँच-पाँच शब्‍द ढूँढ़िए।

कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है।

हिंदी में कुछ शब्‍द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्‍दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्‍द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्‍कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्‍कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्‍दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं।

शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है।

हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्‌धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है।

प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा।

तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे।


शब्‍द-युग्‍म पूरे करते हुए वाक्‍य में प्रयोग कीजिए।

घर - 


रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्‍द से कीजिए और नया वाक्‍य बनाइए:

______ ! मैं सच कहता हूँ बाबू जी ।


रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्‍द से कीजिए और नया वाक्‍य बनाइए:

लेखकों ______ वक्‍ताओं की न जाने क्‍या दुर्दशा होती।


नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:

चिह्न नाम वाक्य
   


निम्नलिखित वाक्य में रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए एक सटीक मुहावरे का चयन कीजिए।

झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई ने शत्रु सेना के सामने ______ स्वीकार नहीं किया।


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