हिंदी

शब्‍द संपदा - शब्‍दों के लिंग, वचन, विलोमार्थक, समानार्थी, पर्यायवाची, शब्‍दयुग्‍म, अनेक शब्‍दों के लिए एक शब्‍द, भिन्नार्थक शब्‍द, कठिन शब्‍दों के अर्थ, विरामचिह्न, उपसर्ग-प्रत्‍यय पहचानना/अलग करना

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

शब्‍द संपदा -

शब्‍दों के लिंग, वचन, विलोमार्थक, समानार्थी, पर्यायवाची, शब्‍दयुग्‍म, अनेक शब्‍दों के लिए एक शब्‍द, भिन्नार्थक शब्‍द, कठिन शब्‍दों के अर्थ, विरामचिह्न, उपसर्ग-प्रत्‍यय पहचानना/अलग करना, लय-ताल युक्‍त शब्‍द ।

दीर्घउत्तर
Advertisements

उत्तर

  1. लिंग: संज्ञा के जिस रूप से किसी वस्तु की जाति (पुरुष अथवा स्त्री) का बोध होता है, उसे लिंग कहते हैं।
    लिंग के दो भेद हैं:
    1. पुल्लिंग: संज्ञा के जिस रूप से पुरुष जाति का बोध होता है, उसे पुल्लिंग कहते हैं।
      उदाहरण: 
      1. मेरा वजन बढ़ता ही जा रहा है।
      2. मैं वन में जाना चाहता हूँ।
    2. स्त्रीलिंग: संज्ञा के जिस रूप से स्त्री जाति का बोध होता है, उसे स्त्रीलिंग कहते हैं।
      उदाहरण: 
      1. एक कमरे में दो खटिया पड़ी थी।
      2. एक साल से हम उसकी तलाश कर रहे हैं।
  2. वचन: संज्ञा अथवा सर्वनाम के जिस रूप से यह ज्ञात हो कि वह एक के लिए प्रयुक्त हुआ है अधवा एक से अधिक के लिए उसे वचन कहते हैं।
    वचन के दो भेद हैं:
    1. एकवचन: जिस शब्द के रूप से एक का बोध हों, उसे एकवचन कहते हैं।
      उदाहरण: 
      1. गाय घास खा रही है।
      2. लकड़ी टूट गई।
    2. बहुवचन: जिस शब्द के रूप से एक से अधिक का बोध हो, उस बहुबचन कहते है।
      उदाहरण: 
      1. वह मालाएँ खरीद रहा है।
      2.  कपड़े अभी सूख रहे हैं।
  3. विलोमार्थक शब्‍द: एक-दूसरे के विपरीत या उल्टा अर्थ देने वाले शब्दों को, विलोमा शब्‍द कहते है अर्थात् जो शब्द किसी दूसरे शब्द का उल्टा अर्थ बताते हैं, उन्हें विलोम शब्द या विपरीतार्थक शब्द या विरुद्धार्थी शब्द कहते है।
    उदाहरण: कड़वा - मीठा, अल्पसंख्यक बहुसंख्यक, एकतंत्र - बहुतंत्र, अनुराग - विराग
  4. समानार्थी शब्‍द अथवा पर्यायवाची शब्‍द: किसी शब्द का समान अर्थ वाले दूसरे शब्द या उसी के समान कोई दूसरा नाम उसे समानार्थी शब्‍द अथवा पर्यायवाची शब्‍द कहते है।
    उदाहरण: अलंकार- आभूषण, अनादर - तिरस्कर, अंग- अंश, अग्नि- दहन
  5. शब्‍दयुग्‍म शब्‍द: किसी वाक्य में दो या दो से अधिक शब्दों का समूह होता है जो कि साथ में आकार, अर्थ या भाषा के आधार पर मिलकर एक पूर्ण अर्थ दर्शाते हैं।
    उदाहरण: शाक - सब्जी, नहाना - धोना, उठना - बैठना, मान - सम्मान
  6. अनेक शब्‍दों के लिए एक शब्‍द - हर भाषा में कुछ ऐसे शब्द होते हैं जिनके एक से अधिक अर्थ निकलते हैं। ये अलग-अलग अवसरों में, वाक्यों के साथ मिलकर अलग-अलग अर्थ देते हैं। ये शब्द अनेकार्थी शब्द कहलाते हैं।
    उदाहरण: 
    1. औसत - बीच का, साधारण, दरमियानी
    2. कर्ण - कर्ण (नाम), कान
    3. कुंभ - घड़ा, एक राशि, हाथी का मस्तक
  7. भिन्नार्थक शब्‍द: ऐसे शब्द जो पढ़ने और सुनने में लगभग एक-से लगते हैं, परंतु अर्थ की दृष्टि से भिन्न्न होते हैं, श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द कहलाते हैं। कुछ शब्द ऐसे होते हैं जिनमें स्वर, मात्रा अथवा व्यंजन में थोड़ा-सा अन्तर होता है। वे बोलचाल में लगभग एक जैसे लगते हैं, परन्तु उनके अर्थ में भिन्नता होती है।
    उदाहरण: 
    1. कोश - म्यान
      कोष - खजाना
    2. खोलना - बन्धनमुक्त करना
      खौलना - उबलना
  8. कठिन शब्‍दों के अर्थ: कठिन का तात्पर्य उन सभी चीजों के विपरीत है जो आसान है। कठिन का तात्पर्य उन बाधाओं की उपस्थिति से है जिन्हें पार करना है या पहेलियों को हल करना है और कौशल या साहस की आवश्यकता का सुझाव देता है। कठिन श्रमसाध्य और सतत परिश्रम की आवश्यकता पर बल देता है।
    उदाहरण: 
    1. क्लिष्ट = जटिल
    2. यत्किंचित = कुछ; थोड़ा सा; ज़रा सा।
    3. अट्टालिका = किसी उंच्ची इमारत का ऊपरी कक्ष या हिस्सा।
  9. विरामचिह्न: वाक्य पढ़ते समय कहाँ रुकना; कितना रुकना, वाक्य का भाव कैसे प्रकट करना इत्यादि बताने के लिए जिन विविध चिहनों का प्रयोग किया जाता है, उन्हें विरामचिह्न कहते हैं।
    विरामचिहन निम्नलिखित प्रकार के होते हैं:
    1. पूर्णविराम (.) - विधानात्मक वाक्य पूर्ण हुआ है यह दिखाने के लिए जिस चिहन का प्रयोग किया जाता है, उसे पूर्णविराम कहते हैं।
      उदाहरण: 
      1. उसने बताया नहीं कि वह कहाँ जा रहा है।
    2. अल्पविराम (,) - वाक्य बोलते समय बीच-बीच में ठहरने के लिए जिस चिह्न का प्रयोग किया जाता है, उसे अल्पविराम कहते हैं।उदाहरण: 
      1. राधे, तुम आज भी विद्यालय नहीं गयीं।
    3. अर्धविराम (;) - वाक्य में जब ठहराव अल्पविराम से अधिक और पूर्णविराम से कम हो तो अर्धविराम॑ का प्रयोग किया जाता है।
      उदाहरण: 
      1. उसने बताया नहीं कि वह कहाँ जा रहा है।
    4. प्रश्नवाचक चिहन (?) - प्रश्न पूछने के लिए जिस चिह्न का प्रयोग किया जाता है, उसे प्रश्नवाचक चिह्न कहते हैं।
      उदाहरण: 
      1. उसकी पुस्तक किसने ली ?
      2. राम घर पर आया या नहीं ?
    5. विस्मयादिबोधक चिह्न (!) - वाक्य में हर्ष, शोक, विस्मय इत्यादि व्यक्त करने के लिए जिस चिह्न का प्रयोग कियां जाता है, उसे विस्मयादिबोधक चिह्न कहते हैं।
      उदाहरण: 
      1. हाय ! अब मैं क्या करूँ ?
      2. अरे ! तुम प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हो गये।
    6. अवतरण चिह्न (””) - किसी के कहें वाक्य को ज्यों-का-त्यों व्यक्त करने के | लिए जिस चिहन का प्रयोग किया जाता है, उसे अवतरण चिह्न कहते हैं।
      1. इकहरा अवतरण चिह्न ('') - शीर्षक, पुस्तक, संस्था. का नामनिर्देश करते समय इकहरा अवतरण चिह्न ('') का प्रयोग किया जाता है।
        उदाहरण: रामधारीसिंह ‘दिनकर’ ओज के कवि हैं।
      2. दुहरा अवतरण चिह्न (””) - किसी के कथन को दिखाने के लिए दुहरा अवतरण चिह्न (””) का प्रयोग किया जाता है।
        उदाहरण: महावीर ने कहा, ‘‘अहिंसा परमोधर्मः।’’
    7. निर्देशक चिह्न (―) - जहाँ एक शब्द या शब्दों को दूसरे शब्दों से अलग किया जाता है तथा आगे किसी विशेष बात का उल्लेख किया जाता है, वहाँ निर्देशक चिह्न (-) का प्रयोग होता है।
      उदाहरण: मनसा ― बेटी,यदि तू जानती।
    8. योजक चिह्न (-) - दो शब्दों को युग्म बनाने के लिए या एक ही शब्द को दो या अधिक बार दुहराने पर योजक चिहन (-) का प्रयोग किया जाता है।
      उदाहरण: माता-पिता, प्रेम-सागर
    9. अपूर्णविराम (:) - संवाद-लेखन, एकांकी-लेखन या नाटक-लेखन में अपूर्णविराम का प्रयोग अधिक किया जाता है।
      उदाहरण: छोटा सवाल : बड़ा सवाल
  10. उपसर्ग पहचानना/अलग करना: वह अव्यय या शब्दांश, जो किसी शब्द के पहले आकर उसका विशेष अर्थ बनाते हैं, उन्हें उपसर्ग कहा जाता है।
    उदाहरण: 
    1. प्र+हार = प्रहार
    2. आ+हार = आहार
  11. प्रत्‍यय पहचानना/अलग करना: जो शब्दांश शब्दों के अंत में विशेषता या परिवर्तन ला देते हैं, वे प्रत्यय कहलाते हैं।
    उदाहरण: 
    1. लेखक = लेख् + अक
    2. प्रत्यय = प्रति + अय
  12. लय-ताल युक्‍त शब्‍द: 
    उदाहरण: 
    1. हवा - रवा
    2. बावली - साँवली
shaalaa.com
व्याकरण
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 3: व्याकरण विभाग - व्याकरण विभाग [पृष्ठ ८४]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Lokbharati Standard 9 Maharashtra State Board
अध्याय 3 व्याकरण विभाग
व्याकरण विभाग | Q (६) | पृष्ठ ८४

संबंधित प्रश्न

निम्‍नलिखित समोच्चारित भिन्नार्थक हिंदी शब्द का अर्थ लिखो तथा उन शब्द का अलग-अलग पूर्ण वाक्‍यों में प्रयोग कराे :

ज्‍वार


पाठों में आए हुए उपसर्ग और प्रत्‍ययवाले शब्‍द ढूँढ़ो तथा उनके उपसर्ग/प्रत्‍यय अलग करके मूल शब्‍द लिखो।


निम्‍न शब्‍द के पर्यायवाची शब्‍द लिखिए:


शब्‍द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्‍य लिखिए:

अमरु स्‍वभाव से अल्‍पभाषी है।


शब्‍द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्‍य लिखिए:

डायनासोर प्राणी अब दुर्लभ हो गए हैं।


रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:

पूर्णिमा के दिन चाँद परिपूर्णता लिए हुए था।


नीचे दिए गए चिन्ह के सामने उनका नाम लिखिए तथा वाक्य में उचित विरामचिह्न लगाइए 

" ........ "


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

यह भोजन दस आदमी के लिए है।


निम्नलिखित मुहावरे/कहावत में से अनुपयुक्त शब्द काटकर उपयुक्त शब्द लिखिए:

गेहूँ - गीला - होना - ______ - ______ - ______


निम्नलिखित शब्द का वचन बदलकर वाक्य में प्रयोग करके लिखो:

रोटी → 


निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :

मॉं आज अस्पताल जाएगी।


निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :

जन्म के बाद एक मामी जी ने मुझे गोद ले लिया।


अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :

सदैव सत्य के पथ पर चलो।


विरामचिह्न रहित अनुच्छेद में विरामचिह्न लगाओ।

(,, !, ।, ?, -, – , ‘ ’ , ‘‘ ’’)

काबुलीवाले ने पूछा बिटिया अब कौन सी चूड़ियॉं चाहिए मैंने अपनी गुड़िया दिखाकर कहा मेरी गुड़िया के लिए अच्छी सी चूड़ियॉं दे दो जैसे लाल नीली पीली (यह अनुच्छेद काबुलीवाला कहानी से है।)


उचित विरामचिह्न लगाइए:-

पराधीन को स्‍वप्न में भी सुख नहीं मिलता


निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्‍द रिक्‍त स्‍थान में लिखिए:-

शब्द पर्यायवाची शब्द
अन्य भिन्न      

निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्‍द रिक्‍त स्‍थान में लिखिए:-

शब्द पर्यायवाची शब्द
  अरण्य      

शब्‍द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:-

तारा


शब्‍द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-

विग्रह शब्द विलोम
+ सद्गुण ×

निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
______ अभि + इष्ट  

निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
______ नव + ऊढ़ा  

निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
महौषधि ______ + ______  

पाठ्यपुस्‍तक की दूसरी इकाई के १ से ६ के पाठों से भेदों सहित विशेषणों को ढूँढ़कर उनका वाक्‍यों में प्रयोग कीजिए।


पाठ्यपुस्‍तक की दूसरी इकाई के ७ से १३ के पाठों से भेदों सहित क्रियाओं को ढूँढ़कर उनका वाक्‍यों में प्रयोग कीजिए।


परिच्छेद में आए सर्वनामों की सूची तैयार कीजिए।

           भारत में आकर हालात फिर वही थे। एवरेस्‍ट के लिए जितने पैसे आवश्यक थे उतने मेरे पास नहीं थे। आखिर मेरे पिता जी ने अपना घर गिरवी रखा। माँ और बहनों ने अपने गहने बेच दिए और जीजा जी ने ऋण ले लिया। सब कुछ दाँव पर लगाकर मैं एवरेस्‍ट चढ़ाई के लिए निकल पड़ा।

           काठमांडू से एवरेस्‍ट जाते समय ‘नामचे बाजार’ से एवरेस्‍ट शिखर का प्रथम दर्शन हुए। मैंने पुणे की टीम ‘सागरमाथा गिर्यारोहण संस्‍था’ के साथ इस मुहीम पर था। बहुत जल्‍द हमने १९००० फीट पर स्‍थित माउंट आयलैड शिखर पर चढ़ाई की। इसके बाद हम एवरेस्‍ट बेसकैंप में पहुँचे। चढ़ाई के पहले पड़ाव पर सागरमाथा संस्‍था के अध्यक्ष रमेश गुळवे जी को पक्षाघात का दौरा पड़ा। उन्हें वैद्यकीय उपचार के लिए काठमांडू से पूना ले गए किंतु उनका देहांत हो गया। मैं और मेरे सााथियों पर मानो दुख का एवरेस्‍ट ही टूट पड़ा। फिर भी हमने आगे बढ़ने का निर्णय लिया।


रेखांकित शब्‍द के विलोम शब्‍द लिखकर नए वाक्य बनाइए।

कांति को कमला पर विश्वास था।


रेखांकित शब्‍द के विलोम शब्‍द लिखकर नए वाक्य बनाइए।

दुकानदार रमा का परिचित था ।


रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्‍द से कीजिए और नया वाक्‍य बनाइए:

मैं उसकी ______ न जाने क्यों आकर्षित हुआ।


रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्‍द से कीजिए और नया वाक्‍य बनाइए:

लेखकों ______ वक्‍ताओं की न जाने क्‍या दुर्दशा होती।


चुनाव में अपनी करारी हार देखकर नेताजी के पाँव तले ______ खिसक गई।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×