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प्रश्न
अर्थ की दृष्टि से वाक्य परिवर्तित करके लिखिए :

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उत्तर

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संबंधित प्रश्न
इस पाठ में आए निम्नलिखित वाक्यों की संरचना पर ध्यान दीजिए-
(क) ‘तीसरी कसम’ फ़िल्म नहीं, सैल्यूलाइड पर लिखी कविता थी।
(ख) उन्होंने ऐसी फ़िल्म बनाई थी जिसे सच्चा कवि-हृदय ही बना सकता था।
(ग) फ़िल्म कब आई, कब चली गई, मालूम ही नहीं पड़ा।
(घ) खालिस देहाती भुच्चे गाड़ीवान जो सिर्फ दिल की जुबान समझता है, दिमाग की नहीं।
पाठ्यपुस्तक के पाठों से विलोम और समानार्थी शब्द ढूँढ़कर उनकी सूची बनाओ और उनका अलग-अलग वाक्यों में प्रयोग करो।
लिखो :
पर्यायवाची शब्द :

निम्नलिखित समोच्चारित भिन्नार्थक हिंदी शब्द का अर्थ लिखो तथा उन शब्द का अलग-अलग पूर्ण वाक्यों में प्रयोग कराे :
सीना
पाठों में आए सभी प्रकार के सर्वनाम ढूँढ़कर उनका अपने वाक्यों में प्रयोग करो।
निम्न शब्द के पर्यायवाची शब्द लिखिए:

शब्द-युग्म पूरे करते हुए वाक्य में प्रयोग कीजिए:
उधड़े
नीचे दिए गए चिन्ह के सामने उनका नाम लिखिए तथा वाक्य में उचित विरामचिह्न लगाइए
!
निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:
यह है न पसीने का धारा।
निम्न वाक्यों में से सर्वनाम एवं क्रियाएँ छॉंटकर भेदों सहित लिखिए तथा पाठ्यपुस्तक से खोजकर नए अन्य वाक्य बनाइए:

सहायक क्रिया का वाक्य में प्रयोग कीजिए।
होना
दाएँ पंख में उपसर्ग तथा बाऍं पंख में प्रत्यय लगाकर शब्द लिखाे तथा उनके वाक्य बनाओ:

__________________
__________________
उचित विराम चिह्न लगाओ:
| बालभारती | हिंदी की पुस्तकें हैं। |
| सुलभभारती |
निम्नलिखित शब्दों में उपसर्ग लगाकर लिखो।

|
चाह गई चिंता गई मनुआँ बेपरवाह
जाके कछु न चाहिए सोइ सहंसाह। -कबीर
|
उचित विरामचिह्न लगाइए:-
भक्तिकाल में दो धाराएँ थीं सगुण धारा, निर्गुण धारा
अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-
कल मैंने उसका साथ करा था।
शब्द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए:-
ज्योति
शब्द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए:-
तारा
निम्न वाक्य के उद्देश्य और विधेय पहचानकर लिखिए:-
गायन में शब्दों का महत्त्व बहुत थोड़ा होता है।
निम्न वाक्य के उद्देश्य और विधेय पहचानकर लिखिए:-
गायन में अलाप और तानों का महत्त्व होता है।
परिच्छेद पढ़िए और उसमें आए शब्दों के लिंग एवं वचन बदलकर लिखिए।
|
मैं गाँव से शहर पढ़ने आता था। गाँव का मेरा एक मित्र भी था। सावन-भादों की बादलों से ढँकी रात में बीहड़ पानी बरसता है। पूरा सन्नाटा शेर की दहाड़ सरीखा गरज उठता है। छमाक से बिजलियाँ कड़कती हैं। माँ बच्चे को अपने छाती से चिपकाती है। हाँड़ी में उबलते दाल-भात के साथ उसकी उम्मीद भी पकती है। उसका श्रम पकता है। अंत में कभी-कभी माँ हाँड़ी में चिपके मुट्ठी भर बचे चावल खाती है। न जाने कहाँ से अपनी आँखों में इतनी तेज चमक पैदा कर लेती है कि भरे पेटवाले की आँखें चौंधियाँ जाती हैं। उसके त्याग और संतान की तृप्ति के पानी से उसकी साध लहलहाती है। बैलगाड़ी में बैठी संतान को छतरी की छाँव करती है। बस में बच्चा खिड़की के पास बैठा बाहर दृश्यों को देखता है और वह पूरी यात्रा बच्चे को देखती रहती है। सँभालती रहती है। रेल जब बोगदे के भीतर से गुजरती है, तो अनायास उसका हाथ बच्चे की बाँह पर चला जाता है और पिता का सामान पर। |
वचन बदलिए।
एक = ______
रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
मन बड़ा दुस्साहसी था ।
कविता के दूसरे चरण का भावार्थ लिखिए।
निम्नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्द के स्थान पर सही शब्द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:
टोपी पहनना
निम्नलिखित मुहावरे से वाक्य बनाइए।
ईंट से ईंट बजाना
