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प्रश्न

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उत्तर
रचना की दृष्टि से वाक्य के प्रकार:
- साधारण वाक्य - जिस वाक्य में एक उद्देश्य और एक विधेय होता है, उसे सरल वाक्य कहते हैं।
उदाहरण: बिजली चमकती है। - मिश्र वाक्य - जिस वाक्य में दो या दो से अधिक वाक्य स्वतंत्र होते हुए भी किसी समुच्ययबोधक द्वारा जुड़े हुए हों, उसे संयुक्त वाक्य कहते हैं।
उदाहरण: सफल वही होता है जो परिश्रम करता है। - संयुक्त वाक्य - जिस वाक्य में एक प्रधान वाक्य हो और अन्य वाक्य उसके अधीन हों, उसे मिश्र वाक्य कहते हैं।
उदाहरण: उसने बहुत परिश्रम किया किन्तु सफलता नहीं मिली।
अर्थ की दृष्टि से वाक्य के प्रकार:
- विधानार्थक वाक्य - जिस वाक्य में क्रिया के करने या होनें की सामान्य सूचना मिलती है, उसे विधानार्थक वाक्य कहते हैं।
उदाहरण:- श्रीराम के पिता का नाम दशरथ था।
- भारत एक देश है।
- निषेधार्थक वाक्य - जिस वाक्य में क्रिया के न करने या न होने का बोध हो, उसे निषेधार्थक वाक्य कहते हैं।
उदाहरण:- मैंने खाना नहीं खाया।
- राधा कुछ न कर सकी।
- प्रश्नार्थक वाक्य - जिस वाक्य में कोई प्रश्न किया जाए तो वह प्रश्नार्थक वाक्य कहलाता हैं।
उदाहरण:- दशरथ कहाँ के राजा थे?
- यह किसका पुस्तक है?
- आज्ञार्थक वाक्य - जिस वाक्य में आदेश या अनुमति दी जाती है, उसे आज्ञार्थक वाक्य कहते हैं।
उदाहरण:- मुझे अब चलना चाहिए।
- एक ग्लास पानी लाओ।
- विस्मयाधिबोधक वाक्य - जिसे वाक्य में विस्मय, आश्चर्य, शोक, हर्ष, घृणा आदि का भाव प्रकट होता है, उसे विस्मयार्थक वाक्य कहा जाता हैं।
उदाहरण:- ओह! कितनी ठंडी रात है।
- अहा! कितना सुन्दर उपवन है।
- संदेशसूचक वाक्य - जिन वाक्यों से यह स्पष्ट होता है कि कोई आदेश दिया गया है, उन्हें संदेश सूचक वाक्य कहते हैं।
उदाहरण:- रामू वह पेन लेकर आओ।
- घर आते वक्त यह सामान लेकर आना।
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लिखो :
पर्यायवाची शब्द :

पाठों में आए अलग-अलग काल के वाक्य ढूँढ़कर उनका अन्य कालों में परिवर्तन करो।
निम्नलिखित शब्द का समानार्थी शब्द लिखो तथा उनका वाक्य में प्रयोग करो :
पृथ्वी
निम्नलिखित शब्द के आधार पर मुहावरे लिखकर उनका अपने वाक्य में प्रयोग करो।
जान
निम्नलिखित शब्द के आधार पर मुहावरे लिखकर उनका अपने वाक्य में प्रयोग करो।
पानी
वाक्य शुद्ध करके लिखो :
बड़े दुखी लग रहे हो क्या हुआ
वाक्य शुद्ध करके लिखो :
तुम्हारे दाने कहा है
निम्न शब्द के पर्यायवाची शब्द लिखिए:

शब्द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्य लिखिए:
डायनासोर प्राणी अब दुर्लभ हो गए हैं।
नीचे दिए गए चिन्ह के सामने उनका नाम लिखिए तथा वाक्य में उचित विरामचिह्न लगाइए
( )
निम्न संधि का विग्रह कर उसका प्रकार लिखिए:
सब कुछ इतना सुंदर सजीव और मनोहर था।
सहायक क्रिया पहचानिए :
काँच का कार्य पर्यटकों को आश्चर्यचकित कर देता है।
‘हीन’ शब्द का प्रयोग करके कोई तीन अर्थपूर्ण शब्द तैयार करके लिखिए:
जैसे - आत्म + हीन = आत्महीन
(च) ______
(छ) ______
(ज) ______
दाएँ पंख में उपसर्ग तथा बाऍं पंख में प्रत्यय लगाकर शब्द लिखाे तथा उनके वाक्य बनाओ:

__________________
__________________
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :
गाड़ी धीरे-धीरे चल रही थी।
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :
सर्वेश ने परिश्रम किया और इस परिश्रम ने उसे सफल बना दिया।
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :
मैं लगातार चलता तो मंजिल पा लेता।
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :
अरेरे! पेड़ गिर पड़ा।
उत्तर लिखिए :
| द्वितीय तथा चतुर्थ चरण की मात्राएँ _____ हैं। |
← | नित नूतन मंगल पुरमाही। निमिष सरिसदिन-जामिनि जाहीं।। बड़े भोर भूपति मणिजागे। जाचक गुनगन गावन लागे।। |
→ | यह ____ छंद है। |
अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-
गत रविवार वह मुंबई जाएगा।
शब्द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए:-
दुकान
शब्द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए:-
तारा
उचित विरामचिह्न लगाइए:-
ऐसा एक भी मनुष्य नहीं जो संसार में कुछ न कुछ लाभकारी कार्य न कर सकता हो
शब्द के लिंग पहचानिए:
कमलिनी = ______
पाठ्यपुस्तक की पहली इकाई के १ से ६ पाठों से भेदों सहित संज्ञाओं को ढूँढ़कर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
कोई, इस सर्वनाम का उपयोग करके अर्थपूर्ण वाक्य तैयार कीजिए।
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कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है। हिंदी में कुछ शब्द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं। शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है। हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है। प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा। तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे। |
उपर्युक्त अंश से पंद्रह शब्द ढूँढ़िए उनमें प्रत्यय लगाकर शब्दों को पुनः लिखिए।
रेखांकित शब्द के विलोम शब्द लिखकर नए वाक्य बनाइए।
हमें सदैव अपने लिए किए गए कामों के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए ।
रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्द से कीजिए और नया वाक्य बनाइए:
मैं उसकी ______ न जाने क्यों आकर्षित हुआ।
निम्नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्द के स्थान पर सही शब्द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:
गीत न जाने आँगन टेढ़ा
