मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (हिंदी माध्यम) इयत्ता ९ वी

कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए।

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प्रश्न

कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है।

हिंदी में कुछ शब्‍द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्‍दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्‍द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्‍कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्‍कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्‍दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं।

शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है।

हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्‌धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है।

प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा।

तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे।

उपर्युक्‍त अंश से पंद्रह शब्‍द ढूँढ़िए उनमें प्रत्‍यय लगाकर शब्‍दों को पुनः लिखिए।

तक्ता
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उत्तर

शब्‍द: साहित्य, उच्चारण, मार्गदर्शन, मालिक, व्यक्ति, कला, परिश्रम, परिवार, स्वतंत्र, शब्‍द, समृद्ध, प्रदेश, संसार, बीमा, सुंदर। 

क्र शब्‍द प्रत्‍यय नया शब्‍द
1.   साहित्य      कार    साहित्यकार  
2. उच्चारण इ्त उच्चारित
3. मार्गदर्शन इ्त मार्गदर्शित
4. मालिक  ई मालिकी
5. व्यक्ति त्व व्यक्तित्व
6. कला कार कलाकार
7. परिश्रम इक पारिश्रमिक
8. परिवार इक पारिवारिक
9. स्वतंत्र ता स्वतंत्रता
10. शब्द इक शाब्दिक
11. समृद्ध इ समृद्धि
12. प्रदेश इक प्रादेशिक
13. संसार इक सांसारिक
14. बीमा इ्त बीमित
15. सुंदर ता सुंदरता
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व्याकरण
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2.08: मित्रता - स्वाध्याय [पृष्ठ ९३]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Kumarbharati Standard 9 Maharashtra State Board
पाठ 2.08 मित्रता
स्वाध्याय | Q (२) | पृष्ठ ९३

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ध्यान दीजिए नुक्ता लगाने से शब्द के अर्थ में परिवर्तन हो जाता है। पाठ में दफा’ शब्द का प्रयोग हुआ है जिसका अर्थ होता है-बार (गणना संबंधी), कानून संबंधी। यदि इस शब्द में नुक्ता लगा दिया जाए तो शब्द बनेगा ‘दफ़ा’ जिसका अर्थ होता है-दूर करना, हटाना। यहाँ नीचे कुछ नुक्तायुक्त और नुक्तारहित शब्द दिए जा रहे हैं उन्हें ध्यान से देखिए और अर्थगत अंतर को समझिए।
सजा – सज़ा
नाज – नाज़
जरा – ज़रा
तेज – तेज


निम्नलिखित वाक्यों में उचित शब्द भरकर वाक्य पूरे कीजिए-

  1. आजकल _________ बहुत खराब है। (जमाना/जमाना)
  2. पूरे कमरे को _________  दो। (सजा/सजा)
  3. _________  चीनी तो देना। (जरा/जरा)
  4. माँ दही _________  भूल गई। (जमाना/जमाना)
  5. दोषी को _________  दी गई। (सजा/सज़ा)
  6. महात्मा के चेहरे पर _________ था। (तेज/तेज़)

निम्‍नलिखित समोच्चारित भिन्नार्थक हिंदी शब्द का अर्थ लिखो तथा उन शब्द का अलग-अलग पूर्ण वाक्‍यों में प्रयोग कराे:

हल


निम्‍नलिखित शब्द का समानार्थी शब्‍द लिखो तथा उनका वाक्य में प्रयोग करो :

मनुष्‍य


निम्‍न शब्‍द के पर्यायवाची शब्‍द लिखिए:


शब्‍द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्‍य लिखिए:

दसियों ने इस सुंदर प्रस्‍ताव का समर्थन किया।


शब्‍द-युग्‍म पूरे करते हुए वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:

प्रचार


नीचे दिए गए चिन्ह के सामने उनका नाम लिखिए तथा वाक्य में उचित विरामचिह्न लगाइए

( )


निम्न संधि का विग्रह कर उसका प्रकार लिखिए:

थोड़ी ही देर में हाॅटेल के स्‍वागत में आसीन थे।


निम्न संधि का विग्रह कर उनके प्रकार लिखिए:

उपर्युक्त वाङ्मय दुष्कर एवं अत्यधिक दुर्लभ है।


पाठ्‌यपुस्तक में आए संयुक्ताक्षरयुक्त तीन-तीन शब्द ढूँढ़ाे। उनके संयुक्ताक्षर बनने के प्रकारानुसार वर्गीकरण करो। उन शब्दों का अपने वाक्यों में प्रयोग करो।

 


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