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प्रश्न
अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :
खूब पढ़ो खूब बढ़ो।
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उत्तर
खूब पढ़ो खूब बढ़ो।- इच्छार्थक वाक्य
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संबंधित प्रश्न
निम्न विरमचिन्ह का नाम लिखकर उनका वाक्य में प्रयोग करो:
‘‘ ’’
पाठों में आए सभी प्रकार के सर्वनाम ढूँढ़कर उनका अपने वाक्यों में प्रयोग करो।
नीचे दिए गए चिन्ह के सामने उनका नाम लिखिए तथा वाक्य में उचित विरामचिह्न लगाइए
!
निम्न संधि का विग्रह कर उसका प्रकार लिखिए:
सब कुछ इतना सुंदर सजीव और मनोहर था।
निम्नलिखित मुहावरे/कहावत में से अनुपयुक्त शब्द काटकर उपयुक्त शब्द लिखिए:
नाक - की - किरकिरी - होना - ______ - ______ - ______ - ______
उचित विराम चिह्न लगाओ:
घर
किसी दिन हम भी आपके आएँगे।
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :
ताकत के लिए संतुलित आहार आवश्यक है।
अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :
माला घर नहीं जाएगी।
नीचे दी गई संज्ञाओं का वाक्यों में प्रयोग करो।
१. पानी
२. भीड़
३. ईमानदारी
४. हाथी
५. भारत
निम्न विशेषण शब्द का अपने वाक्य में प्रयोग करके उनका प्रकार लिखो।

चित्र के आधार पर काल संबंधी वाक्य बनाओ और समझो :

नीचे दिए गए वाक्यों के रेखांकित अंश पर ध्यान देते हुए उन्हें पढ़िए-
(क) निर्बल ही धन की ओर झुकता है।
(ख) लोग संयमी भी होते हैं।
(ग) सभी कुछ तो लेने को जी होता था।
ऊपर दिए गए वाक्यों के रेखांकित अंश ‘ही’, ‘भी’, ‘तो’ निपात हैं जो अर्थ पर बल देने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। वाक्य में इनके होने-न-होने और स्थान क्रम बदल देने से वाक्य के अर्थ पर प्रभाव पड़ता है, जैसे-
मुझे भी किताब चाहिए। (मुझे महत्त्वपूर्ण है।)
मुझे किताब भी चाहिए। (किताब महत्त्वपूर्ण है।)
आप निपात (ही, भी, तो) का प्रयोग करते हुए तीन-तीन वाक्य बनाइए। साथ ही ऐसे दो वाक्यों का निर्माण कीजिए जिसमें ये तीनों निपात एक साथ आते हों।
शब्द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए:-
पट्टी
निम्न वाक्य के उद्देश्य और विधेय पहचानकर लिखिए:-
गायन में अलाप और तानों का महत्त्व होता है।
निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:
| संधि | संधि विच्छेद | संधि का प्रकार |
| ______ | दु: + प्रकृति |
परिच्छेद पढ़िए और उसमें आए शब्दों के लिंग एवं वचन बदलकर लिखिए।
|
मैं गाँव से शहर पढ़ने आता था। गाँव का मेरा एक मित्र भी था। सावन-भादों की बादलों से ढँकी रात में बीहड़ पानी बरसता है। पूरा सन्नाटा शेर की दहाड़ सरीखा गरज उठता है। छमाक से बिजलियाँ कड़कती हैं। माँ बच्चे को अपने छाती से चिपकाती है। हाँड़ी में उबलते दाल-भात के साथ उसकी उम्मीद भी पकती है। उसका श्रम पकता है। अंत में कभी-कभी माँ हाँड़ी में चिपके मुट्ठी भर बचे चावल खाती है। न जाने कहाँ से अपनी आँखों में इतनी तेज चमक पैदा कर लेती है कि भरे पेटवाले की आँखें चौंधियाँ जाती हैं। उसके त्याग और संतान की तृप्ति के पानी से उसकी साध लहलहाती है। बैलगाड़ी में बैठी संतान को छतरी की छाँव करती है। बस में बच्चा खिड़की के पास बैठा बाहर दृश्यों को देखता है और वह पूरी यात्रा बच्चे को देखती रहती है। सँभालती रहती है। रेल जब बोगदे के भीतर से गुजरती है, तो अनायास उसका हाथ बच्चे की बाँह पर चला जाता है और पिता का सामान पर। |
कविता (अद्भुत वीर) में प्रयुक्त विरामचिह्नों के नाम लिखकर उनका अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए।
रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
मानो मुझे अपमानित कर रहा हो।
निम्नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्द के स्थान पर सही शब्द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:
अदरक क्या जाने बंदर का स्वाद।
