मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (मराठी माध्यम) इयत्ता ९ वी

रचना की दृष्टि से वाक्य पहचानकर अन्य एक वाक्य लिखिए: जब पाठ्यक्रम की पुस्‍तक पढ़ते-पढ़ते ऊब जाओ तब झट कोई बाहरी रुचिकर पुस्‍तक पढ़ा करो ।

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प्रश्न

रचना की दृष्टि से वाक्य पहचानकर अन्य एक वाक्य लिखिए: 

तक्ता
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उत्तर

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व्याकरण
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2.2: मैं बरतन माँजूँगा - स्वाध्याय [पृष्ठ ३२]

APPEARS IN

बालभारती Hindi (Composite) Lokvani [English] Standard 9 Maharashtra State Board
पाठ 2.2 मैं बरतन माँजूँगा
स्वाध्याय | Q १ | पृष्ठ ३२

संबंधित प्रश्‍न

निम्‍नलिखित समोच्चारित भिन्नार्थक हिंदी शब्द का अर्थ लिखो तथा उन शब्द का अलग-अलग पूर्ण वाक्‍यों में प्रयोग कराे :

ज्‍वार


निम्‍न शब्‍द के पर्यायवाची शब्‍द लिखिए:


शब्‍द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्‍य लिखिए:

दसियों ने इस सुंदर प्रस्‍ताव का समर्थन किया।


निम्न वाक्‍य में कारक रेखांकित कर उनके नाम और चिह्न लिखकर पाठ से अन्य वाक्‍य खोजकर लिखिए:

श्रीमती भटनागर ने दरवाजे पर फिर से वैसे ही गाड़ी के पहियों के निशान देखे।


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

आओ सिंहासन में बैठो।


दिए गए अनुसार रचना की दृष्‍टि से सरल, संयुक्‍त, मिश्र अन्य वाक्‍य पाठ से खोजकर तालिका पूर्ण कीजिए:


प्रेरणार्थक क्रिया का रूप पहचानकर उसका वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:

जिसे वहाँ से जबरन हटाना पड़ता था।


निम्नलिखित मुहावरे/कहावत में से अनुपयुक्त शब्द काटकर उपयुक्त शब्द लिखिए:

गेहूँ - गीला - होना - ______ - ______ - ______


दाएँ पंख में उपसर्ग तथा बाऍं पंख में प्रत्यय लगाकर शब्द लिखाे तथा उनके वाक्य बनाओ:

__________________

__________________


दाएँ पंख में उपसर्ग तथा बाऍं पंख में प्रत्यय लगाकर शब्द लिखाे तथा उनके वाक्य बनाओ:

__________________

__________________


चित्र के आधार पर सभी कारकों का प्रयोग करके वाक्य लिखो:

  1. मछुआरे ने जाल फेंका।
  2. ------------------------
  3. ------------------------
  4. ------------------------
  5. ------------------------
  6. ------------------------
  7. ------------------------
  8. ------------------------

अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :

बच्चे हँसते-हँसते खेल रहे थे।


अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :

इसे हिमालय क्यों कहते हैं ?


अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :

कश्मीर का सौंदर्य देखकर तुम्हें आश्चर्य होगा।


मुखर वाचन करो और अनुलेखन करो :

सोआ, मेथी, पालक, चौलाई; हरी सब्जियाँ मन को भाएँ |

बैंगन, कुम्हड़ा, लहसुन, प्याज; गाजर, मूली बहुत लुभाएँ |

ककड़ी, मटर, आलू लाओ; लाल टमाटर को मित्र बनाओ |

चुकंदर, भुट्टा, कददू खाओ; हर बीमारी को दूर भगाओ | 


'मै सेवाग्राम ______ में मां जैसी लगती' गद्यांश में क्रिया पर ध्यान दीजिये


शब्‍द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:-

अनेक


शब्‍द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:-

कौआ


निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
______ अनु + इति  

निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
निर्विघ्न ______ + ______  

पाठ्यपुस्‍तक की दूसरी इकाई के १ से ६ के पाठों से भेदों सहित विशेषणों को ढूँढ़कर उनका वाक्‍यों में प्रयोग कीजिए।


डायरी अंश पढ़िए और वाक्‍य के प्रकार ढूँढ़िए:

१० मई २०१७ (बुधवार)
आज कक्षा में सूचना आई कि इन गर्मियों में हमारे स्कूल की ओर से एक दल शिमला भ्रमण को भेजने की योजना बनी है। मैंने भी अपना नाम उसके लिए दिया। मैं इस यात्रा के लिए उत्सुक हूँ।

२० मई २०१७ (शनिवार)
तीस विद्यार्थियों का दल पी. टी. आई. श्री जयचंद वर्मा जी के साथ रवाना हुआ। रात्रि के साढ़े दस बजे हम दिल्‍ली रेलवे स्टेशन पहुँच गए। गाड़ी ग्यारह बजे चलनी थी। हमने अपने पूर्व निर्धारित स्थान ले लिए। भयंकर गर्मी पड़ रही थी। ग्यारह बजे गाड़ी चल पड़ी। हम अपने-अपने स्थान पर सो गए।

२१ मई २०१७ (रविवार)
प्रातः साढ़े छह बजे गाड़ी कालका स्टेशन पर रुकी। यहाँ से हमें गाड़ी बदलनी थी। शिमला के लिए छह डिब्बों की खिलौने जैसी गाड़ी प्लेटफार्म पर लगी हुई थी। खिलौना गाड़ी के डिब्बे छोटे-छोटे थे और रेलवे लाईन 'नैरो गैज' थी। गाड़ी ठीक साढ़े सात बजे चल पड़ी। गाड़ी की गति पर्याप्त धीमी थी और वह पर्वत की पीठ पर मानो रेंगते हुए चढ़ रही थी। दूर तक घाटियों में फैली हरियाली दिखाई पड़ती थी। करीब साढ़े दस बजे गाड़ी लंबी सुरंग द्वारा बहुत सुंदर फूलों से सजे छोटे-से स्टेशन बड़ौग पर पहुँची जिसे देख राकेश बोला- 'ओह! कितनी लंबी सुरंग?"

२२ मई २०१७ (सोमवार)
दूसरे दिन हम हिमाचल पर्यटन विभाग की बसों में बैठकर कुफरी, वाइल्ड फ्लॉवर हॉल, क्रिग नैनी और नालदेश की यात्रा के लिए गए।

२३ मई २०१७ (मंगलवार)
तीसरे दिन हम जाखू पर्वत पर पिकनिक के लिए गए। शिमला शहर के मध्य रिज से लगभग पंद्रह सौ फुट की ऊँचाई पर स्थित यह चोटी सैलानियों के आकर्षण का केंद्र है।

२४ मई २०१७
चौथे दिन प्रातः (बुधवार) सात बजे हम वापस चल पड़े। सचमुच ही शिमला पहाड़ों की रानी है।

उपरोक्त डायरी अंश के आधार पर निर्देश-१ के अनुसार वाक्य लिखिए तथा निर्देश-२ के अनुसार परिवर्तित करके लिखिए :- 

क्र. निर्देश-१ वाक्य नि्देश-२
१. सयुंक्त वाक्य बसों में बैठकर कुफरी, क्रिग नैनी और नालदेश की यात्रा के लिए गए। मिश्र वाक्य
२. सरल वाक्य   सयुंक्त वाक्य
३. मिश्र वाक्य   सरल वाक्य 
४. विधानार्थक   निषेधार्थक
५. प्रश्नार्थक   संकेतार्थक
६. विस्मयार्थक   इच्छार्थक
७. आज्ञार्थक   संदेहार्थक

पाठ (चेतना) में आए अव्ययों को ढूँढ़िए और उनके भेद बताकर वाक्‍य में प्रयोग कीजिए।


इस निबंध के अंश पढ़कर विदेशी, तत्‍सम, तद्भव शब्‍द समझिए। इसी प्रकार के अन्य पाँच-पाँच शब्‍द ढूँढ़िए।

कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है।

हिंदी में कुछ शब्‍द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्‍दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्‍द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्‍कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्‍कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्‍दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं।

शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है।

हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्‌धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है।

प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा।

तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे।


रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्‍द से कीजिए और नया वाक्‍य बनाइए:

जहाँ एक लड़का ______ देख रहा था।


नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:

चिह्न नाम वाक्य
{ }    


चुनाव में अपनी करारी हार देखकर नेताजी के पाँव तले ______ खिसक गई।


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