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प्रश्न
निम्नलिखित मुहावरे/कहावत में से अनुपयुक्त शब्द काटकर उपयुक्त शब्द लिखिए:
लाठी - पानी - का - बैर - ______ - ______ - ______ - ______
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उत्तर
लाठी - पानी - का - बैर - आग-पानी का बैर।
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संबंधित प्रश्न
लिखो :
पर्यायवाची शब्द :

वाक्य शुद्ध करके लिखो :
तुम्हारे दाने कहा है
निम्न शब्दों के लिंग तथा वचन बदलकर वाक्यों में प्रयोग करो :
लिंग - कवि, माता, भाई, लेखक
वचन - दुकान, प्रार्थना, अनुभूति, कपड़ा, नेता
रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
पूर्णिमा के दिन चाँद परिपूर्णता लिए हुए था।
नीचे दिए गए चिन्ह के सामने उनका नाम लिखिए तथा वाक्य में उचित विरामचिह्न लगाइए
!
निम्न वाक्य में कारक रेखांकित कर उनके नाम और चिह्न लिखकर पाठ से अन्य वाक्य खोजकर लिखिए:
श्रीमती भटनागर ने दरवाजे पर फिर से वैसे ही गाड़ी के पहियों के निशान देखे।
निम्न संधि का विग्रह कर उसका प्रकार लिखिए:
हमारी मंजिल थी सूर्यास्त केंद्र बिंदु।
निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:
लता कितनी मधुर गाती है।
निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:
कश्मीर में कई दर्शनीय स्थल देखने योग्य है।
दिए गए अव्यय भेदों के वाक्य पाठ्यपुस्तक से ढूँढ़कर लिखिए:

निम्नलिखित शब्द का वचन बदलकर वाक्य में प्रयोग करके लिखो:
रोटी →
दाएँ पंख में उपसर्ग तथा बाऍं पंख में प्रत्यय लगाकर शब्द लिखाे तथा उनके वाक्य बनाओ:

__________________
__________________
उचित विराम चिह्न लगाओ:
विशाखा लंदन से दिल्ली आती है हवा जैसी आने की सूचना नहीं देती।
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :
मुझे सौ-सौ के नोट देने पड़े क्योंकि दुकानदार के पास दो हजार के नोट के छुट्टे नहीं थे।
अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :
कश्मीर का सौंदर्य देखकर तुम्हें आश्चर्य होगा।
अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :
यदि बिजली आएगी तो रोशनी होगी।
सूचना, निर्देश, आदेश, अनुरोध, विनती के वाक्य विरामचिह्न सहित पढ़ो और समझो :
अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें।
निम्नलिखित शब्दों का रोमन लिपि में लिप्यंतरण करो।
'मै सेवाग्राम ______ में मां जैसी लगती' गद्यांश में क्रिया पर ध्यान दीजिये
उचित विरामचिह्न लगाइए:-
होनहार बिरवान के होत चीकने पात
निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:-
| शब्द | पर्यायवाची शब्द | |||
| पर्ण | ||||
उचित विरामचिह्न लगाइए:-
सूर्य अस्त हुआ आकाश लाल हुआ वराह पोखरों से उठकर घूमने लगे हिरन हरियाली पर सोने लगे और जंगल में धीरे धीरे अँधेरा फैलने लगा
उचित विरामचिह्न लगाइए:-
अनुवादित अनूदित ग्रंथ कुटीर
पाठ्यपुस्तक की पहली इकाई के ७ से १३ के पाठों से भेदों सहित सर्वनामों को ढूँढ़कर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
वचन बदलिए।
उम्मीद = ______
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कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है। हिंदी में कुछ शब्द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं। शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है। हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है। प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा। तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे। |
उपर्युक्त अंश से पंद्रह शब्द ढूँढ़िए उनमें प्रत्यय लगाकर शब्दों को पुनः लिखिए।
रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
गर्मी के कारण बेचैनी हो रही है।
रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्द से कीजिए और नया वाक्य बनाइए:
जहाँ एक लड़का ______ देख रहा था।
नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:
| चिह्न | नाम | वाक्य |
| XXX |
चुनाव में अपनी करारी हार देखकर नेताजी के पाँव तले ______ खिसक गई।
