मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ९ वी

निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए: यह है न पसीने का धारा।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

यह है न पसीने का धारा।

एका वाक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

यह है न पसीने की धारा।

shaalaa.com
व्याकरण
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1.09: वरदान माँगूँगा नही - भाषा बिंदु [पृष्ठ ३३]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Lokbharati Standard 9 Maharashtra State Board
पाठ 1.09 वरदान माँगूँगा नही
भाषा बिंदु | Q ७. | पृष्ठ ३३

संबंधित प्रश्‍न

पाठ में आए ‘से’ के विभिन्न प्रयोगों से वाक्य की संरचना को समझिए।

(क) राजकपूर ने एक अच्छे और सच्चे मित्र की हैसियत से शैलेंद्र को फ़िल्म की असफलता के खतरों से आगाह भी किया।

(ख) रातें दसों दिशाओं से कहेंगी अपनी कहानियाँ।

(ग) फ़िल्म इंडस्ट्री में रहते हुए भी वहाँ के तौर-तरीकों से नावाकिफ़ थे।

(घ) दरअसल इस फ़िल्म की संवेदना किसी दो से चार बनाने के गणित जानने वाले की समझ से परे थी।

(ङ) शैलेंद्र राजकपूर की इस याराना दोस्ती से परिचित तो थे।


निम्‍न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो 

पुस्‍तक


लिखो :

पर्यायवाची शब्द :


सौहार्द-सौमनस्य इस पाठ में आए अव्ययों को पहचानो और उनके भेद बताकर उनका अलग-अलग वाक्यों में प्रयोग करो।


शब्‍द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्‍य लिखिए:

अमरु स्‍वभाव से अल्‍पभाषी है।


नीचे दिए गए चिह्नों के सामने उनके नाम लिखिए तथा वाक्यों में उचित विरामचिह्न लगाइए : 

क्र. चिह्न नाम वाक्य
१. -   १. स्त्री शिक्षा को लेकर लेखक के क्या विचार थे
२. .   २. श्याम तुम आ गए
३. __   ३. मोहन बोला तुमने जो कुछ कहा ठीक है
४. [ ]   ४. जीवन संग्राम में सब लड़ रहे हैं कुछ जीतेंगे कुछ हारेंगे
५. "......."   ५. भरत भैया ऐसा ना कहो
६. ,   ६. अरे क्‍या मैं झूठ बोल रहा हूँ
७. !   ७. जी धन्यवाद
८. ;   ८. इसके अलावा तुमने तीन छुट्‌टियाँ और ली है ठीक है न
९. ( )   ९. अच्छा और इतनी बड़ी बात तुम्‍हारी मालकिन ने मुझे बताई तक नहीं
१०. ।   १०. आप कह रहे हैं तो आप ने दिए ही होंगे

नीचे दिए गए चिन्ह के सामने उनका नाम लिखिए तथा वाक्य में उचित विरामचिह्न लगाइए 

" ........ "


निम्न वाक्‍य में कारक रेखांकित कर उनके नाम और चिह्न लिखकर पाठ से अन्य वाक्‍य खोजकर लिखिए:

यहाँ भी लोगों ने रहने के लिए घर बना रखे हैं।


निम्न संधि का विग्रह कर उसका प्रकार लिखिए:

हमारी मंजिल थी सूर्यास्‍त केंद्र बिंदु।


सहायक क्रिया का वाक्‍य में प्रयोग कीजिए।

पड़ना


निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :

लतिका अभी सोई है।


निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :

जन्म के बाद एक मामी जी ने मुझे गोद ले लिया।


हिंदी-मराठी के समानार्थी मुहावरे और कहावतें सुनो और उनका द्विभाषी लघुकोश बनाओ:

जैसे- अधजल गगरी छलकत जाए = उथळ पाण्याला खळखळाट फार.


अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :

माला घर नहीं जाएगी।


अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :

इसे हिमालय क्यों कहते हैं ?


अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :

सदैव सत्य के पथ पर चलो।


निम्नलिखित शब्दों में उपसर्ग लगाकर लिखो।


नीचे दिए गए वाक्यों के रेखांकित अंश पर ध्यान देते हुए उन्हें पढ़िए-

(क) निर्बल ही धन की ओर झुकता है।

(ख) लोग संयमी भी होते हैं।

(ग) सभी कुछ तो लेने को जी होता था।

ऊपर दिए गए वाक्यों के रेखांकित अंश ‘ही’, ‘भी’, ‘तो’ निपात हैं जो अर्थ पर बल देने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। वाक्य में इनके होने-न-होने और स्थान क्रम बदल देने से वाक्य के अर्थ पर प्रभाव पड़ता है, जैसे-

मुझे भी किताब चाहिए। (मुझे महत्त्वपूर्ण है।)
मुझे किताब भी चाहिए। (किताब महत्त्वपूर्ण है।)

आप निपात (ही, भी, तो) का प्रयोग करते हुए तीन-तीन वाक्य बनाइए। साथ ही ऐसे दो वाक्यों का निर्माण कीजिए जिसमें ये तीनों निपात एक साथ आते हों।


निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्‍द रिक्‍त स्‍थान में लिखिए:-

शब्‍द पर्यायवाची शब्‍द
  रत्नाकर      

शब्‍द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:-

अनेक


शब्‍द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:-

आँख


पाठ (ताई) में प्रयुक्‍त अव्ययों को ढूँढ़कर उनका भेदानुसार वर्गीकरण कीजिए। उनमें से किन्हीं चार का सार्थक वाक्‍य में प्रयोग कीजिए।


पाठ (चेतना) में आए अव्ययों को ढूँढ़िए और उनके भेद बताकर वाक्‍य में प्रयोग कीजिए।


विज्ञापन पढ़िए और शब्‍द युग्‍म ढूँढ़कर लिखिए:

खुश खबर ! खुश खबर !! खुश खबर !!!
हस्‍तकला वस्‍तुओं की प्रदर्शनी

भारत के विविध राज्‍यों में हाथों से बनाई गई वस्‍तुओं की
भव्य प्रदर्शनी आपके शहर में !

कालावधि: २० अक्‍तूबर २०१७ से ३० अक्‍तूबर २०१७
समय: सुबह ११:०० से रात ९:०० तक
स्‍थान: गणेश कला क्रीड़ा मंदिर, पुणे

खरीदारी पर आकर्षक छूट !

साथ-ही-साथ विविध राज्‍यों के खाद्य व्यंजनों के ठेले

(स्‍टॉल्‍स्‌) (गाँव-शहर के छोटे-बड़े, बाल-वृद्‌ध, महिला-पुरुष सभी
घूमते-फिरते, हँसते-हँसते, खान-पान का स्‍वाद ले सकते हैं।)

प्रवेशः निःशुल्क


रेखांकित शब्‍द के विलोम शब्‍द लिखकर नए वाक्य बनाइए।

कांति को कमला पर विश्वास था।


रेखांकित शब्‍द के विलोम शब्‍द लिखकर नए वाक्य बनाइए।

हमें सदैव अपने लिए किए गए कामों के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए ।


निम्‍नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्‍द के स्‍थान पर सही शब्‍द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:

नाक की किरकिरी होना


रचना की दृष्टि से वाक्य पहचानकर अन्य एक वाक्य लिखिए: 



Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×