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प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:
‘सपनों के से दिन’ पाठ के आधार पर बताइए कि स्कूल की छुट्टियों के शुरू और आखिरी दिनों में बच्चों की दृष्टि में क्या अंतर होता था? क्या यही स्थिति आपकी भी होती है? अपने विचार लिखिए।
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उत्तर
'सपनों के से दिन' पाठ के आधार पर, स्कूल की छुट्टियों के शुरू और आखिरी दिनों में बच्चों की दृष्टि में अंतर दिखाया गया है। छुट्टियाँ शुरू होते ही बच्चे खेलकूद में खो जाते हैं, माँ के साथ ननिहाल चले जाते है, परंतु छुट्टियों के अंत में समय की घड़ी के तीन-तीन पाँव चलने लगते हैं। यह स्थिति मेरे लिए भी लागू होती है। शुरू में मैं खेल और मस्ती में खो जाता हूँ, लेकिन छुट्टियों के अंत में काम का हिसाब लगाने लगता हूँ, जिससे स्कूल की पिटाई का डर सताता है।
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