हिंदी

पीटी साहब की 'शाबाश' फ़ौज के तमगों-सी क्यों लगती थी। स्पष्ट कीजिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

पीटी साहब की 'शाबाश' फ़ौज के तमगों-सी क्यों लगती थी। स्पष्ट कीजिए।

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

पीटी साहब प्रीतमचन्द अनुशासन प्रिय थे वे बच्चों को कभी अनुशासन के लिए कभी पढ़ाई के लिए डांटते रहते थे परन्तु जब बच्चे कोई भी गलती न करते प्रार्थना के समय सीधी कतार बना कर खड़े रहते तो पी. टी. साहब उन्हें 'शाबाश' कहते। बच्चे 'शाबाश' शब्द सुनकर खुश होते और उन्हें लगता कि जैसे फौज में सिपाही को तमंगे दिए जाते हैं वैसा ही तमगा उन्हें भी मिल गया है।

shaalaa.com
सपनों के-से दिन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2: सपनों के-से दिन - बोध-प्रश्न [पृष्ठ ३०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sanchayan Bhag 2 Class 10
अध्याय 2 सपनों के-से दिन
बोध-प्रश्न | Q 2 | पृष्ठ ३०

संबंधित प्रश्न

नयी श्रेणी में जाने और नयी कापियों और पुरानी किताबों से आती विशेष गंध से लेखक का बालमन क्यों उदास हो उठता था?


लेखक अपने छात्र जीवन में स्कूल से छुट्टियों में मिले काम को पूरा करने के लिए क्या-क्या योजनाएँ बनाया करता था और उसे पूरा न कर पाने की स्थिति में किसकी भाँति ‘बहादुर’ बनने की कल्पना किया करता था?


लेखक के बचपन में बच्चों के न पढ़ पाने के लिए अभिभावक अधिक जिम्मेदार थे। इससे आप कितना सहमत हैं?


गरमी की छुट्टियों के पहले और आखिरी दिनों में लेखक ने क्या अंतर बताया है?


लेखक ने ‘सस्ता सौदा’ किसे कहा है? और क्यों?


पीटी मास्टर प्रीतमचंद को देखकर बच्चे क्यों डरते थे?


हेडमास्टर ने प्रीतमचंद के विरुद्ध क्या कार्यवाही की?


प्रीतमचंद के निलंबन के बाद भी बच्चों के मन में उनका डर किस तरह समाया था?


मास्टर प्रीतमचंद को स्कूल से क्यों निलंबित कर दिया गया? निलंबन के औचित्य और उस घटना से उभरने वाले जीवन-मूल्यों पर विचार कीजिए।


‘सपनों के-से दिन’ पाठ में हेडमास्टर शर्मा जी की, बच्चों को मारने-पीटने वाले अध्यापकों के प्रति क्या धारणा थी? जीवन-मूल्यों के संदर्भ में उसके औचित्य पर अपने विचार लिखिए।


‘सपनों के - से दिन’ पाठ के आधार पर लिखिए कि लेखक को नयी श्रेणी में जाने की प्रसन्नता अन्य विद्यार्थियों की तरह क्यों नहीं होती थी?


पूरक पाठ्य पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -

'सपनों के से दिन' पाठ में बच्चों को स्कूल जाना बिल्कुल भी पसंद नहीं था, क्यों? कारण सहित उत्तर स्पष्ट करते हुए बताइए कि स्कूल जाने के संबंध में आपका क्या अनुभव है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

“वर्तमान में विद्यालयों में बढ़ती हुई अनुशासनहीनता को देखते हुए मास्टर प्रीतमचंद जैसे अध्यापकों की आवश्यकता है।" इस कथन से सहमति या असहमति के संबंध में अपने तर्कसम्मत विचार लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×