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पीटी साहब की 'शाबाश' फ़ौज के तमगों-सी क्यों लगती थी। स्पष्ट कीजिए।

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प्रश्न

पीटी साहब की 'शाबाश' फ़ौज के तमगों-सी क्यों लगती थी। स्पष्ट कीजिए।

टीपा लिहा
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उत्तर

पीटी साहब प्रीतमचन्द अनुशासन प्रिय थे वे बच्चों को कभी अनुशासन के लिए कभी पढ़ाई के लिए डांटते रहते थे परन्तु जब बच्चे कोई भी गलती न करते प्रार्थना के समय सीधी कतार बना कर खड़े रहते तो पी. टी. साहब उन्हें 'शाबाश' कहते। बच्चे 'शाबाश' शब्द सुनकर खुश होते और उन्हें लगता कि जैसे फौज में सिपाही को तमंगे दिए जाते हैं वैसा ही तमगा उन्हें भी मिल गया है।

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सपनों के-से दिन
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पाठ 2: सपनों के-से दिन - बोध-प्रश्न [पृष्ठ ३०]

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एनसीईआरटी Hindi Sanchayan Bhag 2 [English] Class 10
पाठ 2 सपनों के-से दिन
बोध-प्रश्न | Q 2 | पृष्ठ ३०

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