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प्राय: अभिभावक बच्चों को खेल-कूद में ज़्यादा रूचि लेने पर रोकते हैं और समय बरबाद न करने की नसीहत देते हैं बताइए − आप कौन से ऐसे नियम-कायदों को अपनाएँगे जिससे अभिभावकों को आपके खेल पर आपत्ति न हो?

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प्रश्न

प्राय: अभिभावक बच्चों को खेल-कूद में ज़्यादा रूचि लेने पर रोकते हैं और समय बरबाद न करने की नसीहत देते हैं बताइए −

आप कौन से ऐसे नियम-कायदों को अपनाएँगे जिससे अभिभावकों को आपके खेल पर आपत्ति न हो?

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उत्तर

खेल शरीर के लिए ज़रूरी हैं परन्तु उतने ही ज़रूरी अन्य कार्य भी हैं; जैसे - पढ़ाई आदि। यदि खेल स्वास्थ्य के लिए है तो पढ़ाई जैसे कार्य भविष्य को सुधारने के लिए आवश्यक हैं। हमें अपना कार्य समय पर करते रहना चाहिए। ज्ञान वर्धक विषयों पर भी उतना ही ध्यान देंगे और समय देंगे तो अभिभावकों को खेलने पर कोई आपत्ति नहीं होगी ।

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सपनों के-से दिन
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अध्याय 2: सपनों के-से दिन - बोध-प्रश्न [पृष्ठ ३१]

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एनसीईआरटी Hindi Sanchayan Bhag 2 [English] Class 10
अध्याय 2 सपनों के-से दिन
बोध-प्रश्न | Q 11.2 | पृष्ठ ३१

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