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प्रश्न
‘सपनों के-से दिन’ पाठ के आधार पर बताइए कि लेखक की हैरानी का क्या कारण था और क्यों?
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उत्तर
लेखक को स्कूल का जीवन नीरस तथा कैदी-सा प्रतीत होता था। स्कूल के प्रति लेखक के मन में निराशा के भाव होते हुए भी धीरे-धीरे स्कूल उसे भाने लगा। यह तब संभव हुआ, जब स्काउटिंग के अभ्यास का मौका लेखक को मिला। नीली-पीली झाड़ियों को हिलाते हुए परेड करना उसे अच्छा लगता था। धोबी से धुली वर्दी, पॉलिश किए जूते तथा जुराबों को पहनकर फौजी जवान की तरह महत्वपूर्ण आदमी बनने की लालसा ने स्कूल के प्रति उसके भाव को बदल दिया। लेखक को परेड में भाग लेना अच्छा लगने लगा और इस कारण स्कूल के प्रति उसका आकर्षण बढ़ गया।
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अथवा
लेखक की पढ़ाई में हेडमास्टर शर्मा जी का योगदान स्पष्ट कीजिए।
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पूरक पाठ्य पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
“वर्तमान में विद्यालयों में बढ़ती हुई अनुशासनहीनता को देखते हुए मास्टर प्रीतमचंद जैसे अध्यापकों की आवश्यकता है।" इस कथन से सहमति या असहमति के संबंध में अपने तर्कसम्मत विचार लिखिए।
