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प्रश्न
‘सपनों के-से दिन’ पाठ के आधार पर बताइए कि लेखक की हैरानी का क्या कारण था और क्यों?
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उत्तर
लेखक को स्कूल का जीवन नीरस तथा कैदी-सा प्रतीत होता था। स्कूल के प्रति लेखक के मन में निराशा के भाव होते हुए भी धीरे-धीरे स्कूल उसे भाने लगा। यह तब संभव हुआ, जब स्काउटिंग के अभ्यास का मौका लेखक को मिला। नीली-पीली झाड़ियों को हिलाते हुए परेड करना उसे अच्छा लगता था। धोबी से धुली वर्दी, पॉलिश किए जूते तथा जुराबों को पहनकर फौजी जवान की तरह महत्वपूर्ण आदमी बनने की लालसा ने स्कूल के प्रति उसके भाव को बदल दिया। लेखक को परेड में भाग लेना अच्छा लगने लगा और इस कारण स्कूल के प्रति उसका आकर्षण बढ़ गया।
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अथवा
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:
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पूरक पाठ्य-पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक को बचपन में प्रकृति कैसी प्रतीत होती थी? उस समय लेखक फूलों के साथ कैसा व्यवहार करता था?
