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‘सपनों के-से दिन’ पाठ के आधार पर बताइए कि लेखक की हैरानी का क्या कारण था और क्यों?

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प्रश्न

‘सपनों के-से दिन’ पाठ के आधार पर बताइए कि लेखक की हैरानी का क्या कारण था और क्यों?

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

लेखक को स्कूल का जीवन नीरस तथा कैदी-सा प्रतीत होता था। स्कूल के प्रति लेखक के मन में निराशा के भाव होते हुए भी धीरे-धीरे स्कूल उसे भाने लगा। यह तब संभव हुआ, जब स्काउटिंग के अभ्यास का मौका लेखक को मिला। नीली-पीली झाड़ियों को हिलाते हुए परेड करना उसे अच्छा लगता था। धोबी से धुली वर्दी, पॉलिश किए जूते तथा जुराबों को पहनकर फौजी जवान की तरह महत्वपूर्ण आदमी बनने की लालसा ने स्कूल के प्रति उसके भाव को बदल दिया। लेखक को परेड में भाग लेना अच्छा लगने लगा और इस कारण स्कूल के प्रति उसका आकर्षण बढ़ गया।

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सपनों के-से दिन
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2021-2022 (March) Delhi Set 1

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लेखक अपने छात्र जीवन में स्कूल से छुट्टियों में मिले काम को पूरा करने के लिए क्या-क्या योजनाएँ बनाया करता था और उसे पूरा न कर पाने की स्थिति में किसकी भाँति ‘बहादुर’ बनने की कल्पना किया करता था?


बचपन की यादें मन को गुदगुदाने वाली होती हैं विशेषकर स्कूली दिनों की। अपने अब तक के स्कूली जीवन की खट्टी-मीठी यादों को लिखिए ।


प्राय: अभिभावक बच्चों को खेल-कूद में ज़्यादा रूचि लेने पर रोकते हैं और समय बरबाद न करने की नसीहत देते हैं बताइए −

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अथवा
लेखक की पढ़ाई में हेडमास्टर शर्मा जी का योगदान स्पष्ट कीजिए।


पीटी मास्टर प्रीतमचंद को देखकर बच्चे क्यों डरते थे?


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अथवा
फ़ारसी की कक्षा में मास्टर प्रीतमचंद ने किस तरह शारीरिक दंड दिया जो बच्चों को आजीवन याद रहा?


हेडमास्टर ने प्रीतमचंद के विरुद्ध क्या कार्यवाही की?


‘सपनों के-से दिन’ पाठ में हेडमास्टर शर्मा जी की, बच्चों को मारने-पीटने वाले अध्यापकों के प्रति क्या धारणा थी? जीवन-मूल्यों के संदर्भ में उसके औचित्य पर अपने विचार लिखिए।


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लेखक गुरदयाल सिंह अपने छात्र जीवन में छुटटियों के काम को पुरा करने के लिए योजनाएँ तैयार करते थे। क्या आप की योजनाएँ लेखक की योजनाओं से मेल खाती हैं? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।


पूरक पाठ्य पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -

'सपनों के से दिन' पाठ में बच्चों को स्कूल जाना बिल्कुल भी पसंद नहीं था, क्यों? कारण सहित उत्तर स्पष्ट करते हुए बताइए कि स्कूल जाने के संबंध में आपका क्या अनुभव है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

“वर्तमान में विद्यालयों में बढ़ती हुई अनुशासनहीनता को देखते हुए मास्टर प्रीतमचंद जैसे अध्यापकों की आवश्यकता है।" इस कथन से सहमति या असहमति के संबंध में अपने तर्कसम्मत विचार लिखिए।


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