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पूरक पाठ्य-पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए: 'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक को बचपन में प्रकृति कैसी प्रतीत होती थी? उस समय लेखक फूलों के साथ

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प्रश्न

पूरक पाठ्य-पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक को बचपन में प्रकृति कैसी प्रतीत होती थी? उस समय लेखक फूलों के साथ कैसा व्यवहार करता था?

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

"सपनों के से दिन" पाठ में लेखक अपने बचपन के सुनहरे दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि उस समय उन्हें और अन्य बच्चों को घास, हरे पेड़-पौधे और फूलों की सुगंध बेहद आकर्षक लगती थी। लेखक आज भी बचपन के नीम के पत्तों की महक को महसूस कर सकते हैं। अपने स्कूल के बगीचे में लगे फूलों की महक उनके स्मरण में अब भी ताजा है। बचपन में वे उन फूलों को तोड़कर अपनी जेब में रख लेते थे, हालांकि बाद में उन फूलों का वे क्या करते थे, यह उन्हें याद नहीं है। बावजूद इसके, बचपन में देखा गया प्रकृति का सौंदर्य उनके मन में आज भी जीवंत बना हुआ है।

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सपनों के-से दिन
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