हिंदी

लेखक गुरदयाल सिंह अपने छात्र जीवन में छुटटियों के काम को पुरा करने के लिए योजनाएँ तैयार करते थे। क्या आप की योजनाएँ लेखक की योजनाओं से मेल खाती हैं? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

लेखक गुरदयाल सिंह अपने छात्र जीवन में छुटटियों के काम को पुरा करने के लिए योजनाएँ तैयार करते थे। क्या आप की योजनाएँ लेखक की योजनाओं से मेल खाती हैं? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

लेखक गुरदयाल सिंह अपने छात्र जीवन में छुटटियों के काम को पूरा करने के लिए तरह-तरह की योजनाएँ बनाया करते थे, लेकिन वह अपनी योजनाओं को पूरा नहीं कर पाते थे और छुटटियाँ खत्म होते-होते अपनी योजना को हड़बड़ी में पूरा करते थे। इससे सारे काम बिगड़ जाते थे।

ऐसी ही स्थिति हमारी भी होती थी हमारे विद्यालय में जब छुटटियाँ पड़ती तो हम भी तमाम तरह की योजनाएँ बना लेते। वो योजना को अमल मे लाने के लिए रोज कल पर टालते रहते थे। हम पूरा छुटटियाँ मौज मस्ती में ही बिता देते थे और इस तरह छुटटियाँ बीत जाती हमें पता ही नहीं चलता था। जब छुटटियाँ खत्म होने को आती थी तब हमें सब याद आता था कि हमने पढ़ाई के लिए क्या-क्या योजनाएँ बनाईं थी। तब हमारे हाथ-पाँव फूल जाते थे और हम हड़बड़ी में सारे कार्य पूरे करते थे।

shaalaa.com
सपनों के-से दिन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
2021-2022 (March) Term 2 Sample

संबंधित प्रश्न

पीटी साहब की 'शाबाश' फ़ौज के तमगों-सी क्यों लगती थी। स्पष्ट कीजिए।


नयी श्रेणी में जाने और नयी कापियों और पुरानी किताबों से आती विशेष गंध से लेखक का बालमन क्यों उदास हो उठता था?


लेखक अपने छात्र जीवन में स्कूल से छुट्टियों में मिले काम को पूरा करने के लिए क्या-क्या योजनाएँ बनाया करता था और उसे पूरा न कर पाने की स्थिति में किसकी भाँति ‘बहादुर’ बनने की कल्पना किया करता था?


विद्यार्थियों को अनुशासन में रखने के लिए पाठ में अपनाई गई युक्तियों और वर्तमान में स्वीकृत मान्यताओं के संबंध में अपने विचार प्रकट कीजिए।


बचपन की यादें मन को गुदगुदाने वाली होती हैं विशेषकर स्कूली दिनों की। अपने अब तक के स्कूली जीवन की खट्टी-मीठी यादों को लिखिए ।


प्राय: अभिभावक बच्चों को खेल-कूद में ज़्यादा रूचि लेने पर रोकते हैं और समय बरबाद न करने की नसीहत देते हैं बताइए −

खेल आपके लिए क्यों ज़रूरी हैं?


लेखक के बचपन के समय बच्चे पढ़ाई में रुचि नहीं लेते थे।-स्पष्ट कीजिए।


लेखक के बचपन में बच्चों के न पढ़ पाने के लिए अभिभावक अधिक जिम्मेदार थे। इससे आप कितना सहमत हैं?


गरमी की छुट्टियों के पहले और आखिरी दिनों में लेखक ने क्या अंतर बताया है?


लेखक ने ‘सस्ता सौदा’ किसे कहा है? और क्यों?


हेडमास्टर ने प्रीतमचंद के विरुद्ध क्या कार्यवाही की?


लेखक ने अपने विद्यालय को हरा-भरा बनाने के लिए किए गए प्रयासों का वर्णन किया है। इससे आपको क्या प्रेरणा मिलती है?


लेखक और उसके साथियों द्वारा गरमी की छुट्टियाँ बिताने का ढंग आजकल के बच्चों द्वारा बिताई जाने वाली छुट्टियों से किस तरह अलग होता था?


‘सपनों के - से दिन’ पाठ के आधार पर लिखिए कि लेखक को नयी श्रेणी में जाने की प्रसन्नता अन्य विद्यार्थियों की तरह क्यों नहीं होती थी?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:

‘सपनों के से दिन’ पाठ के आधार पर बताइए कि स्कूल की छुट्टियों के शुरू और आखिरी दिनों में बच्चों की दृष्टि में क्या अंतर होता था? क्‍या यही स्थिति आपकी भी होती है? अपने विचार लिखिए।


पूरक पाठ्य पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -

'सपनों के से दिन' पाठ में बच्चों को स्कूल जाना बिल्कुल भी पसंद नहीं था, क्यों? कारण सहित उत्तर स्पष्ट करते हुए बताइए कि स्कूल जाने के संबंध में आपका क्या अनुभव है?


पूरक पाठ्य-पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक को बचपन में प्रकृति कैसी प्रतीत होती थी? उस समय लेखक फूलों के साथ कैसा व्यवहार करता था?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×