Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:
‘सपनों के से दिन’ पाठ के आधार पर बताइए कि स्कूल की छुट्टियों के शुरू और आखिरी दिनों में बच्चों की दृष्टि में क्या अंतर होता था? क्या यही स्थिति आपकी भी होती है? अपने विचार लिखिए।
Advertisements
उत्तर
'सपनों के से दिन' पाठ के आधार पर, स्कूल की छुट्टियों के शुरू और आखिरी दिनों में बच्चों की दृष्टि में अंतर दिखाया गया है। छुट्टियाँ शुरू होते ही बच्चे खेलकूद में खो जाते हैं, माँ के साथ ननिहाल चले जाते है, परंतु छुट्टियों के अंत में समय की घड़ी के तीन-तीन पाँव चलने लगते हैं। यह स्थिति मेरे लिए भी लागू होती है। शुरू में मैं खेल और मस्ती में खो जाता हूँ, लेकिन छुट्टियों के अंत में काम का हिसाब लगाने लगता हूँ, जिससे स्कूल की पिटाई का डर सताता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
कोई भी भाषा आपसी व्यवहार में बाधा नहीं बनती−पाठ के किस अंश से यह सिद्ध होता हैं?
नयी श्रेणी में जाने और नयी कापियों और पुरानी किताबों से आती विशेष गंध से लेखक का बालमन क्यों उदास हो उठता था?
हेडमास्टर शर्मा जी ने पीटी साहब को क्यों मुअतल कर दिया?
लेखक अपने छात्र जीवन में स्कूल से छुट्टियों में मिले काम को पूरा करने के लिए क्या-क्या योजनाएँ बनाया करता था और उसे पूरा न कर पाने की स्थिति में किसकी भाँति ‘बहादुर’ बनने की कल्पना किया करता था?
विद्यार्थियों को अनुशासन में रखने के लिए पाठ में अपनाई गई युक्तियों और वर्तमान में स्वीकृत मान्यताओं के संबंध में अपने विचार प्रकट कीजिए।
प्राय: अभिभावक बच्चों को खेल-कूद में ज़्यादा रूचि लेने पर रोकते हैं और समय बरबाद न करने की नसीहत देते हैं बताइए −
खेल आपके लिए क्यों ज़रूरी हैं?
प्राय: अभिभावक बच्चों को खेल-कूद में ज़्यादा रूचि लेने पर रोकते हैं और समय बरबाद न करने की नसीहत देते हैं बताइए −
आप कौन से ऐसे नियम-कायदों को अपनाएँगे जिससे अभिभावकों को आपके खेल पर आपत्ति न हो?
गरमी की छुट्टियों के पहले और आखिरी दिनों में लेखक ने क्या अंतर बताया है?
लेखक ने ‘सस्ता सौदा’ किसे कहा है? और क्यों?
लेखक ने सातवीं कक्षा तक की जो पढ़ाई की उसमें स्कूल के हेडमास्टर शर्मा जी का योगदान अधिक था। स्पष्ट कीजिए।
अथवा
लेखक की पढ़ाई में हेडमास्टर शर्मा जी का योगदान स्पष्ट कीजिए।
पीटी मास्टर प्रीतमचंद को देखकर बच्चे क्यों डरते थे?
हेडमास्टर ने प्रीतमचंद के विरुद्ध क्या कार्यवाही की?
प्रीतमचंद के निलंबन के बाद भी बच्चों के मन में उनका डर किस तरह समाया था?
लेखक ने अपने विद्यालय को हरा-भरा बनाने के लिए किए गए प्रयासों का वर्णन किया है। इससे आपको क्या प्रेरणा मिलती है?
‘सपनों के-से दिन’ पाठ के आधार पर बताइए कि बच्चों का खेलकूद में अधिक रुचि लेना अभिभावकों को अप्रिय क्यों लगता था? पढ़ाई के साथ खेलों का छात्र जीवन में क्या महत्त्व है और इससे किन जीवन-मूल्यों की प्रेरणा मिलती है?
स्काउट परेड करते समय लेखक स्वयं को महत्त्वपूर्ण ‘आदमी’ फौजी जवान समझने लगता था। कथन के आलोक में अपने विचार प्रकट करते हुए बताइए कि विद्यालय जीवन में प्रशिक्षण व गतिविधियों की क्या उपयोगिता है?
‘सपनों के-से दिन’ पाठ के आधार पर बताइए कि लेखक की हैरानी का क्या कारण था और क्यों?
पूरक पाठ्य-पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक को बचपन में प्रकृति कैसी प्रतीत होती थी? उस समय लेखक फूलों के साथ कैसा व्यवहार करता था?
