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प्रश्न
‘सपनों के - से दिन’ पाठ के आधार पर लिखिए कि लेखक को नयी श्रेणी में जाने की प्रसन्नता अन्य विद्यार्थियों की तरह क्यों नहीं होती थी?
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उत्तर
लेखक के घर में पढ़ाई का माहौल बिल्कुल नहीं था, और परिवार में वही अकेले पढ़ाई कर रहे थे। उनकी पढ़ाई भी हेडमास्टर साहब द्वारा दी गई पुरानी किताबों पर निर्भर थी। इस स्थिति के कारण लेखक का मन अक्सर उदास रहता था। घर में पढ़ाई का समर्थन न होने के साथ-साथ स्कूल में शिक्षकों द्वारा बच्चों के साथ मारपीट का माहौल और अगली कक्षा में बढ़ती पढ़ाई की कठिनाई भी उनकी चिंता बढ़ा देती थी। यदि शिक्षक की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे, तो उन्हें निर्दयता से दंडित किया जाता था। इन सभी वजहों से लेखक का बालमन नई कक्षा में जाने के नाम से निराश और बोझिल हो जाता था।
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अथवा
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अथवा
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
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पूरक पाठ्य-पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक को बचपन में प्रकृति कैसी प्रतीत होती थी? उस समय लेखक फूलों के साथ कैसा व्यवहार करता था?
