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प्रश्न
‘हरिहर काका’ कहानी वृद्धों के प्रति संवेदनहीन होते समाज की कथा है।' इस कथन को कहानी के आधार पर उदाहरण सहित सिद्ध कीजिए।
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उत्तर
'हरिहर काका' कहानी जीवन की वास्तविकता को उजागर करती है। यह कहानी पारिवारिक अशांति, बुजुर्गों के अपमान और उनके मन के असंतोष जैसे कटु सत्यों को सामने लाती है। ऐसी प्रवृत्तियाँ हमारे समाज के लिए हानिकारक हैं, क्योंकि ये समाज के नैतिक मूल्यों का ह्रास करती हैं।
हरिहर काका के परिवार में उनके भाई केवल उनकी जमीन के लालच में उनके साथ संबंध बनाए हुए थे। इसी लालच में उनके भाइयों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। अपने भाइयों का ऐसा व्यवहार हरिहर काका के लिए अविश्वसनीय और पीड़ादायक था। बुजुर्गों के प्रति इस प्रकार का असंवेदनशील व्यवहार समाज की संवेदनहीनता को दर्शाता है। इस कहानी में समाज में मतलबी और धोखापन पहलुओं की ओर आकर्षित करती है, हमें यह देखने को मिलता है, जीवन में रिश्ते केवल पैसों पर ही आधारित होते हैं।
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पूरक पाठ्य पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -
हरिहर काका और टोपी शुक्ला दोनों ही भरे-पूरे परिवार से संबंधित होते हुए भी अकेले थे। दोनों के अकेलेपन के कारणों की समीक्षा कीजिए।
