Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित परिवर्तन कैसे संपन्न किए जा सकते हैं?
एथेनॉल से ब्यूट-2-आइन
Advertisements
उत्तर
\[\begin{array}{cc}
\ce{CH3CH2OH ->[P/I2, \Delta] CH3CH2I ->[Alc. KOH, \Delta][{विहाइड्रोहैलोजनीकरण}] CH2 = CH2 ->[Br2/CCl4] CH2 - CH2 ->[NaNH2, {द्रव} NH_3][{विहाइड्रोहैलोजनीकरण}] HC ≡ CH ->[NaNH2, NH3 (l)][196 K] \underset{{डाइसोडियम ऐसीटिलाइड}}{Na^+C^- ≡ C^-Na^+} ->[CH3I {(आधिक्य)}][{नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन}] \underset{{ब्यूट-2-आइन}}{CH3 - C ≡ C - CH3}}\\
\phantom{.}|\phantom{.......}|\phantom{................................}\\
\phantom{}\ce{Br}\phantom{.....}\ce{Br}\phantom{..............................}
\end{array}\]
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित में से कौन-सी संरचना नीचे दिए अणु (A) का प्रतिबिंब रूप है?

क्लोरोबेन्जीन को AlCl3 की उपस्थिति में क्लोरीन की बेन्जीन से अभिक्रिया द्वारा बनाया जा सकता है। इस अभिक्रिया में निम्नलिखित में से कौन-सी स्पीशीज़ बेन्जीन बलय पर आक्रमण करती है?
नीचे दिए गए अणु में कौन-से कार्बन परमाणु असममित हैं?
\[\begin{array}{cc}
\phantom{}\ce{HO}\phantom{.....}\ce{OH}\phantom{..}\ce{H}\phantom{.....}\ce{O}\phantom{..}\\
\phantom{..}\backslash\phantom{.....}|\phantom{....}|\phantom{.....}//\phantom{.}\\
\ce{\overset{a}{C} - \overset{b}{C} - \overset{c}{C} - \overset{d}{C}}\\
\phantom{..}//\phantom{.....}|\phantom{....}|\phantom{....}\phantom{.}\backslash\phantom{...}\\
\phantom{}\ce{O}\phantom{......}\ce{H}\phantom{...}\ce{OH}\phantom{....}\ce{H}\phantom{}\\
\end{array}\]
निम्न यौगिकों में से कौन-सा OH− आयन द्वारा नाभिकरागी प्रतिस्थापन से रेसिमिक मिश्रण देगा।
(a) \[\begin{array}{cc}
\phantom{}\ce{CH3 - CH - Br}\\
\phantom{}|\\
\phantom{....}\ce{C2H5}\phantom{}
\end{array}\]
(b) \[\begin{array}{cc}
\phantom{..}\ce{Br}\\
\phantom{}|\\
\phantom{}\ce{CH3 - C - CH3}\\
\phantom{}|\\
\phantom{....}\ce{C2H5}\phantom{}
\end{array}\]
(c) \[\begin{array}{cc}
\ce{CH3 - CH - CH2Br}\\
|\phantom{.....}\\
\ce{C2H5}\phantom{..}
\end{array}\]
निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
| (a) | ![]() |
| (b) | ![]() |
| (c) | ![]() |
निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
| (a) | ![]() |
| (b) | ![]() |
| (c) | ![]() |

इस अभिक्रिया की क्रियाविधि के संबंध में कौन-से कथन सही हैं?
(i) अभिक्रिया में कार्बधनायन (कार्बोकैटायन) माध्यमिक बनेगा।
(ii) OH− क्रियाधर (b) पर एक ओर से जुड़ेगा और उसी समय Cl− इसे छोड़ेगा।
(iii) एक अस्थायी माध्यमिक बनेगा जिसमें OH− और Cl− दुर्बल आबंधों से जुड़े होंगे।
(iv) अभिक्रिया SN1 क्रियाविधि से बढ़ेगी।
एथिलीन क्लोराइड एवं एथिलिडीन क्लोराइड समावयव हैं। इनके विषय में सही कथन पहचानिए।
(i) ऐल्कोहॉली KOH से अभिक्रिया में दोनों यौगिक एक ही उत्पाद् बनाते हैं।
(ii) जलीय NaOH के साथ अभिक्रिया में दोनों यौगिक एक ही उत्पाद् बनाते हैं।
(iii) दोनों यौगिक अपचयन से एक ही उत्पाद् बनाते हैं।
(iv) दोनों यौगिक ध्रुवण घूर्णक हैं।
निम्नलिखित यौगिकों में से कौन-सा यौगिक SN1 अभिक्रिया में –OH आयन से अधिक तेजी से अभिक्रिया करेगा?
\[\ce{CH3-CH2-Cl}\] अथवा \[\ce{C6H5-CH2-Cl}\]
निम्नलिखित संरचना से संबंधित अन्य अनुनाद संरचनाएँ लिखिए और ज्ञात कीजिए कि अणु में उपस्थित प्रकार्यात्मक समूह ऑर्थो-पैरा निदर्शन वाला है या मेटा निदर्शन वाला।

निम्नलिखित यौगिकों में से किसकी SN1 अभिक्रिया द्रुतगामी होगी और क्यों?
![]() |
![]() |
| (क) | (ख) |
ग्रीन्यार अभिकर्मक के उपयोग में लेशमात्र नमी भी न होना क्यों आवश्यक है?
हैलोएरीनों के C−X आबंध की प्रकृति की विवेचना कीजिए।
कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) SN1 अभिक्रिया | (a) विस-डाइब्रोमाइड |
| (ii) अग्निशामक में रसायन | (b) जेम-डाइहैलाइड |
| (iii) ऐल्कीनों का ब्रोमीनन | (c) रेसिमीकरण |
| (iv) ऐल्किलिडीन हैलाइड | (d) सेत्जेफ नियम |
| (v) ऐल्किल हैलाइड से HX का निकलना | (e) क्लोरोब्रोमोकार्बन |
अभिकथन - KCN मेथिल क्लोराइड से अभिक्रिया करके मेथिल आइसोसायनाइड देता है।
तर्क - CN− एक उभदंती नाभिकरागी है।
अभिकथन - tert-ब्यूटिल ब्रोमाइड वुर्ट्ज अभिक्रिया द्वारा 2, 2, 3, 3-टेट्रामेथिलब्यूटेन देता है।
तर्क - वुर्टज अभिक्रिया में ऐल्किल हैलाइड शुष्क ईथर में सोडियम से अभिक्रिया करते हैं और हैलाइड में उपस्थित कार्बन परमाणुओं की संख्या से दुगनी संख्या वाला हाइड्रोकार्बन बनाते हैं।
ऐरिल हैलाइड ऐल्किल हैलाइडों की अपेक्षा नाभिकरागी प्रतिस्थापन के प्रति कम क्रियाशील क्यों होते हैं? हम ऐरिल हैलाइडों की क्रियाशीलता कैसे बढ़ा सकते हैं?








