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प्रश्न
निम्नलिखित में से कौन-सी संरचना नीचे दिए अणु (A) का प्रतिबिंब रूप है?

विकल्प
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उत्तर

स्पष्टीकरण:
जिन त्रिविम समावयवियों का संबंध परस्पर अध्यारोपित न हो सकने वाले दर्पण प्रतिबिंबों की तरह होता है, उन्हें प्रतिबिंब रूप (एनेनटियोमर) कहते हैं। प्रतिबिंब रूपों में समान भौतिक गुण होते हैं।
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निम्नलिखित में से कौन-सा ऐल्किल हैलाइड सर्वाधिक आसानी से SN1 अभिक्रिया देगा?
वे अणु जिनके प्रतिबिंब उन पर अध्यासित नहीं हो सकते काइरल कहलाते हैं। निम्नलिखित अणुओं में से कौन-सा अणु काइरल है?
नीचे दिए गए अणु में कौन-से कार्बन परमाणु असममित हैं?
\[\begin{array}{cc}
\phantom{}\ce{HO}\phantom{.....}\ce{OH}\phantom{..}\ce{H}\phantom{.....}\ce{O}\phantom{..}\\
\phantom{..}\backslash\phantom{.....}|\phantom{....}|\phantom{.....}//\phantom{.}\\
\ce{\overset{a}{C} - \overset{b}{C} - \overset{c}{C} - \overset{d}{C}}\\
\phantom{..}//\phantom{.....}|\phantom{....}|\phantom{....}\phantom{.}\backslash\phantom{...}\\
\phantom{}\ce{O}\phantom{......}\ce{H}\phantom{...}\ce{OH}\phantom{....}\ce{H}\phantom{}\\
\end{array}\]
निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
| (a) | ![]() |
| (b) | ![]() |
| (c) | ![]() |

निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन उपरोक्त अभिक्रिया के लिए सही हैं?
(i) अभिक्रिया SN2 क्रियाविधि का अनुसरण करती है।
(ii) (b) और (d) का विन्यास एक दूसरे के विपरीत है।
(iii) (b) और (d) का विन्यास समान है।
(iv) अभिक्रिया SN1 क्रियाविधि का अनुसरण करती है।

अभिक्रिया माध्यमिक के लिए निम्नलिखित में से कोन-से कथन सही हैं?
(i) माध्यमिक (c) अस्थायी है क्योंकि इसमें कार्बन पाँच परमाणुओं से जुड़ा है।
(ii) माध्यमिक (c) अस्थायी है क्योंकि इसमें कार्बन परमाणु sp2 संकरित है।
(iii) माध्यमिक (c) स्थायी है क्योंकि इसमें कार्बन परमाणु sp2 संकरित है।
(iv) माध्यमिक (c) अभिक्रियक (b) से कम स्थायी है।

इस अभिक्रिया की गतिकी के लिए कौन-से कथन सही हैं?
(i) अभिक्रिया की दर केवल (b) की सांद्रता पर निर्भर करती है।
(ii) अभिक्रिया की दर (a) और (b) दोनों की सांद्रता पर निर्भर करती है।
(iii) अभिक्रिया की आण्विकता एक है।
(iv) अभिक्रिया की आण्विकता दो है।
निम्नलिखित संरचना से संबंधित अन्य अनुनाद संरचनाएँ लिखिए और ज्ञात कीजिए कि अणु में उपस्थित प्रकार्यात्मक समूह ऑर्थो-पैरा निदर्शन वाला है या मेटा निदर्शन वाला।

निम्नलिखित यौगिकों में से किसकी SN1 अभिक्रिया द्रुतगामी होगी और क्यों?
![]() |
![]() |
| (क) | (ख) |
ऐल्किल हैलाइडों में निराकरण अभिक्रियाएँ (विशेषकर β-निराकरण) उतनी ही सामान्य हैं जितनी प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ। दोनों के अभिकर्मकों का उल्लेख कीजिए।
हैलोएरीनों के C−X आबंध की प्रकृति की विवेचना कीजिए।
सायनाइड आयन उभदंती नाभिकरागी के समान क्रिया करता है। जलीय माध्यम में यह किस छोर से प्रबल नाभिकरागी का कार्य करता है? अपने उत्तर का कारण दीजिए।
कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) SN1 अभिक्रिया | (a) विस-डाइब्रोमाइड |
| (ii) अग्निशामक में रसायन | (b) जेम-डाइहैलाइड |
| (iii) ऐल्कीनों का ब्रोमीनन | (c) रेसिमीकरण |
| (iv) ऐल्किलिडीन हैलाइड | (d) सेत्जेफ नियम |
| (v) ऐल्किल हैलाइड से HX का निकलना | (e) क्लोरोब्रोमोकार्बन |
कॉलम I में दी गई संरचनाओं को कॉलम II में दिए गए नामों से सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II | |
| (i) | ![]() |
(a) फिटिग अभिक्रिया |
| (ii) | ![]() |
(b) वुर्ट्ज फिटिग अभिक्रिया |
| (iii) | ![]() |
(c) फिंकेल्स्टाइन अभिक्रिया |
| (iv) | \[\ce{C2H5Cl + NaI ->[{शुष्क ऐसीटोन}] C2H5I + NaCl}\] | (d) सैन्डमायर अभिक्रिया |
अभिकथन - KCN मेथिल क्लोराइड से अभिक्रिया करके मेथिल आइसोसायनाइड देता है।
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