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निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

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प्रश्न

निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

(a)
(b)
(c)

विकल्प

  • (c) < (b) < (a)

  • (b) < (c) < (a)

  • (a) < (c) < (b)

  • (a) < (b) < (c)

MCQ
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उत्तर

(a) < (b) < (c)

स्पष्टीकरण:

ऑर्थो- तथा पैरा-स्थिति पर इलेक्ट्रॉन-अपनयक समूह (−NO2) उपस्थित होने पर हैलोऐरीन की क्रियाशीलता बढ़ जाती है। ऑर्थो- तथा पैरा-स्थिति पर नाइट्रो समूह की उपस्थिति से बेन्जीन वलय पर इलेक्ट्रॉन घनत्व कम हो जाता है। फलत: हैलोऐरीन पर नाभिकरागी का आक्रमण सरल हो जाता है। इस प्रकार बना कार्बऐनायन अनुनाद के द्वारा स्थायित्व प्राप्त कर लेता है। हैलोजन प्रतिस्थापी के स्थान से ऑर्थो- एवं पैरा-स्थितियों पर स्थित कार्बनों पर उत्प उत्पन्न ऋणावेश −NO2 के द्वारा स्थायित्व प्राप्त कर लेता है।

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रासायनिक अभिक्रियाएँ
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अध्याय 10: हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन - अभ्यास [पृष्ठ १४८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
अध्याय 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन
अभ्यास | Q I. 28. | पृष्ठ १४८

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निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

(a)
(b)
(c)

निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

(a)
(b)
(c)

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