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प्रश्न
अभिकथन - (−)−2-ब्रोमोऑक्टेन का जलअपघटन विन्यास के प्रतिलोमन के साथ बढ़ता है।
तर्क - यह अभिक्रिया कार्बधनायन बनने (कार्बोकैटायन) के द्वारा अग्रगामी होती है।
विकल्प
अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन का सही स्पष्टीकरण है।
अभिकथन और तर्क दोनों ही गलत कथन हैं।
अभिकथन सही है परंतु तर्क गलत कथन है।
अभिकथन गलत है परंतु तर्क सही कथन है।
अभिकथन और तर्क दोनों सही कथन हैं परंतु तर्क अभिकथन का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
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उत्तर
अभिकथन सही है परंतु तर्क गलत कथन है।
स्पष्टीकरण:
(−)−2-ब्रोमोऑक्टेन का जलअपघटन SN2 क्रियाविधि का अनुसरण करता है इसलिए विन्यास प्रतिलोमन के साथ बढ़ता है। इस अभिक्रिया में कार्बोकैटायन मध्यवर्ती का निर्माण शामिल नहीं है।
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| (b) | ![]() |
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