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प्रश्न
निम्नलिखित यौगिकों में से किसकी SN1 अभिक्रिया द्रुतगामी होगी और क्यों?
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| (क) | (ख) |
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उत्तर
(क) की अपेक्षा (ख) अधिक तीव्रता से SN1 अभिक्रिया देगा क्योंकि Cl− के निकलने के पश्चात(ख) से बना कार्बधनायन अनुनाद द्वारा स्थायित्व प्राप्त कर लेता है।

दूसरी ओर, (क) से प्राप्त कार्बधनायन में ऐसा स्थायित्व संभव नहीं है।

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निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
| (a) | ![]() |
| (b) | ![]() |
| (c) | ![]() |
निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
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उपरोक्त अभिक्रिया के लिए कौन-से कथन सही हैं?
(i) (a) और (e) दोनों नाभिकरागी हैं।
(ii) (c) में कार्बन परमाणु sp3 संकरित है।
(iii) (c) में कार्बन परमाणु sp2 संकरित है।
(iv) (a) और (e) दोनों इलेक्ट्रॉनरागी हैं।

निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन उपरोक्त अभिक्रिया के लिए सही हैं?
(i) अभिक्रिया SN2 क्रियाविधि का अनुसरण करती है।
(ii) (b) और (d) का विन्यास एक दूसरे के विपरीत है।
(iii) (b) और (d) का विन्यास समान है।
(iv) अभिक्रिया SN1 क्रियाविधि का अनुसरण करती है।

इस अभिक्रिया की क्रियाविधि के संबंध में कौन-से कथन सही हैं?
(i) अभिक्रिया में कार्बधनायन (कार्बोकैटायन) माध्यमिक बनेगा।
(ii) OH− क्रियाधर (b) पर एक ओर से जुड़ेगा और उसी समय Cl− इसे छोड़ेगा।
(iii) एक अस्थायी माध्यमिक बनेगा जिसमें OH− और Cl− दुर्बल आबंधों से जुड़े होंगे।
(iv) अभिक्रिया SN1 क्रियाविधि से बढ़ेगी।
निम्नलिखित में से कौन-से यौगिक सेकेन्डी ब्रोमाइड हैं?
(i) (CH3)2CHBr
(ii) (CH3)3C CH2Br
(iii) CH3CH(Br)CH2CH3
(iv) (CH3)2CBrCH2CH3
निम्नलिखित यौगिकों में से कौन-सा यौगिक SN1 अभिक्रिया में –OH आयन से अधिक तेजी से अभिक्रिया करेगा?
\[\ce{CH3-CH2-Cl}\] अथवा \[\ce{C6H5-CH2-Cl}\]
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