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प्रश्न
निम्नलिखित यौगिकों में से कौन-सा यौगिक SN1 अभिक्रिया में –OH आयन से अधिक तेजी से अभिक्रिया करेगा?
\[\ce{CH3-CH2-Cl}\] अथवा \[\ce{C6H5-CH2-Cl}\]
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उत्तर
\[\ce{C6H5-CH2-Cl}\]
SN1 अभिक्रिया प्रतिस्थापनीय नाभिकरागी एकाण्विक अभिक्रिया है।
जब SN1 रासायनिक अभिक्रिया होती है, तो अभिक्रिया के दौरान एक मध्यवर्ती कार्बनीकरण उत्पन्न होता है।
C6H5CH2Cl आसानी से \[\ce{C6H5CH^+_2}\] कार्बोकैटायन देने के लिए आयनीकरण से गुजरता है, जो अनुनाद द्वारा स्थिर होता है।

दूसरी ओर, CH3CH2Cl कार्बोकैटायन \[\ce{CH3CH^+_2}\] देने के लिए आयनीकरण नहीं करता है। इसलिए \[\ce{C6H5-CH2-Cl}\], \[\ce{CH3-CH2-Cl}\] यौगिक से SN1 अभिक्रिया में –OH आयन से अधिक तेजी से अभिक्रिया करती है।
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सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ C6H5CH2Br की अभिक्रिया ______ अग्रसारित होती है।
नीचे दिए गए अणु में कौन-से कार्बन परमाणु असममित हैं?
\[\begin{array}{cc}
\phantom{}\ce{HO}\phantom{.....}\ce{OH}\phantom{..}\ce{H}\phantom{.....}\ce{O}\phantom{..}\\
\phantom{..}\backslash\phantom{.....}|\phantom{....}|\phantom{.....}//\phantom{.}\\
\ce{\overset{a}{C} - \overset{b}{C} - \overset{c}{C} - \overset{d}{C}}\\
\phantom{..}//\phantom{.....}|\phantom{....}|\phantom{....}\phantom{.}\backslash\phantom{...}\\
\phantom{}\ce{O}\phantom{......}\ce{H}\phantom{...}\ce{OH}\phantom{....}\ce{H}\phantom{}\\
\end{array}\]
निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
| (a) | ![]() |
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निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
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उपरोक्त अभिक्रिया के लिए कौन-से कथन सही हैं?
(i) (a) और (e) दोनों नाभिकरागी हैं।
(ii) (c) में कार्बन परमाणु sp3 संकरित है।
(iii) (c) में कार्बन परमाणु sp2 संकरित है।
(iv) (a) और (e) दोनों इलेक्ट्रॉनरागी हैं।

अभिक्रिया माध्यमिक के लिए निम्नलिखित में से कोन-से कथन सही हैं?
(i) माध्यमिक (c) अस्थायी है क्योंकि इसमें कार्बन पाँच परमाणुओं से जुड़ा है।
(ii) माध्यमिक (c) अस्थायी है क्योंकि इसमें कार्बन परमाणु sp2 संकरित है।
(iii) माध्यमिक (c) स्थायी है क्योंकि इसमें कार्बन परमाणु sp2 संकरित है।
(iv) माध्यमिक (c) अभिक्रियक (b) से कम स्थायी है।

इस अभिक्रिया की गतिकी के लिए कौन-से कथन सही हैं?
(i) अभिक्रिया की दर केवल (b) की सांद्रता पर निर्भर करती है।
(ii) अभिक्रिया की दर (a) और (b) दोनों की सांद्रता पर निर्भर करती है।
(iii) अभिक्रिया की आण्विकता एक है।
(iv) अभिक्रिया की आण्विकता दो है।
एथिलीन क्लोराइड एवं एथिलिडीन क्लोराइड समावयव हैं। इनके विषय में सही कथन पहचानिए।
(i) ऐल्कोहॉली KOH से अभिक्रिया में दोनों यौगिक एक ही उत्पाद् बनाते हैं।
(ii) जलीय NaOH के साथ अभिक्रिया में दोनों यौगिक एक ही उत्पाद् बनाते हैं।
(iii) दोनों यौगिक अपचयन से एक ही उत्पाद् बनाते हैं।
(iv) दोनों यौगिक ध्रुवण घूर्णक हैं।
निम्नलिखित संरचना से संबंधित अन्य अनुनाद संरचनाएँ लिखिए और ज्ञात कीजिए कि अणु में उपस्थित प्रकार्यात्मक समूह ऑर्थो-पैरा निदर्शन वाला है या मेटा निदर्शन वाला।

C4H9Br अणुसूत्र के यौगिक ‘क’ को KOH के जलीय विलयन से अभिकृत किया गया। इस अभिक्रिया की दर केवल यौगिक 'क' की सांद्रता पर निर्भर करती है। जब इस यौगिक के दूसरे ध्रुवण घूर्णक समावयव ‘ख’ को KOH के जलीय विलयन से अभिकत किया गया तो अभिक्रिया दर यौगिक और KOH दोनों की सांद्रता पर निर्भय पाई गई।
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