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हैलोएरीनों के C−X आबंध की प्रकृति की विवेचना कीजिए।

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प्रश्न

हैलोएरीनों के C−X आबंध की प्रकृति की विवेचना कीजिए।

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उत्तर

अनुनाद प्रभाव: हैलोऐरीन में हैलोजन परमाणु पर उपस्थित एकाकी इलेक्ट्रॉन युगल वलय के π इलेक्ट्रॉनों के साथ संयुग्मन में होते हैं।

(i) हैलोऐल्केन में हैलोजन से जुड़ा कार्बन परमाणु sp3 संकरित होता हैं जबकि हैलोऐरीन में हैलोजन परमाणु से जुड़ा कार्बन परमाणु sp2 संकरित होता है।

(ii) अधिक s गुणयुक्त sp2 संकरित कार्बन अधिक विद्युतऋणात्मक होता है तथा हैलोऐल्केन में कम s गुण युक्त sp3 संकरित कार्बन परमाणु की तुलना में C−X आबंध के इलेक्ट्रॉन युगल को अपेक्षाकृत अधिक सुदुढ़ता से थाम सकता है।

चूँकि लंबे बंध की तुलना में छोटे बंध को तोड़ना कठिन होता है,अतः नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में हैलोऐल्केनों कौ तुलना में हैलोऐरीन कम क्रियाशील होते हैं।

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अध्याय 10: हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन - अभ्यास [पृष्ठ १५४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
अध्याय 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन
अभ्यास | Q III. 76. | पृष्ठ १५४

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\[\begin{array}{cc}
\phantom{}\ce{HO}\phantom{.....}\ce{OH}\phantom{..}\ce{H}\phantom{.....}\ce{O}\phantom{..}\\
\phantom{..}\backslash\phantom{.....}|\phantom{....}|\phantom{.....}//\phantom{.}\\
\ce{\overset{a}{C} - \overset{b}{C} - \overset{c}{C} - \overset{d}{C}}\\
\phantom{..}//\phantom{.....}|\phantom{....}|\phantom{....}\phantom{.}\backslash\phantom{...}\\
\phantom{}\ce{O}\phantom{......}\ce{H}\phantom{...}\ce{OH}\phantom{....}\ce{H}\phantom{}\\
\end{array}\]


निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

(a)
(b)
(c)

निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

(a)
(b)
(c)

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(iv) अभिक्रिया SN1 क्रियाविधि का अनुसरण करती है।


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