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मैंने समझा मधुबन पाठ से

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प्रश्न

मैंने समझा मधुबन पाठ से 

लघु उत्तरीय
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उत्तर

इस पाठ के माध्यम से मैंने प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. रामकुमार वर्मा के जीवन से संबंधित जानकारी प्राप्त की। उनकी काव्य रचना की प्रेरणा के बारे में जाना; साहित्य के प्रति उनके जीवन के लौकिक व पारलौकिक प्रेम तथा देश की राजनीति में उनकी रुचि आदि के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।

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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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अध्याय 1.5: मधुबन - उपयोजित लेखन [पृष्ठ १३]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 8 Maharashtra State Board
अध्याय 1.5 मधुबन
उपयोजित लेखन | Q 2 | पृष्ठ १३

संबंधित प्रश्न

किसी गायक/गायिका की सचित्र जानकारी लिखो।


यदि प्राकृतिक संसाधन समाप्त हो जाएँ तो...... जैसे - जल, वन आदि।


स्‍वामी विवेकानंद का कोई भाषण पढ़ो और प्रमुख वाक्‍य बताओ।


गणतंत्र दिवस पर सम्मानित बच्चों के बहादुरी के प्रसंग पढ़ो और पसंदीदा किसी एक का वर्णन करो।


यदि तुम पशु-पक्षियों की बोलियाँ समझ पाते तो ..... 


‘अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत’ पर आधारित कोई कहानी सुनाओ।


हमें सदैव प्रसन्न रहना चाहिए।


संत तुकाराम के अभंग पढ़ाे और गाओ।


।। जननी-जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी ।।


भारतीय स्थानीय समय के अनुसार देश-विदेश के समय की तालिका बनाओ।


।। करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान ।।


अंधश्रद्‌धा के कारण और उसे दूर करने के उपाय ढूँढ़ो और किसी एक प्रसंग को प्रस्तुत करो।


बस/रेल स्थानक की सूचनाऍं ध्यानपूर्वक सुनकर सुनाओ।


मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:


मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो :


एक महीने की दिनदर्शिका बनाओ और विशेष दिन बताओ।


आप तरुण वैश्य/तरुणा वैश्य हैं। आप बी. एड कर चुके हैं। आपको विवेक इंटरनेशनल स्कूल, अ ब स नगर में हिंदी अध्यापक/अध्यापिका पद के लिए आवेदन करना है। इसके लिए आप अपना एक संक्षिप्त स्ववृत्त (बायोडाटा) लगभग 80 शब्दों में तैयार कीजिए।


निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर इसपर आधारित ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए. जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों:

“कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए ‘असंभव’, ‘गंदा’ या ‘नीचा’ शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।” ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।” मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और ‘निर्मल हृदय’ जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं।

‘मैं पंछी बोल रहा हूँ ...’ विषय पर निबंध लिखिए।


Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:

नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।

आपकी दादी एक लम्बी बीमारी के बाद अभी-अभी स्वस्थ हुई थीं। आप उन्हें घुमाने के लिए किसी प्रसिद्ध स्थल पर ले गए। वहाँ अचानक एक ऐसी घटना घटी जिससे आप बुरी तरह से घबरा गए लेकिन आपकी दादी की हिम्मत और सूझ-बूझ के कारण आप उस मुसीबत से बाहर निकले और सकुशल घर वापस आ गए। विस्तारपुर्वक अपने अनुभव का वर्णन कीजिए।


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