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मैंने समझा खेती से आई तब्‍दीलियाँ पाठ से

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प्रश्न

मैंने समझा खेती से आई तब्‍दीलियाँ पाठ से 

अति संक्षिप्त उत्तर
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उत्तर

आदिम अवस्था से आगे बढ़कर खेती के माध्यम से हुए मानवीय सभ्यता के क्रमिक विकास को जानने के साथ ही अमीर-गरीब के मानदंड एवं बचत प्रणाली के बारे में समझा।

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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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अध्याय 2.5: खेती से आई तब्‍दीलियाँ - उपयोजित लेखन [पृष्ठ ३८]

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बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 8 Maharashtra State Board
अध्याय 2.5 खेती से आई तब्‍दीलियाँ
उपयोजित लेखन | Q (२) | पृष्ठ ३८

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मैंने समझा लकड़हारा और वन पाठ से 


निम्नलिखित शब्दों के आधार पर एक कहानी लिखो: पानी, पुस्तक, बिल्ली, राखी।




।। जीवन चलता ही रहता।।


।। सत्यमेव जयते ।।



चित्रवाचन करके अपने शब्दों में कहानी लिखो और उचित शीर्षक बताओ। अंतिम चित्र में दोनों ने एक-दूसरे से क्या कहा होगा? लिखो:


बड़े होकर क्या बनना चाहते हो?


अपने परिवार से संबंधित कोई संस्मरण लिखो।


यदि पानी की टोंटी बाेलने लगी........


।। सौर ऊर्जा, अक्षय ऊर्जा ।।


अपने परिवार का वंश वृक्ष तैयार करो और रिश्ते-नातों के नाम लिखो।


किसी एक संस्मरणीय घटना का वर्णन करो।


देशभक्ति पर आधारित कविता सुनो और सुनाओ।


‘मैं पंछी बोल रहा हूँ ...’ विषय पर निबंध लिखिए।


Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:

नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो। 

पहले अपने गली-मोहल्ले की दुकानों से खरीदारी की जाती थी। पर अब 'ऑनलाइन' खरीदारी का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। इस परिवर्तन का समाज पर क्या प्रभाव पड़ रहा हैं? समझाकर लिखिए।


निम्नलिखित वाक्य से अंत करते हुए एक कहानी लिखिए:

'.....और मैं चाह कर भी उस कारुणिक दृश्य को भुला नहीं पाया, पायी'।


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